लखनऊ: उच्च न्यायालय मंगलवार को शैक्षिक पात्रता परीक्षा को लेकर दायर याचिकाओं पर फैसला दे सकती है। इसके लिए गठित पूर्णपीठ को मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर विचार करना है। पहला यह कि क्या सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए टीईटी अनिवार्य होनी चाहिए। दूसरा यह कि क्या एक से पांच तक की कक्षाओं के लिए बीएड अभ्यर्थियों को छह माह के प्रशिक्षण की शर्त पर नियुक्त किया जा सकता है।
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गौरतलब है कि इस मसले पर उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं लंबित हैं। इनको एक साथ सूची बद्ध करते हुए व्यवस्था देने के लिए पूर्ण पीठ के हवाले कर दिया गया था। पूर्णपीठ में न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी, न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल शामिल हैं।
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