खिमसेपुर में गंगा एक्सप्रेसवे लिंक को लेकर किसानों की आवाज बुलंद, डीएम नें ली बैठक

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) नवनिर्वाचित आदर्श नगर पंचायत खिमसेपुर में गंगा एक्सप्रेसवे लिंक के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों में भारी चिंता और आक्रोश देखने को मिल रहा है। उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण और कम सर्किल रेट तय किए जाने की आशंका से परेशान लगभग 200 से 250 किसान भाइयों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन गंगा एक्सप्रेसवे लिंक में जा रही है, जबकि मुआवजे के लिए निर्धारित सर्किल रेट बेहद कम हैं। इसको लेकर किसान लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार किसान यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया गया।गुरुवार 7 मई 2026 को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए खिमसेपुर में बैठक आयोजित की। बैठक में करीब 50 से 100 किसानों ने अपनी जमीन और मकानों से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।बैठक में एसडीएम सदर रजनीकांत, नगर पंचायत खिमसेपुर चेयरमैन पुष्पराज सिंह, कानूनगो, लेखपाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की ओर से शिव शंकर, राजू शर्मा, रमाकांत मिश्रा, अशोक अग्निहोत्री सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी बात रखी।नगला मान्धाता स्थित इंद्रेशा देवी हाई स्कूल इंटरमीडिएट की मैनेजर एवं प्रधानाचार्य अमन ने भी विद्यालय की भूमि प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालय की जमीन भी लिंक एक्सप्रेसवे की जद में आ रही है। वहीं इंद्रेश, उदयवीर और रामप्रकाश सहित अन्य ग्रामीणों ने लगभग 25 मकानों के प्रभावित होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों की सभी समस्याओं को नोट कर लिया गया है। निरीक्षण के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी और जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जब उनसे उपजाऊ भूमि के कम सर्किल रेट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस विषय पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।