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दबंगों की फायरिंग से बच्चों सहित 8 घायल, 3 रिफर किये गए

फर्रुखाबाद: कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम गोन सहाय ग्राम पंचायत नगरिया में दबंगों ने दुश्मनों को मार डालने के लिए धुआंधार फायरिंग की| गोली लगने से बच्चों सहित ८ लोग घायल हो गए| घायलों को लोहिया अस्पताल ले जाया गया|

संजू यादव ने गाँव के रामबाबू के गेंहूं के खेत से पहले खाली और बाद में आलू से भरा ट्रैक्टर निकाला| रामबाबू इसी बात की शिकायत करने संजू के घर गए तो वहां विवाद होने पर संजू ने अपने पिता की दोनाली बन्दूक, बलवीर सिंह ने अधिया बन्दूक व रनवीर सिंह ने तमंचे से दर्जनों फायर किये|

गोली लगने से रामबाबू का बेटा सुनील, छोटा भाई प्रमोद तथा भतीजा ब्रजेश के अलावा जयवीर सिंह का ११ वर्षीय पुत्र आलोक, कलट्टर सिंह का १२ वर्षीय पुत्र राजू, जमादार सिंह की ४५ वर्षीय पत्नी अन्नपूर्णा, ५० वर्षीय धर्मवीर कठेरिया, कलट्टर सिंह की ४० वर्षीय पत्नी अमरा देवी घायल हो गईं| पुलिस ने घायलों को लोहिया अस्पताल पहुंचाया|

दलित धर्मवीर अपने खेत में आलू की छटाई कर रहा था जबकि अन्य घायल अपने दरबाजों पर खड़े थे| हालत गंभीर होने के कारण अन्नपूर्णा, प्रमोद व सुनील को रिफर कराकर बाहर ले जाया गया|

पुलिस अधीक्षक ओपी सागर ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेजी गयी है|

कांशीराम योजना: नगला पीतम के निवासियों के भाग्य खुले

फर्रुखाबाद, शासन के निर्देशानुसार शहर की एक दलित बहुल बस्ती का चयन मान्यवर कांशीराम शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना के अंतर्गत किया जाना था। इसके लिये फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला पीतम का चयन किया गया है। अपर जिलाधिकारी सुशील चंद्र ने बताया कि नगला पीतम में शत प्रतिशत दलित आबादी हैं। चयन के क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी रिग्जिन सैम्फेल ने योजना से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बस्ती का दौरा कर नागरिकों की समस्यायें सुनीं। भ्रमण के उपरांत उन्होंने बस्ती में ही चौपाल लगाकर नागरिकों से वार्ता की। इस दौरान एक महिला बबली जाटव ने बताया कि कई लोगों ने सार्वजनिक हेण्डपंप बाउंड्री बनाकर अपने घरों के अंदर कर लिये हैं। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को ऐसे सभी हेण्डपंप निजी अधिपत्य से मुक्त कराने के निर्देश दिये।

चयनित बस्ती में सी.सी. रोड, विद्युतीकरण, आवास, पेयजल, जलनिकासी, स्वास्थ्य सेवायें, सफाई, रोजगार सृजन, पेंशन आदि योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाना है। जिलाधिकारी के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सीडीओ सशील चंद्र श्रीवास्तव,एडीएम सुशील चंद्र,एसडीएम रविंद्र कुमार, सीएमओ पीके पोरवाल, डीडीओ अशोक कुमार सिंह चंद्रौल, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रामअनुराग वर्मा, एसडीओ हाइडिल, पीओ डूडा जेडए खान, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, आशाराम, एमएलसी सतीश जाटव, बुद्धसेन, विनोद कुमार, अभिलाष जाटव, गेंदालाल सभासद, राकेश फौजी सागर आदि मौजूद रहे।

दो करोड़ के गबन के आरोपी लिपिक को नहीं जानते पोस्ट मास्ट जनरल

फर्रुखाबाद, डाक विभाग में गरीब जनता के किसान विकास पत्रों के रुप में की गयी छोटी-छोटी बचत के लगभग दो करोड़ रुपये के गबन के आरोपी लिपिक को अब विभाग के आला अधिकारी भी भुला चुके है। लिपिक की पत्नी के नाम संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी विभाग ने तब शुरू की जब केस ‘कालातीत’ हो चुका है। हद तो यह है कि कानपुर मंडल के अधिकारी पोस्ट मास्टर जनरल राम भरोसा भी इस विषय में कुछ नहीं जानते।
लगभग पांच वर्ष पूर्व डाक विभाग में गरीब जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदे गये किसान विकास पत्रों का फर्जी ढंग से एक लिपिक ने लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान निकाल लिया और विभाग को खबर भी नहीं हुई। जब तक लोगों को भनक लगती और कार्रवाई होती करोड़पति लिपिक अपनी पत्नी के नाम पर सम्पत्ति खरीद कर पैसा सुरक्षित कर चुका था। मामला लंबा होने के कारण सीबीआई को संदर्भित कर दिया गया। विभाग ने लिपिक के नाप पर लगभग एक लाख रुपये की संपत्ति की कुर्की भी कर ली परंतु पत्नी के नाम पर खरीदी गयी समपत्ति की कुर्की का खयाल विभाग को तब आया जब मामला पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद कालातीत हो चुका है। इसमें विभागीय अधिकारियो की मिली भगत नहीं तो लापरवाही से तो इनकार नही ही किया जा सकता। परंतु विभाग सरकारी धन का गबन करने वालों को सजा दिलाने और जनता की खून पसीने की कमाई को वापस लाने के लिये कितना सजग है कि इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि कानपुर मंडल के पोस्ट मास्टर जनरल राम भरोसा को प्रगति तो दूर प्रकरण तक से अनभिज्ञ नजर आये। जेएनआई द्वारा मामला उठये जाने पर डाक अधीक्षक एसआर पाल ने पहले तो पीएमजी को उच्च न्यायाल के स्थगन आदेश की घुट्टी पिलाने का प्रयास किय परंतु बाद में बताया विभाग इस दिशा में प्रयासरत है।


ग्रामीण बैंकिग प्रणाली से दहशत में है डाक विभाग

फर्रुखाबाद, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा दो हजार तक की आबादी वाले ग्रामों में बैंक शाखायें खोले जाने की घोषणा के बाद से डाक विभाग के अधिकारी दहशत में है। दौरे पर आये पोस्ट मास्टर जनरल राम भरोसा ने मंगलवार को यहां नवभारत सभा भवन में जनपद फर्रुखाबाद व कन्नौज के शाखा डाकपालों की बैठक के दौरान प्रतियोगता में पिछड़ने पर विभाग के ही आस्तित्व को खतरे में बताया।
श्री भरोसा ने कहा कि अब समय आ गया है कि आपको घर घर जाकर अपनी सेवाओं के विषय में लोगों को बतायें और उनको अपने उत्पाद बेचें, तभी विभाग का आस्तित्व बचा रह सकेगा अन्यथा बैंकों की प्रतियोगिता में आप पिछड़ जायेंगे।

घरेलू कलह के कारण दलित महिला ने जान दी

फर्रुखाबाद: थाना कम्पिल के ग्राम सिवारा निवासी दलित नेत्रपाल जाटव की पत्नी ऊषा ने घर में ही रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी|

बताया गया कि घरेलू कलह के कारण ३५ वर्षीय ऊषा काफी परेशान थी| वह गले में रस्सी का फंदा डालकर लटक गई|
महिला अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गई है| पुलिस का कहना है कि विक्षिप्त होने के कारण महिला ने फांसी लगाई है|

नगर पालिका ने ध्यान नहीं दिया तो करेंगे अनशन

फर्रुखाबाद: मुंशी प्रेमचंद वार्ड के निवासी नगर पालिका से इतने तंग आ चुके हैं की अब वे नगर पालिका के खिलाफ अनशन करने की योजना बना रहे हैं| वार्ड नम्बर ५ को मुंशी प्रेमचंद वार्ड कहा जाता है इसके अंतर्गत केशव नगर, बगिया चौरासी के आलावा नेकपुर चौरासी का अधिकांश भाग लगता है|

केशव नगर निवासी वीरेन्द्र मिश्र, राजेन्द्र त्रिपाठी, कमलेश पाठक, नरेन्द्र सिंह सोलंकी, राम ओतार पाठक व कमलाकरण मिश्र आदि ने jni को बताया कि इस मोहल्ले कि सबसे बड़ी समस्या जल भराव कि है, यहाँ रेलवे क्रोसिंग से लेकर बगिया चौरासी तक बरसात में पूरे रोड पर पानी भर जाता है जो कई कई दिनों तक सूखता नहीं है जिससे बहार आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है| नगर पालिका द्वारा इस ओर यदि कोई ध्यान नहीं दिया गया तो हम लोग अनशन करके सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देंगे|

केशव नगर के निवासी लोगों ने पानी कि टंकी के बारे में बताते हुए कहा कि यह टंकी ४ वर्ष से बनी खड़ी है लेकिन यह सफेद हाथी साबित हो रही है| टंकी निर्माण को इतना समय बीत जाने के बावजूद भी इससे पानी कि सप्लाई क्यों नहीं कि जा रही है? अगर पानी कि सप्लाई नहीं देनी थी तो इसे बनवाया क्यों गया? हम लोगों को पानी को लेकर बहुत परेशानी उठानी पड़ती है जबकि गर के सामने टंकी बनी खड़ी है|

पूर्व सांसद के शिक्षक पुत्र सहित तीन के विरुद्ध रिपोर्ट

फर्रुखाबाद, बोर्ड परीक्षा से नदारद शिक्षकों के मामले में सम्बंधित परीक्षा केंद्र स्टेटिक मजिस्ट्रेट्स ने तीन परिषदीय शिक्षकों के विरुद्ध जिला विद्यालय निरीक्षक को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इनमें से एक पूर्व सांसद के पुत्र भी नाम है।

विदित है कि बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर तैनात अध्यापकों के न पहुंचने के करण केंद्र व्यवस्थापकों व केंद्रों पर तैनात स्टैटिक मजिस्ट्रेट्स को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षा केंद्रों से रिपोर्ट मांगी थी। इस सम्बंध में राष्ट्रीय विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आर्यनगर खलवारा पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिहला समंवयक सर्व शिक्षा अभियान एसएन मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा हैं कि प्राथमिक पाठशाला कुतुबुद्दीनपुर के सहायक अध्यापक विनोद कुमार व प्राथमिक विद्यालय नगला चंपत के सहायक अध्यापक मोहन यादव परीक्षा ड्यूटी से लगातार गायब चल रहे हैं। मोहन यादव पूर्व सांसद छोटै सिंह यादव के पुत्र हैं। इसी प्रकार भारतीय विद्यालय इंटर कालेज महेशनगर मोहम्मदाबाद के केंद्र व्यवस्थापक ने अनुपस्थित चल रही शिक्षिका सविता सहायक अध्यापक पट्टी खुर्द के विषय में आज तक एक भी परीक्षा में ड्यूटी न करने की रिपोर्ट दी है।

अस्पताल वालों ने की लोहिया अस्पताल में घायल के तीमारदारों की पिटाई

फर्रुखाबाद: लोहिया अस्पताल में भी गुंडागर्दी करने वालों की कमी नहीं है| अस्पताल के कर्मचारी के परिजनों ने घायल मरीज के तीमारदारों की जमकर पिटाई कर दी जिससे वह भयभीत होकर मरीज को लेकर अस्पताल से ही चले गए|

थाना मऊदरवाजा के ग्राम समशेर नगर निवासी जगन्नाथ लोधे राजपूत आज दोपहर बाद अपने ३० वर्षीय घायल पुत्र शेरसिंह को स्ट्रेचर पर लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे तब अस्पताल के कर्मचारियों की गुंडागर्दी का खुलासा हुआ|

शेरसिंह बीते दिन प्रातः १० बजे हथियापुर बाजार में सामान खरीद रहा था उसी समय कायमगंज की ओर से आये अपाचे मोटर साइकिल नंबर यूपी ७६ जे / ७३७१ के चालक ने उसके जोरदार टक्कर मार दी| जिससे शेरसिंह के पैर की हड्डी टूट गयी|

लोगों ने बाइक चालक को मौके पर ही पकड़ लिया दुर्घटना में उसके भी मामूली चोट लग गयी थी| जगन्नाथ अपने घायल बेटे को कार से लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे| लोगों ने दुर्घटना करने वाले युवक अनूप को भी कार में बिठा दिया कि इसे भी यहाँ से ले जाओ कहीं गुस्से में और कोई पिटाई न कर दे|

अनूप ने बताया था कि वह लोहिया अस्पताल परिसर की कालोनी में ही रहता है उसके पिता सोबरन सिंह अस्पताल में ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं| लोहिया अस्पताल पहुँचने पर अनूप ने मोबाइल फोन से अपने साथियों को बंधक बना लिए जाने की झूंठी जानकारी देकर कई लोगों को अस्पताल में बुला लिया| जिन्होंने जगन्नाथ, राजू व ड्राईवर राजेश आदि कई लोगों की जमकर पिटाई की और अनूप को छुड़ा ले गए|

अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ पीएस शर्मा ने बताया कि लिखित शिकायत मिलने पर कर्मचारी व उनके परिजनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी|

नहीं कर पाए चक्का जाम: पूर्व विधायक सहित 60 भाजपाई गिरफ्तार

फर्रुखाबाद: प्रदेश व केंद्र सरकार की समाज विरोधी नीतियों से गुस्साए भारतीय जनता पार्टी के नेता आज चक्का जाम करने के लिए सड़कों पर उतरे| धरना देते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया|

भाजपा के पूर्व विधायक एवं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील शाक्य, प्रति के जिलाध्यक्ष डॉ भूदेव राजपूत, प्रियांशु दत्त द्विवेदी, सत्यपाल सिंह, प्रो० मुकेश राठौर, शैलेन्द्र सिंह राठौर, दिनेश कटियार, विमल कटियार, रवींद्र सिंह गुड्डे, आदित्य मिश्रा, भाजयूमो के जिलाध्यक्ष आशुतोष अवस्थी आदि करीब तीन दर्जन कार्यकर्ता लालगेट पर एकत्र हुए|

चक्का जाम करने के लिए भाजपा नेता सड़क पर बैठ गए| इस दौरान पूर्व विधायक सुशील शाक्य की इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार से कहासुनी हुई| इंस्पेक्टर ने वाहन में बिठालने के लिए श्री शाक्य का हनथ पकड़ा इसी बात पर श्री शाक्य ने झटका देकर हाँथ छुड़ा लिया और बोले तुम हाँथ क्यों लगा रहे हो| अन्य कार्यकर्ताओं ने भी श्री शाक्य का हाँथ पकड़ने का पुलिस से विरोध जाहिर किया|

धरना देने को लेकर प्रियांशु दत्त द्विवेदी की सीओ सिटी से कहासुनी हुई| भाजपाईयों ने मुख्यमंत्री मायावती मुर्दाबाद, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए| बाद में पुलिस ने दवाव बनाकर कार्यकर्ताओं को पकड़कर वहां खड़ी बस में बिठाया| बड़े नेता स्वयं बस में सवार हो गए|

पुलिस ने बढपुर मंदिर के पास भाजपा के प्रदेश मंत्री मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष मानसिंह पाल आदि नेताओं को भी गिरफ्तार कर लिया| पकडे गए लोगों को पुलिस लाइन ले जाकर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गयी| भाजपा नेता विमल कटियार ने बताया कि 60 लोगों की गिरफ्तारी हुयी है| गिरफ्तार सभी लोगों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया|

लालगेट पर भाजपाईयों को गिरफ्तार करने के लिए एसडीएम रवींद्र वर्मा, सीपी उपाध्याय, सीओ सिटी डीके सिसोदिया, सीओ मोहम्दाबाद बीके शर्मा आदि मौजूद रहे|

कोटेदारों और प्रधानों के चायपानी पर 36 हजार खर्च

*नये प्रधानों और पुराने कोटेदारों के बीच नोक-झोंक
फर्रुखाबाद, प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम प्रधानों और कोटेदारों को विभागीय नियमों की जानकारी देने के लिये तहसीलवार कार्यशालाओं के आयोजन के लिये 36 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया था। तहसील सदर की सोमवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रधानों और कोटेदारों के बीच कई बार नोंक-झोंक भी हुई।
नगर क्षेत्र की सीमा से सटी अर्रापहाड़पुर फल मंडी में सोमवार को कोटेदारों व प्रधानों की एक कार्यशाला का आयोजन पूर्ती विभाग की ओर से किया गया। इस कार्यशाला के दौरान एसडीएम सदर अनिल ढींगरा ने कोटेदारों को विपणन गोदाम से उठान करते समय खाद्यान्न की गुणवत्ता परखलेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि खाद्यान्न खराब हो तो उठान कदापि न करें। वितरण के विषय में भी उन्होंने पारदर्शिता और ईमानदारी बरतने की सलाह दी। इस दौरान कुछ नये प्रधानों ने कोटेदारों की कार्यप्रणाली के विषय में असंतोष जताया। वितरण में मनमानी की शिकायतें भी की गयी। कोटेदारों ने भी प्रधानों पर अनुचित दबाव बनाये जाने के आरोप जड़े। एसडीएम ने कहा कि वितरण के लिये अधिकारियों की नियुक्त हर माह की जाती है। ग्राम प्रधान भी वितरण दिवस पर राशन दुकान पर मौजूद रहकर अपने सामने वितरण करा सकते है। फिर भी यदि कोई शिकायत होती है तो कार्रवाई की जायेगी। विदित है कि कार्यशालओं के लिये कुल मिले 36 हजार में से 16 हजार कायमगंज को, 15 हजार तहसील सदर को और 5 हजार अमृतपुर तहसील को दिये गये हैं।

वृद्ध पति-पत्ती दोनों को मिलेगी पेंशन

फर्रुखाबाद, जिलाधिकारी रिग्जिन सैम्फेल ने बताया कि बृद्धावस्था पेंशन पति.पत्नी दोनों को मिल सकती है। इसके लिये लाभार्थी का निराश्रित होना आवश्यक नहीं है।
श्री सैम्फेल ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन के लिये पात्रता ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल सूची में नाम सम्मिलित होना और नगर क्षेत्र में बीपीएल कार्ड धारक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि पति व पत्नी दोनों पात्रता की सूची में आते हैं तो दोनों को पेंशन दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिये लाभार्थी का निराश्रित होना भी आवश्यक नहीं है। विदित है कि अनेक मामलों में कर्मचारी लाभार्थियों को इस लिये टरखा देते हैं कि उनके बालिग पुत्र या पति जीवित है।