फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल–हर घर जल’ योजना के प्रभाव का आकलन करने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के समाज कार्य विभाग द्वारा ग्राम हरसिंहपुर गहलवार में सर्वेक्षण किया गया।सर्वेक्षण में सामने आया कि गांव में नल कनेक्शन के माध्यम से घरों तक पानी की उपलब्धता में
सुधार हुआ है। पहले की तुलना में लोगों को पानी लाने में कम समय और श्रम लग रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिससे वे अब अन्य घरेलू कार्यों में अधिक समय दे पा रही हैं। साथ ही कई परिवारों में स्वच्छ पेयजल के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।हालांकि अध्ययन के दौरान कुछ कमियां भी सामने आईं। गांव के विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में अभी तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों और लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सर्दी के मौसम में जल आपूर्ति में अनियमितता भी देखी गई।सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि समुदाय में जल संरक्षण और स्वच्छ
पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूकता की कमी है, जिसके कारण जल प्रबंधन में चुनौतियां बनी हुई हैं। टीम ने सुझाव दिया कि विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सर्दी के मौसम में वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई, ताकि योजना का लाभ सभी तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। इस सर्वेक्षण में मुख्य सर्वेक्षक डॉ. किरण झा एवं जूनियर इंजीनियर जल निगम अखिलेश कुमार के साथ सह-सर्वेक्षक के रूप में डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा, डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. उर्वशी सिंह, बुसरा बरकाती, सुजीत सिंह, अभय प्रताप सिंह, आर्यन सचान, बृजेश कुमार, शिप्रा द्विवेदी, तान्या त्रिवेदी एवं स्नेहा दुबे शामिल रहे।
हर घर नल-हर घर जल योजना का असर दिखा, महिलाओं को मिली राहत



