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श्याम प्रेम विना जीवन सार्थक नहीं: नंदू भैया

फर्रुखाबाद: राजस्थान के भजन सम्राट नंदू भैया जी के आज यहाँ आगमन पर उनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया|

स्वराज कुटीर से करीव आधा सैदा दोपहिया वाहन चालक उनके साथ चले| घुमना से चौक बाजार तक नंदू भैया ने पैदल यात्रा की इस दौरान उनके ऊपर फूलों की वर्षा कर मालाओं से लाद दिया गया| बैंड बाजाओं से जोरदार स्वागत किया गया|

श्री नंदू भैया के सूर्या होटल पहुँचने पर भी स्वागत करने वालों का तांता लगा रहा| उन्होंने भजन गायन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि प्रेम ही ईश्वर का सत्य रूप है जो जन-जन के ह्रदय में प्रभु प्रेम को जाग्रत करना है| प्रेम के जाग्रत होने पर ही समाज में सुख शांति सम्रद्धि बन सकती है| जिसके ह्रदय में श्याम प्रेम नहीं उसका जीवन सार्थक नहीं है|

उन्होंने कहा कि जो भक्त दीन दुखियों की सेवा में रहते हैं प्रभु उन सब का कल्याण करते हैं| नंदू भैया कल सोमवार को नाला मछरट्टा स्थित बंदन बाटिका में श्री श्याम खाटू बाले ठाकुर जी के चरणों में अपने भजन अर्पित करेंगें|

स्वागत करने वालों में सुरेन्द्र सफ्फड़, राम किशन सिगतिया, कन्हैयालाल जैन, अतुल कपूर, मोहनलाल अग्रवाल, अरुण जालान, राजेश टंडन, अशोक कुमार जैन, श्याम सुन्दर अग्रवाल, श्याम सिगतिया, क्रष्ण गोपाल जालान, रामचंद्र जालान, प्रदीप मेहरोत्रा, अजय गुप्ता, अकिलेंद्र श्री माली आदि सामिल रहे|

राम नगरिया मेला में स्थल को लेकर साधू भड़के

फर्रुखाबाद( 9 january )|| ऐतिहासिक प्राचीन राम नगरिया मेला के शुरू होने से पहले ही साधू-संतों का मेला समिति के पदाधिकारियों से विवाद शुरू हो गया है| महंत सत्य स्वरूप ब्रह्माचारी आदर्श क्षेत्र में मनमाना स्थान न मिलने से भड़क गए हैं| उन्होंने रामनगरिया क्षेत्र में उचित स्थान न मिलने पर अगले साल से मेला रामनगरिया में न आने की चेतावनी दे दी है। निर्धारित क्षेत्र न मिलने पर ब्रह्माचारी और मेला प्रबंधक डा.सुरेश सोमवंशी के बीच तीखी झड़पें हुईं|

श्री ब्रह्माचारी ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि मेला समिति हर साल साधुओं के ठहरने का क्षेत्र बदल देती है| इसीलिये उन्होंने न्यायालय से एक निर्धारित क्षेत्रफल में आदर्श क्षेत्र लगाने के लिए आदेश करा लिया है। आदेश की प्रति मेला प्रबंधक डॉ सुरेश सोमवंशी को पिछले साल ही दे दी गयी थी। जिस जगह पर आदर्श क्षेत्र बनता है उसमें पानी भरा है। आदर्श क्षेत्र के लिए दूसरी जगह लेने को मेला प्रबंधक श्री सोमवंशी ब्रह्माचारी को काफी देर तक समझाते रहे परन्तु वह संतुष्ट नहीं हुए।

पहेली बन गई है छात्रा का फांसी पर लटकना

फर्रुखाबाद(9 january ): हाई स्कूल की छात्रा शीनू का फांसी पर लटक जाना क्षेत्र में एक पहेली बन गई है|

शीनू थाना राजेपुर के ग्राम कटरी सथरा निवासी राकेश सिंह सोमबंसी की १७ वर्षीय पुत्री थी| शीनू की माँ बाजार से सब्जी लेकर जब वापस घर पहुँची तो उन्होंने बेटी को मृत लटका देखा| शीनू ने छत के कुंडे में दुपट्टे से फांसी लगाई थी| सूचना मिलने पर एसओ एसके पाण्डेय ने मौके पर जांच-पड़ताल की तथा शव का पंचनामा भरवाया|

उन्होंने बताया कि शीनू व उसकी माँ घर पर अकेली रहती थी| शीनू के दो भाई व पिता पंजाब में नौकरी करते हैं| शीनू कमालुद्दीन्पुर के कालेज में पढ़ती थी| शीनू की माँ ने बताया कि जब वह सब्जी लेने गईं थी तब वह पढ़ रही थी| वह बेटी के आत्महत्या करने का कारण नहीं बता सकीं|

शीलू जैसी घिनौनी घटनाओं से पैदा होंगी डकैत फूलनदेवी

फर्रुखाबाद(9 january ): कश्यप निषाद सभा की बैठक में बांदा की शीलू निषाद के साथ हुए शर्मनाक हादसे की घोर निंदा करते हुए कहा गया कि यदि समाज की लडकियों के साथ शीलू जैसी घिनौनी घटनाएं हुईं तो फूलनदेवी जैसी डकैत पैदा होंगीं और विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी जैसे लोगों को जमीन भी नसीब नहीं होगी|

परियोजना अधिकारी कामता प्रसाद की अध्यक्षता में मोहल्ला बजरिया जाफर खां सुदर्शनलाल आवास पर समाज की बैठक हुयी| मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के मुख्य महासचिव आरके तोमर ने कहा कि युवाओं को राजनीति की भागीदारी में दिलचस्पी लेनी चाहिए| मंडल अध्यक्ष श्यामसुन्दर निषाद ने नव वर्ष से शराब का सेवन त्यागने का संकल्प दिलाते हुए बच्चों को शिक्षित करने की सलाह दी|

सुदर्शनलाल जिलाध्यक्ष बने

श्री तोमर ने मुंशीलाल कश्यप को प्रदेश उपाध्यक्ष, शिवा बाथम को मंडल सचिव, सुदर्शनलाल कश्यप को जिलाध्यक्ष, विनय कश्यप को जिला महासचिव मनोनीत किया| बैठक में उन्नतिशील कृषक नारद कश्यप, ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह बाथम, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र कश्यप, होरीलाल कश्यप, प्रवीण कश्यप एडवोकेट, गौतम कश्पय आदि ने प्रदेश अध्यक्ष व मनोनीति जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं एवं साल भेंट कर स्वागत किया| सञ्चालन संजीव बाथम ने किया|

ठंड से गेंहू फसल की बल्ले-बल्ले , आलू व सरसों को खतरा

फर्रुखाबाद: कड़ाकेदार ठण्ड एवं खराब मौसम से जहां गेंहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद है वहीं आलू और सरसों की फसल प्रभावित होने की आशंका हैं| किसानों को नुकशान से बचने के लिए एतिहात बरतने की सलाह दी गई|
कृषि वैज्ञानिक डॉ महेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस समय मौसम किसानों के लिए खुशियों के साथ ही दुखदायी सावित हो सकता है| अधिक ठंड से गेंहूँ की फसल अच्छी होगी, काफी उत्पादन बढ़ेगा| जबकि गर्मी पडने पर गेंहूँ की फसल प्रभावित हो जाती है| सर्दी ठंड से चौड़ी पत्ती वाली सभी प्रकार की फसलें प्रभावित होती हैं जैसे आलू की फसल, दलहन में चना, मसूर की फसल, तिलहन में सरसों की फसल|
डॉ प्रसाद ने बताया कि पाले के असर से आलू की हरी पत्ती चौपट होने लगती हैं| किसान हल्की सिंचाई करके पाले के असर से बच सकते हैं| पाले से पूर्ण रूप से फसल प्रभावित हो जाने पर आलू का १५ से २० प्रतिशत उत्पादन कम हो सकता है| सरसों की फसल में यदि माऊं दिखाई पड़े तो उसमे इंडोसल्फान अथवा मोनोकोटोफास का छिडकाव किया जाना चाहिए| जानवरों को भी सर्दी से बचाना चाहिए खासकर दूध देने वाले पशुओं व उनके बच्चों को| ठंड के असर से दुधारू जानवरों का करीब आधा लीटर तक दूध कम हो जाता है|

सम्मानित होते ही खुश हो गए बीडीसी व प्रधान

फर्रुखाबाद: जिला राठौर साहू समाज ने आज समारोह में समाज के बीडीसी व प्रधानों को सम्मानित किया|

कादरीगेट स्थित नाथ कुटीर में रामविलास राठौर की अध्यक्षता में समारोह हुआ| जिसका संचालन शिक्षक संघ की जिला उपाध्यक्ष इन्द्रा राठौर ने किया| समाज के पदाधिकारियों ने बीडीसी व प्रधानों को प्रसस्ति पत्र व साल उढाकर सम्मानित किया तो बीडीसी डॉ राम नरेश राठौर, प्रधान सर्वेश कुमार राठौर, जुगेन्द्र सिंह राठौर, विनोद कुमार राठौर आदि की खुशी देखने लायक थी|

जिलाध्यक्ष फतेह्चंद्र राठौर ने निर्वाचित होने वालों को बधाई दी| उन्होंने कहा कि चुन जाने पर प्रधान गाँव के सभी लोगों का होता है| चाहें उसे किसी ने वोट दिया हो या न दिया हो| प्रधान को अपने-पराये का भेद मिटाकर सामान रूप से विकास कार्य कराना चाहिए| ऐसे ही प्रधानों को जनता पसंद करती है|

जिलामंत्री मनोज कुमार राठौर एडवोकेट ने कहा कि निर्वाचित होने वाले व्यक्ति पूरे समाज की प्रतिष्ठा बढाते हैं लोगों को हर प्रकार के चुनाव में बढ़-चढ कर हिस्सा लेना चाहिए हार-जीत तो होती रहती है| अरविन्द साहू, राम प्रकाश, राम औतार, मुन्नालाल, सुनील कुमार, रामबचन आदि ने बीडीसी व प्रधानों को बधाई दी|

मायावती का बर्थ डे, इस बार चंदा मांगा तो जेल..

लखनऊ|| कड़कड़ाती ठंड के बीच 15 जनवरी को उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती के 55वें जन्मदिन की तैयारी जोरों पर है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए सरकारी पैसे से चौराहों व स्मारकों की भव्य सजावट जारी है।

मायावती ने अपने जन्मदिन पर चंदा उगाहने की परंपरा को इस बार तिलांजलि दे दी है।हर बार आर्थिक सहयोग दिवस के तौर पर जन्मदिन मनाने वाली मायावती ने पार्टी फंड में कोई चंदा न लेने का निर्णय किया है। उन्होंने बसपा विधायकों, सांसदों व पार्टी पदाधिकारियों को किसी तरह का चंदा न मांगने की हिदायत दी है। उन्होंने साफ किया है चंदा मांगने की शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

शहर के चौराहों व स्मारकों पर नीले रंग की सजावट की जा रही है। बड़े पैमाने पर होने वाली सजावट के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बाकायदा टेंडर तक निकाल दिए हैं। साथ ही जन्मदिन की बधाई वाली होर्डिंग्स से शहर की सड़कें पट गई हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर करोड़ों रुपए फूंके जाएंगे।

भाजपा प्रवक्ता विजय पाठक ने कहा, मुख्यमंत्री का जन्मदिन सामंतशाही की याद दिला रहा है। ब्रिटेन की रानी भी इस तरह पैसे बहा कर जन्मदिन नही मनातीं। पाठक ने कहा कि अभी तक 15 अगस्त, 26 जनवरी व दो अक्टूबर के मौके पर ही सरकारी पैसे से सजावट की जाती रही है। उधर कांग्रेस ने भी जगह-जगह भारी भरकम होर्डिग्स पर आपत्ति जताई है।

पार्टी प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर मुख्य चौराहों एवं मार्गों पर नो होर्डिंग जोन घोषित करने के बावजूद मायावती के जन्मदिन की तमाम भारी भरकम होर्डिंग कैसे लगी हुई हैं?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पार्टी के विधायक व सांसद अपने क्षेत्रों में गरीबों की मदद करें। उन्हें कंबल व दूसरे उपहार देकर जन्मदिन मनाएं।

खबर से कितना कांपे आप, नापेगा मौसम विभाग

अमूमन ठंडी हवा चलने पर रिकार्ड किए गए न्यूनतम तापमान के अनुपात में सर्दी अधिक महसूस होती है। इसी कंपकंपी को नापने के लिए मौसम विभाग ने नया तरीका इजाद किया है। विभाग अब वास्तविक तापमान के साथ-साथ महसूस होने वाला तापमान भी बताएगा। इस तापमान का नाम फेल्ट मिनिमम टेम्पेरेचर यानी महसूस होने वाला न्यूनतम तापमान रखा गया है।

फिलहाल यह प्रयोग दिल्ली में होगा, इसके बाद देशभर में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। अभी तक मौसम विभाग न्यूनतम और अधिकतम तापमान ही जारी कर रहा है। दिल्ली मौसम विभाग के निदेशक डा. एससी भान के मुताबिक, मौसम पूर्वानुमान में विंड चिल फैक्टर का समावेश किया गया है। सर्दियों में हवा चलने से तापमान गिरता है लेकिन तापमान जितना गिरता है उससे कहीं अधिक सर्दी अनुभव होती है।

असल में व्यक्ति जैसा सोचता है, दिमाग पर वैसा ही असर पड़ता है। ऐसे में दिमाग की नसों के जरिए उस बात का असर पूरे शरीर की ग्रंथियों पर होता है। एसएमएस जयपुर में मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष व अधीक्षक आरके सोलंकी बताते हैं- व्यक्तित्व के विकास के पीछे आस-पास के वातावरण की काफी भूमिका होती है।

यही वजह है कि हम जैसे ही अखबार या टीवी चैनल पर माइनस में जाते पारे की खबर देखते हैं, दिमाग पूरी तरह चेतन अवस्था में आ जाता है और खबर का रिएक्शन होना शुरू हो जाता है। सर्दी से जकड़न, कंपकपी आदि होना स्वाभाविक है और यही व्यक्ति सोचता भी है। इसलिए शरीर की कोशिकाओं में जकड़न व कंपकंपी होने लगती है। मनोरोग विशेषज्ञ डा. जीडी नाटाणी एवं डा. वीडी मील का मानना है कि जिस प्रकार व्यक्ति रात को कोई प्रतिबिंब देखकर भय के कारण बेहोश हो जाता है, उसके पसीने छूटने लगते हैं। ऐसा ही खबर पढ़ने से होता है।

BHU के छात्रों का विरोध, राहुल को काशी में नहीं घुंसने देंगे

वाराणसी|| कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के आगामी 10 जनवरी को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आगमन का छात्रों के एक गुट ने विरोध करने का निर्णय लिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तर प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अवनीश पाण्डेय एवं छात्र नेता रजनीश कुमार सिंह ने बीते दिन पत्रकारों को बताया कि श्री गांधी को विश्वविद्यालय परिसर में घुसने नहीं दिया जाएगा।

बीएचयू छात्र परिषद के आमंत्रण पर श्री राहुल गांधी आगामी 10 जनवरी को विश्वविद्यालय आ रहे हैं, वह स्वतंत्रता भवन में विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करेंगे। नेताद्वय ने आरोप लगाया कि हाल ही में बुराडी में सम्पन्न कांग्रेस महाधिवेशन में विश्वविद्यालय के संस्थापक तथा कांग्रेस के चार बार अध्यक्ष रह चुके पंडित मदनमोहन मालवीय का फोटो यह कहते हुए हटा दिया गया कि वे हिन्दूवादी थे।

उन्होंने कहा कि छात्रगण इस अपमान को सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि श्री गांधी द्वारा हिन्दुत्व को छात्र आतंकवाद से जोड़कर प्रस्तुत करना तथा अलकायदा से उसकी तुलना करना हिन्दुस्तान की राष्ट्रीय संस्कृति एवं राष्ट्रीयता का अपमान है।

अब सोंचने भर से चलेगा कंप्यूटर

अब कंप्यूटर पर कमांड देने के लिए आपको हाथों के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी। फ्रांस के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो आपको विचारों को जानकर आपका काम करेगा। यानी आपकी सोच कंप्यूटर के लिए कमांड के तौर पर काम करेगी।

यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) में चल रहे तकनीक समारोह में फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को इस सॉफ्टवेयर का प्रदर्शन किया। ओपन वाईब नाम का यह प्रोग्राम एक तरह से आपके दिमाग को पढ़ कर कंप्यूटर को कमांड देगा। यह सॉफ्टवेयर 2005 में शुरू की गई परियोजना का परिणाम है, जो कई प्रयोग करने में सक्षम है।

बदलेगा विचारों को कमांड में: कंप्यूटर वैज्ञानिक यान रेनार्ड और लारेंट बोनेट ने कहा कि ओपन वाईब सॉफ्टवेयर ऐसी प्रणाली है जिसके विद्युत संकेत मस्तिष्क की गतिविधियों से जुड़े हैं। यह विचारों को कमांड में बदल देते हैं, जिसे मशीन आसानी से समझ लेती है। यह सॉफ्टवेयर लोगों को कंप्यूटर से संवाद करने का मौका देता है। यह स्वचालित प्रणाली है जिसमें लोगों को हाथों या किसी आउटपुट का प्रयोग किए बगैर रिमोट कंट्रोल को सक्रिय किया जा सकता है।

विचारों को लिख भी सकेगा सॉफ्टवेयर: वैज्ञानिकों ने बताया ओपन वाईब को शोधकर्ताओं, चिकित्सकों से लेकर वीडियो गेम विकसित करने वाले को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या विचारों के आने पर यह लिखने में भी सक्षम हैं? उन्होंने इसका सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोएनसीफेलोग्राम (ईईजी) कैप पहना हुए व्यक्ति का ध्यान पत्र लिखने पर केंद्रित होता है, जिसे वह लिखना चाहता है। यह लकवा से पीड़ित लोगों के लिए भी काफी सहायक है। उनके मुताबिक यह कई न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को हल करने में भी सक्षम है।