कोटेदारों और प्रधानों के चायपानी पर 36 हजार खर्च

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*नये प्रधानों और पुराने कोटेदारों के बीच नोक-झोंक
फर्रुखाबाद, प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम प्रधानों और कोटेदारों को विभागीय नियमों की जानकारी देने के लिये तहसीलवार कार्यशालाओं के आयोजन के लिये 36 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया था। तहसील सदर की सोमवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रधानों और कोटेदारों के बीच कई बार नोंक-झोंक भी हुई।
नगर क्षेत्र की सीमा से सटी अर्रापहाड़पुर फल मंडी में सोमवार को कोटेदारों व प्रधानों की एक कार्यशाला का आयोजन पूर्ती विभाग की ओर से किया गया। इस कार्यशाला के दौरान एसडीएम सदर अनिल ढींगरा ने कोटेदारों को विपणन गोदाम से उठान करते समय खाद्यान्न की गुणवत्ता परखलेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि खाद्यान्न खराब हो तो उठान कदापि न करें। वितरण के विषय में भी उन्होंने पारदर्शिता और ईमानदारी बरतने की सलाह दी। इस दौरान कुछ नये प्रधानों ने कोटेदारों की कार्यप्रणाली के विषय में असंतोष जताया। वितरण में मनमानी की शिकायतें भी की गयी। कोटेदारों ने भी प्रधानों पर अनुचित दबाव बनाये जाने के आरोप जड़े। एसडीएम ने कहा कि वितरण के लिये अधिकारियों की नियुक्त हर माह की जाती है। ग्राम प्रधान भी वितरण दिवस पर राशन दुकान पर मौजूद रहकर अपने सामने वितरण करा सकते है। फिर भी यदि कोई शिकायत होती है तो कार्रवाई की जायेगी। विदित है कि कार्यशालओं के लिये कुल मिले 36 हजार में से 16 हजार कायमगंज को, 15 हजार तहसील सदर को और 5 हजार अमृतपुर तहसील को दिये गये हैं।

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