फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शहर के रोडवेज बस स्टॉप पर यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लगातार दूसरे दिन एक महिला का बैग चोरी होने से हड़कंप मच गया। बैग में लाखों रुपये के जेवरात और जरूरी सामान रखा था। जानकारी के मुताबिक सोनी पत्नी शिवम और सुनीता पत्नी पवन अपने बच्चों उत्कर्ष व आशीष के साथ शाहजहांपुर जिले के कादर जलालाबाद में एक शादी में शामिल होने जा रही थीं।
मोहम्मदाबाद से फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद वे रोडवेज बस में सवार हुईं। इसी दौरान महिला ने बैग सीट के ऊपर रखा, लेकिन कुछ देर बाद वह गायब मिला। पीड़िता के अनुसार बैग में करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवरात, कपड़े और अन्य सामान था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि देर शाम तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।गौरतलब है कि एक दिन पहले भी
इसी बस स्टॉप पर महिला के बैग से जेवरात चोरी हुए थे, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। लगातार हो रही घटनाओं से यात्रियों में दहशत है। लोगों ने बस स्टॉप पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। चौकी प्रभारी रोडबेज कपिल कुमार नें बताया की वह होमगार्ड परीक्षा डियूटी में हैं, वह मौके पर आकर जाँच करेंगे|
रोडवेज बस अड्डे पर दूसरी वारदात, महिला का बैग चोरी, लाखों के जेवरात पार
महिला सम्मेलन में विपक्ष पर हमला, पुतला दहन कर जताया आक्रोश
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शहर के आवास विकास स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में बड़ा अधिकार देने वाला था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। इस दौरान डिंपल यादव और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा गया।
कार्यक्रम में डॉ. मिथिलेश अग्रवाल, बबीता पाठक व रश्मि दुबे सहित कई वक्ताओं ने विपक्ष के रुख को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। कार्यक्रम के बाद महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव व डिंपल यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग, तहसील स्तर पर सौंपा गया ज्ञापन
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) गौ माता के सम्मान में सोमवार को देशभर के साथ-साथ फर्रुखाबाद तहसील में भी गौ सेवकों ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा। साधु-संतों के आवाहन पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत तहसील स्तर पर एक ही समय पर ज्ञापन देने का कार्य किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह गौ सेवक तहसील सदर पहुंचे और तहसीलदार सदर सनी कन्नौजिया को प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने तथा गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई।
गौ सेवकों का कहना था कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसे राष्ट्र माता घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू करने की भी मांग की।
इस मौके पर सचिन शर्मा, रोहित राठौर, सौरभ मिश्रा, दीपक शर्मा, रितेश, प्रयांशु कश्यप, हिमांशु गुप्ता, शिवम् गुप्ता, नरेंद्र राठौर, साहिल मिश्रा, विमलेश मिश्रा सहित लगभग आधा सैकड़ा गौ सेवक मौजूद रहे।
तालाब में डूबने से युवक की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
फर्रुखाबाद:(कमालगंज संवाददाता) थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया देवधरापुर में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति की तालाब में डूबने से जान चली गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय आदेश पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में हुई है। उनका शव गांव के तालाब से बाहर निकाला गया। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है।
मृतक आदेश खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी सीमा, मां रमा देवी और चार छोटे बच्चे 8वर्षीय मनीष,6 वर्षीय नैतिक, 4 वर्षीय आयुष व 3 वर्षीय विमान हैं। घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है और सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार वालों का आरोप है कि आदेश का गांव के इंद्रपाल से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान इंद्रपाल ने कथित तौर पर उसे तालाब में धक्का दे दिया, जिससे वह पानी में डूब गया और उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर तलाश शुरू कराई और कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से भी इनकार कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुबह से लेकर दोपहर तक शव घटनास्थल पर ही रखा रहा।
पुलिस ने परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कमालगंज थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है|
हाई-वे पर टैम्पो व ट्रक की भिड़ंत, मासूम सहित तीन की मौत, आधा दर्जन घायल
फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) फर्रुखाबाद में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को झकझोर दिया। इटावा-बरेली हाईवे पर जमापुर मोड़ के समीप डीसीएम ट्रक और सवारियों से भरे ऑटो के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, दोपहर एक ऑटो फर्रुखाबाद से शाहजहांपुर की ओर जा रहा था, जिसमें निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक लोग बैठे हुए थे। जैसे ही ऑटो जमापुर मोड़ के पास समृद्धि कोल्ड स्टोरेज के निकट पहुंचा, तभी सामने से आ रहे डीसीएम ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक दंपती और 16 महीने के मासूम बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य सवारियां घायल हो गईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकालकर सीएचसी राजेपुर व लोहिया अस्पताल भिजवाया। दुर्घटना के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन और लोडर की सहायता से वाहनों को हटाकर खुलवाया।
बताया जा रहा है कि कमालगंज क्षेत्र के हव्वापुर गांव निवासी रामकरन अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ शाहजहांपुर जिले के अल्लापुर क्षेत्र स्थित मनिहार गांव जा रहे थे। ऑटो को उसी गांव का दिलीप कुमार चला रहा था। वाहन में रामकरन, उनकी पत्नी पुष्पा, उनका 16 माह का पुत्र युवराज, अंशू, उसकी पत्नी बिट्टा, चार साल का राज, दिलीप, पवन, नन्हीं, रमेश चंद्र, सतेंद्र और उसकी पत्नी तनू सहित कई लोग सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमापुर मोड़ पार करते समय चालक ने ऑटो को गलत दिशा में मोड़ दिया, जिससे सामने से आ रहे ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। इस हादसे में सतेंद्र कुमार, उनकी पत्नी तनू और मासूम युवराज की मौत हो गई। अन्य घायलों का उपचार राजेपुर सीएचसी और लोहिया अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल पुष्पा देवी और नन्हीं को बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
कान्हा गौशाला में अव्यवस्थाओं पर डीएम सख्त, ईओ व एई का वेतन रोकने के निर्देश
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरों) जनपद में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सकबाई स्थित कान्हा गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में 461 गौवंश पशुगणना रजिस्टर में दर्ज हैं। यहां 15 केयर टेकर तैनात हैं, जिनमें से 11 मौके पर उपस्थित मिले, जबकि 4 अवकाश पर थे। हालांकि स्टॉक, टैगिंग, चिकित्सा, निरीक्षण और वैक्सीनेशन रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी सही ढंग से कार्यरत नहीं मिले।निरीक्षण के समय नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। नगर पालिका के सहायक अभियंता विशाल सिंह भी अपेक्षित जानकारी देने में असमर्थ पाए गए, जिस पर उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।गौशाला में पेयजल व्यवस्था के लिए दो समर उपकरण उपलब्ध मिले, जबकि दो पानी की टंकियां निर्माणाधीन पाई गईं। केयर टेकरों ने बताया कि गौवंश को प्रतिदिन दो समय भूसा और करीब 40 कुंतल हरा चारा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केयर टेकरों की ड्यूटी दिन और रात की शिफ्ट में व्यवस्थित की जाए, भूसा व दाने का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए और गौवंश को पर्याप्त हरा चारा दिया जाए। सभी रजिस्टर अद्यतन रखे जाएं और निरीक्षण के समय उपलब्ध कराए जाएं।इसके अलावा गौशाला परिसर में व्यापक वृक्षारोपण कराने, सीसीटीवी कैमरों को तत्काल ठीक कराने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जाए, ताकि गौवंश के संरक्षण में कोई कमी न रहे।
हर घर नल-हर घर जल योजना का असर दिखा, महिलाओं को मिली राहत
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल–हर घर जल’ योजना के प्रभाव का आकलन करने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के समाज कार्य विभाग द्वारा ग्राम हरसिंहपुर गहलवार में सर्वेक्षण किया गया।सर्वेक्षण में सामने आया कि गांव में नल कनेक्शन के माध्यम से घरों तक पानी की उपलब्धता में
सुधार हुआ है। पहले की तुलना में लोगों को पानी लाने में कम समय और श्रम लग रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिससे वे अब अन्य घरेलू कार्यों में अधिक समय दे पा रही हैं। साथ ही कई
परिवारों में स्वच्छ पेयजल के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।हालांकि अध्ययन के दौरान कुछ कमियां भी सामने आईं। गांव के विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में अभी तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों और लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सर्दी के मौसम में जल आपूर्ति में अनियमितता भी देखी गई।सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि समुदाय में जल संरक्षण और स्वच्छ
पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूकता की कमी है, जिसके कारण जल प्रबंधन में चुनौतियां बनी हुई हैं। टीम ने सुझाव दिया कि विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सर्दी के मौसम में वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई, ताकि योजना का लाभ सभी तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। इस सर्वेक्षण में मुख्य सर्वेक्षक डॉ. किरण झा एवं जूनियर इंजीनियर जल निगम अखिलेश कुमार के साथ सह-सर्वेक्षक के रूप में डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा, डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. उर्वशी सिंह, बुसरा बरकाती, सुजीत सिंह, अभय प्रताप सिंह, आर्यन सचान, बृजेश कुमार, शिप्रा द्विवेदी, तान्या त्रिवेदी एवं स्नेहा दुबे शामिल रहे।
पांचाल घाट गंगा पुल पर खतरनाक गड्ढे, रोज़ाना हादसे, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ा खतरा
फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) जनपद के पांचाल घाट गंगा पुल पर इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। पुल के कई जॉइंट खुल जाने से जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण संतुलन खोकर गिर रहे हैं और घायल हो रहे हैं।स्थानीय लोगों के
अनुसार, करीब छह माह पहले रामनगरिया मेले से पहले पुल की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन इतने कम समय में ही पुल की स्थिति फिर से जर्जर हो गई। गड्ढों की गहराई इतनी अधिक है कि बाइक और साइकिल सवारों के लिए यह पुल जानलेवा साबित हो रहा है।लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों की संख्या में राहगीर इस पुल से गुजरते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए न तो कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही मरम्मत की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे
हैं।इसी बीच पड़ोसी जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की चर्चा है। एक ओर बड़े विकास कार्यों का उद्घाटन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर फर्रुखाबाद में बुनियादी ढांचे की अनदेखी आम लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तत्काल मरम्मत कराई जाए और गड्ढों को भरवाकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करते हैं।
कड़ी निगरानी में होमगार्ड भर्ती परीक्षा, डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का भ्रमण कर परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 240 के सापेक्ष 175 तथा राजकीय पॉलीटेक्निक में 240 के सापेक्ष 173 परीक्षार्थी उपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों तथा ड्यूटी में लगे पुलिस बल को निर्देश दिए कि परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया और बैठने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनपद के कुल 19 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक संचालित हो रही है। प्रत्येक पाली में 7104 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनके लिए सभी केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही, प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट व एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर सतत निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मचारियों व पुलिस बल को निर्देशित किया कि वे शासनादेश के अनुरूप पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण रखने के भी निर्देश दिए गए। जनपद प्रशासन की सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सकुशल संपन्न कराई जा रही है।
निर्माणाधीन पारेषण केंद्र का डीएम ने किया निरीक्षण, मई तक पूर्ण करने के निर्देश
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के उखरा स्थित निर्माणाधीन 400/220/132 केवी विद्युत पारेषण केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 926.77 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का
उन्होंने गहनता से अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता (पारेषण) ने बताया कि केंद्र में 400 केवी की दो विद्युत लाइनें बदायूं से तथा दो लाइनें उरई (जनपद जालौन) से जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ था, जिसमें 400 केवी स्तर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 220 केवी एवं 132 केवी स्तर के लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं।
शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद फर्रूखाबाद और कन्नौज जनपद में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा और क्षेत्र में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



