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सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में सपाइयों ने दी तहरीर

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अखिलेश यादव के विरुद्ध सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना मऊदरवाजा पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग को लेकर तहरीर सौंपी।प्रदेश सचिव मंदीप यादव द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि 7 मई 2026 को उनके सोशल मीडिया अकाउंट (फेसबुक पेज) पर दिल्ली निवासी किशन कुमार नामक युवक ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी की थी। इसे लेकर फर्रुखाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।शिकायत में कहा गया कि इस प्रकार की अभद्र टिप्पणियां समाज में आपसी सौहार्द को बिगाड़ने का कार्य करती हैं। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव सदैव सामाजिक सद्भाव और स्वच्छ राजनीति के पक्षधर रहे हैं, जबकि कुछ लोग कुंठित मानसिकता के चलते समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास करते हैं।पार्टी नेताओं ने थाना अध्यक्ष से आरोपी किशन कुमार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग निंदनीय और दंडनीय है।इस दौरान पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, प्रदेश सचिव मंदीप यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजीव शाक्य, जिला उपाध्यक्ष शशांक सक्सेना, समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष रोमित सक्सेना, समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल यादव एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिले के केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के ठंडी सड़क स्थित आवास पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। संगठन ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना भी दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन में दवा व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही विभिन्न नियमों और धाराओं के नाम पर दवा विक्रेताओं का उत्पीड़न किए जाने का आरोप भी लगाया गया। व्यापारियों का कहना था कि कभी किसी धारा तो कभी जीआरएस जैसे प्रावधानों के जरिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता है, जिसे बंद किया जाना चाहिए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 20 मई को संगठन के बैनर तले देशभर में दवा कारोबार पूरी तरह बंद रखा जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष रविशंकर चौहान, मंत्री मनोज मिश्रा, रजनीश कटियार, मोहित चौहान, कुनाल चौहान, प्रशांत शाक्य, सूरज यादव, प्रदीप सिंह, अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

खबर का असर: बस अड्डे पर जलभराव ठीक करने की कार्यवाही शुरू

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) रोडवेज बस अड्डे के सामने जल भराव की समस्या को लेकर जेएनआई न्यूज ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था| जिससे कुछ घंटे बाद ही बस अड्डे पर अधिकारी पहुंचे और जल भराव की समस्या को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी | दरअसल 9 में को थाना कादरी गेट के लाल दरवाजे स्थित रोडवेज बस अड्डे के बाहर महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह वह परिवहन मंत्री की आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है लेकिन उसके बावजूद भी जरा सी बारिश में बस अड्डे के बाहर जल भराव देखने को मिला | खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी व नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंच गई और जमीन की ईंटों को उखाड़कर ऊंचाई बढ़ाने काम शुरू कर दिया गया जिससे जल भराव की समस्या से निजात मिल सके|

एसओजी प्रभारी सहित कई थाना प्रभारियों के तबादले

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर कई थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। थानाध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार का तबादला मोहम्मदाबाद थाने में किया गया है। वहीं सराह चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक नागेंद्र सिंह को नया थानाध्यक्ष राजेपुर बनाया गया है। उधर थानाध्यक्ष शमशाबाद उपनिरीक्षक रमेश सिंह को वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमृतपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन चौधरी को थानाध्यक्ष शमशाबाद नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इन तबादलों को कानून व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

खिमसेपुर में गंगा एक्सप्रेसवे लिंक को लेकर किसानों की आवाज बुलंद, डीएम नें ली बैठक

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) नवनिर्वाचित आदर्श नगर पंचायत खिमसेपुर में गंगा एक्सप्रेसवे लिंक के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों में भारी चिंता और आक्रोश देखने को मिल रहा है। उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण और कम सर्किल रेट तय किए जाने की आशंका से परेशान लगभग 200 से 250 किसान भाइयों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन गंगा एक्सप्रेसवे लिंक में जा रही है, जबकि मुआवजे के लिए निर्धारित सर्किल रेट बेहद कम हैं। इसको लेकर किसान लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार किसान यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया गया।गुरुवार 7 मई 2026 को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए खिमसेपुर में बैठक आयोजित की। बैठक में करीब 50 से 100 किसानों ने अपनी जमीन और मकानों से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।बैठक में एसडीएम सदर रजनीकांत, नगर पंचायत खिमसेपुर चेयरमैन पुष्पराज सिंह, कानूनगो, लेखपाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की ओर से शिव शंकर, राजू शर्मा, रमाकांत मिश्रा, अशोक अग्निहोत्री सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी बात रखी।नगला मान्धाता स्थित इंद्रेशा देवी हाई स्कूल इंटरमीडिएट की मैनेजर एवं प्रधानाचार्य अमन ने भी विद्यालय की भूमि प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालय की जमीन भी लिंक एक्सप्रेसवे की जद में आ रही है। वहीं इंद्रेश, उदयवीर और रामप्रकाश सहित अन्य ग्रामीणों ने लगभग 25 मकानों के प्रभावित होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों की सभी समस्याओं को नोट कर लिया गया है। निरीक्षण के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी और जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जब उनसे उपजाऊ भूमि के कम सर्किल रेट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस विषय पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

जनगणना-2027 की शुरुआत, डीएम ने खुद किया स्व-गणना पंजीकरण

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) फर्रुखाबाद में जनगणना-2027 की प्रक्रिया गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर जनपदवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। डीएम ने बताया कि नागरिक 21 मई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए जनगणना निदेशालय के पोर्टल पर जाकर मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। जो लोग स्वयं जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनके घर 22 मई से जनगणनाकर्मी पहुंचकर आंकड़े एकत्र करेंगे।स्व-गणना प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर, पता, गांव या शहर की जानकारी, मकान की स्थिति और परिवार से जुड़ी जानकारियां भरनी होंगी। साथ ही मानचित्र पर अपने घर का सही स्थान भी चिन्हित करना होगा। फार्म जमा होने के बाद नागरिकों को ‘H’ अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की पहचान संख्या मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा।डीएम ने बताया कि जनगणना फार्म में कुल 34 प्रश्न शामिल किए गए हैं। इनमें मकान, पेयजल, बिजली, शौचालय, गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर और वाहनों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। पहली बार परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना कार्य में सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत जानकारी देने या जनगणना में सहयोग न करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

लिंजीगंज गेट के पास चला बुलडोजर, पालिका ने हटवाया अतिक्रमण

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए गुरुवार को नगर पालिका ने बड़ा अभियान चलाया। थाना कादरी गेट और कोतवाली क्षेत्र के बीच स्थित लिंजीगंज बाजार के उत्तरी गेट के पास नगर पालिका की टीम पुलिस बल और बुलडोजर के साथ पहुंची और सड़क किनारे किए गए कब्जों को हटवाया।हाल ही में नगर पालिका द्वारा उत्तरी गेट का सुंदरीकरण कराया गया था, लेकिन अतिक्रमण के चलते गेट की सुंदरता पूरी तरह छिप गई थी और आए दिन जाम की समस्या बनी रहती थी। कार्रवाई से पहले नगर पालिका ने मुनादी कराकर दोपहर 2 बजे तक स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी।निर्धारित समय के बाद ईओ विनोद कुमार के नेतृत्व में नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पहले लोगों से खुद अतिक्रमण हटाने की अपील की, जिस पर कई दुकानदारों ने अपना सामान हटा लिया। वहीं जो लोग नहीं माने, उनका कब्जा जेसीबी की मदद से हटवा दिया गया। अभियान में करीब आधा दर्जन अतिक्रमण पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए, थाना कादरी गेट पुलिस भी पूरे समय मौके पर तैनात रही।अभियान के बाद लिंजीगंज उत्तरी गेट क्षेत्र पूरी तरह साफ नजर आया। नगर पालिका अधिकारियों ने साफ कहा कि शहर में आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।इस दौरान टीएस राज नारायण, जेई प्रमोद यादव, मुख्य सफाई निरीक्षक विजेंद्र सिंह, विजय शुक्ला, विनय कश्यप समेत नगर पालिका के कई कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रदीप सिंह को करणी सेना प्रदेश उपाध्यक्ष की कमान

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) जनपद के दीनदयालबाग निवासी एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रदीप सिंह राठौड़ को देश के सबसे बड़े क्षत्रिय संगठन श्री राजपूत करणी सेना में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री दुर्गेश सिंह “दीपू” द्वारा उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।इस नियुक्ति के बाद समर्थकों एवं समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। शुभचिंतकों ने प्रदीप सिंह राठौड़ को बधाई देते हुए इसे फर्रुखाबाद के लिए गौरव का क्षण बताया।लोगों का कहना है कि प्रदीप सिंह राठौड़ लंबे समय से समाजहित के कार्यों में सक्रिय रहे हैं और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी नियुक्ति से करणी सेना को प्रदेश में नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।इस अवसर पर समर्थकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि वह समाज की आवाज को और मजबूती के साथ उठाएंगे।

9 मई को होगा महाराणा प्रताप प्रतिमा का अनावरण, रोडवेज परिसर में जलभराव बन सकता समस्या

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) रोडवेज बस स्टॉप परिसर में स्थापित की जा रही महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण 9 मई 2026 को किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार को ठाकुर वीरेंद्र सिंह, पीडब्ल्यूडी के ईएक्सएन श्याम कुमार तिवारी, एआरएम राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी रोडवेज परिसर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बताया गया कि कार्यक्रम में लगभग 1000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि मंच पर क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सम्मानित लोगों को स्थान दिया जाएगा।
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के दिन बसों का आवागमन क्रिश्चियन इंटर कॉलेज की ओर से कराया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों ने दावा किया कि आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
हल्की बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
निरीक्षण के दौरान हुई हल्की बूंदाबांदी ने रोडवेज बस स्टॉप की बदहाल स्थिति उजागर कर दी। थोड़ी ही बारिश में पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया, जिससे यात्रियों, बाइक सवारों और रिक्शा चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से हल्की बारिश में भी रोडवेज परिसर जलमग्न हो जाता है। पानी भरने से फिसलकर कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कीचड़ उछलने को लेकर विवाद की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
ई-रिक्शा अतिक्रमण बना बड़ी समस्या
रोडवेज परिसर में ई-रिक्शाओं का अतिक्रमण भी यात्रियों और बस संचालन के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक बिना रोक-टोक बस स्टैंड के अंदर तक पहुंच जाते हैं और वहीं सवारियां भरते हैं, जिससे यातायात अव्यवस्थित हो जाता है और विवाद की स्थिति पैदा होती है।
कार्यक्रम से पहले सुधार का दावा
जलभराव की समस्या पर ठाकुर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष पति मनोज अग्रवाल से बातचीत हो चुकी है और जल्द ही रोडवेज परिसर को दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम से पहले जलनिकासी और सफाई व्यवस्था सुधार दी जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वीआईपी कार्यक्रम न होता तो शायद इस समस्या की ओर ध्यान भी न दिया जाता। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन स्थायी समाधान करता है या केवल कार्यक्रम तक सीमित व्यवस्थाएं की

प्रसूता की मौत के बाद गायत्री हॉस्पिटल सील, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्यवाही

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मसेनी स्थित गायत्री हॉस्पिटल को सील कर दिया। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवनींद्र कुमार के नेतृत्व में की गई।बताया गया कि सोमवार को अस्पताल में एक प्रसूता की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे सीएमओ ने जांच कर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।जांच के दौरान अस्पताल में लापरवाही सामने आने पर मंगलवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को खाली कराकर सील कर दिया।कार्रवाई से पहले अस्पताल में भर्ती चार मरीजों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लोहिया भेजा गया। इसके बाद सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने टीम के साथ अस्पताल को सील कर चाबी संचालक अरविंद सिंह को सौंप दी।इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. श्वेता सिंह, वरिष्ठ लिपिक आलोक सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण विभाग और गंगा स्वच्छता समिति के सदस्य मौजूद रहे।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। मामला थाना कादरी गेट क्षेत्र के मसेनी लकूला मार्ग स्थित गायत्री हॉस्पिटल का है।