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तिरंगा पर तकरार: भाजपाइयों पर पड़े डंडे, 550 गिरफ्तार

नई दिल्ली|| श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने को लेकर मंगलवार को भाजपा और राज्‍य सरकार के बीच टकराव और तेज हो गया है।

जम्‍मू में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आज लाठीचार्ज किया और करीब 550 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्‍ठ नेता राजनाथ सिंह के नेतृत्‍व में भाजपा के कई नेता राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वहीं, भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से निकाली गई राष्‍ट्रीय एकता यात्रा पंजाब के माधोपुर पहुंच गई है। राष्‍ट्रीय एकता यात्रा इसके बाद लखनपुर होते हुए जम्‍मू की सीमा में प्रवेश करेगी।

युवा सांसद अनुराग ठाकुर के नेतृत्‍व में जारी भाजयुमो की यह यात्रा 26 जनवरी को श्रीनगर में लाल चौक पर झंडा फहराने के साथ खत्‍म होगी। हालांकि राज्‍य सरकार ने इसके खिलाफ पूरी तैयारी कर ली है। जम्‍मू कश्‍मीर की पंजाब और हिमाचल से लगती सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

आज देश भर में मनाया जाएगा राष्ट्रीय मतदाता दिवस

भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाताओं में वोटिंग के प्रति में कम होते रुझान पर जागरूकता फैलाने के मकसद से भारत सरकार ने हर साल 25 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ मनाने का फैसला किया है। इसकी मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को दी। भारत के निर्वाचन आयोग की 61वीं वषर्गांठ पर 18 वर्ष के नौजवानों को मतदाता पहचान पत्र प्रदान कर इस दिन को ‘मतदाता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि देश भर के सभी 8.5 लाख मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी होगी। इस सिलसिले में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे और उन्हें निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) सौंपे जाएंगे। पहचान पत्र बांटने का काम सामाजिक, शैक्षणिक व गैर-राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा मतदान केंद्रों पर किया जाएगा। इस मौके पर मतदाताओं को एक बैज भी दिया जाएगा, जिसमें लोगो के साथ नारा अंकित होगा ‘मतदाता बनने पर गर्व है, मतदान को तैयार हैं।’

गौरतलब है कि चुनाव का कहना है, अव्वल भारत जैसे देश में अनिवार्य मतदान व्यवहारिक नहीं है और दूसरा मतदान के लिए बाध्य करना ही अपने आप में अलोकतांत्रिक है। आयोग के महानिदेशक अक्ष़य राउत कह चुके हैं कि ड्राइंग रूम बहस में भाग लेने वालों को मतदान में हिस्सा लेने के प्रति आकर्षित करने के लिए आयोग कई प्रयास और परीक्षण कर रहा है और इस सिलसिले में ‘पप्पू अभियान’ काफी हद तक सफल रहा। चुनाव आयोग का यह सुझाव है कि जिस मतदाता को कोई उम्मीदवार योग्य नजर नहीं आता, उसके लिए ईवीएम में ‘इनमें से कोई नहीं’ का बटन हो। राउत के मुताबिक अभी भी लोग इस विकल्प का उपयोग कर सकते है और मतदान केंद्रों पर चुनाव से जुड़े कर्मचारी से जरूरी फार्म लेकर उसे भर कर दे सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया गोपनीय नहीं है।
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप भी अनिवार्य मतदान के पक्ष में हैं लेकिन साथ ही उनका यह भी मानना है कि मतदान नहीं करने वालों के लिए दंड का प्रावधान न हो, बल्कि उन्हें मतदान के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

देश के प्रत्येक नागरिक के लिए मतदान में हिस्सा लेना आदि अनिवार्य बना दिया जाना चाहिए ताकि मतदान शत प्रतिशत नहीं तो कम से कम 90 फीसदी तक तो पहुंचे। हालांकि कश्यप कहते हैं कि मतदान चुनने के लिए होता है इसलिए ‘किसी के पक्ष में मत नहीं’ डालने का कोई औचित्य नहीं है। यदि आपको कोई उम्मीदवार पसंद नहीं है तो आप अपना उम्मीदवार खड़ा कीजिए या खुद ही चुनाव लडि़ए। बता दें कि आजादी के समय से मतदान के प्रतिशत में उत्तरोत्तर सुधार हुआ है। वर्ष 1951 के पहले आम चुनाव में जहां 40 फीसदी मतदान हुआ वहीं पिछले आम चुनाव में करीब 57 फीसदी मतदान हुआ। सर्वाधिक 63.56 फीसदी मतदान 1984 के आम चुनाव में हुआ था। यह देखा गया है कि 18 वर्ष एवं उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में साल पर साल तक दर्ज नहीं हो पाए। कुछ मामलों में देखा गया कि नाम दर्ज कराने का प्रतिशत कुछ मामलों में तो 20 से 25 फीसदी जितना कम है।

बांदा रेप केस में नया मोड़, हुई रज्‍जू की एंट्री!

लखनऊ|| उत्‍तर प्रदेश के बांदा जिले में हुए बलात्‍कार कांड ने एक नया मोड़ ले लिया। बीते दिन अचानक एक रज्‍जू नाम के व्‍यक्ति की एंट्री हुई है, जो अपने आपको पीड़ित नाबालिग लड़की का पति बता रहा है। रज्‍जू को देख पुलिस भी चकरा गई है।

हुआ यूं कि विधायक पुरुषोत्‍तम द्विवेदी की पत्‍नी आशा देवी बीते दिन राजधानी के शहीद स्‍मारक पर धरने पर बैठीं तो उनके साथ एक युवक भी दिखा, जो अपने आपको पीडि़त लड़की का पति बता रहा है। रज्‍जू को देख पुलिस भी चकरा गई।

धरना स्‍थल पर पहुंचे मीडिया से बातसीत में रज्‍जू ने दावा किया कि उसने पीडि़ता से एक मंदिर में शादी की थी, वो भी दो-तीन लोगों के सामने। उसने कहा, “मैं पीडि़ता का पति हूं और मुझे नहीं पता आखिर मेरी पत्‍नी ने सीबीसीआईडी को मेरे बारे में कुछ बताया क्‍यों नहीं। यही नहीं सीबीसीआईडी को कम से कम मुझसे पूछताछ तो करनी चाहिए थी।”

मीडिया ने जब पुरुषोत्‍तम द्विवेदी से जुड़े सवाल पूछे तो रज्‍जू की ज़बान लड़खड़ाने लगी और वो बाला विधायक निर्दोष हैं। हम आपको बता दें कि मीडिया से बातचीत के दौरान वो शादी की तिथि भी स्‍पष्‍ट ढंग से नहीं बता सका। यही नहीं वो शादी की फोटो भी मुहैया नहीं करा सका।

रज्‍जू के साथ धरने पर बैठी आशा देवी ने एक बार फिर अपने पति की वकालत करते हुए कहा, “मैं बहन जी (मायावती) से अपील करती हूं कि मुझे न्‍याय दिलाएं। मेरे पति निर्दोष हैं।”

अब सवाल यह उठता है कि अभी तक पुलिस या सीबीसीआईडी ने पीडि़त लड़की की उम्र को स्‍पष्‍ट क्‍यों नहीं किया है। अगर वो नाबालिग है, तो विधायक के अलावा रज्‍जू भी अपराधी है, क्‍योंकि नाबालिग से शादी करना भी कानूनन अपराध है।

4 बच्चो के साथ महिला ने आग लगाकर जान दी

हरदोई|| हरदोई जिले में एक महिला ने पारिवारिक कलह के चलते अपने चार नाबालिक बच्चों के साथ आग लगाकर जान दे दी।

घटना जिले के हिरयान थाना क्षेत्र के पुरैना गांव की है, जहां बीती रात 37 वर्षीय राम सुतन की पत्री सुनीता ने अपनी तीन बेटियों और एक बेटे के साथ मिट्टी का तेल छि़डककर आग लगा ली। सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से कम थी। घटना के समय राम सुतन घर से बाहर गया था।

पुलिस के मुताबिक देर रात जब सुतन घर लौटा तो घर से धुंआ दिखाई देने पर उसने प़डोसियों की मदद से दरवाजा तो़डकर देखा तो पांचो की जलकर मौत हो चुकी थी। हिरयान के कार्यवाहक थाना प्रभारी खुशीराम गौतम ने आज संवाददाताओं को बताया कि यह पारिवारिक कलह का मामला प्रतीत हो रहा है। उन्होने कहा कि पति-पत्री के बीच दिन में किसी बात को लेकर झग़डा हुआ था। हो सकता है कि पत्री ने गुस्से में आकर यह कदम उठा लिया हो।

दबंग सपा छात्र नेता ने छात्रा को घर से उठाया

मेरठ|| उत्तर प्रदेश में अपराध ने इतनी गहरी जड़े जमा ली है कि वहां कानून, व्यवस्था और प्रशासन, सुरक्षा जैसे शब्द महज किताबी बन कर रह गए हैं। मेरठ जिले में सपा के एक युवा छात्र नेता ने कथित तौर पर एलएलबी की एक छात्रा का बंदूक के बल पर अपहरण कर लिया।

यह घटना जिले के वैशाली नगर कालोनी की है। छात्र नेता प्रसोनजीत गौतम अपने 16 साथियों के साथ एलएलबी (द्वितीय वर्ष) की छात्रा के घर में घुसकर उसे अगवा करके ले गया। इस दौरान लड़की के घरवालों के विरोध करने पर छात्र नेताओं ने बंदूक भी चलाई और मारपीट भी की। वहीं इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए सपा की मेरठ जिला इकाई के अध्यक्ष जयवीर ने कहा कि गौतम को एक महीना पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया है।

मेरठ के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पीड़त छात्रा के परिजनों ने जब आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो उसने छात्रा के भाई के पैर में गोली मार दी और उसके पिता को पीटकर घायल कर दिया। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है हालांकि हालत खतरे से बाहर है। घटना के दौरान आस-पास के लोगों ने आरोपी के एक साथी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, जिसे हिरासत में लेकर संभावित ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पीड़त छात्रा से आरोपी छात्र नेता के पुराने प्रेम सम्बंध होने के भी संकेत मिले हैं, मामले की जांच की जा रही है। छात्रा की मां का आरोप है कि आरोपी छात्र नेता उसकी बेटी सहित पूरे परिवार को पिछले काफी समय से परेशान कर रहा था और इस बाबत उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ताकत, प्रेम और एकता का प्रतीक: गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर वर्ष मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को जिस दिन हमारा संविधान लागू हुआ तबी से भारत को अपन संवैधानिक ताक मिली। इस दिन के बाद से ही भारत में एक पूरी तरह से रिपब्लिकन इकाई बन गई।

गणतंत्र दिवस का इतिहास

सन 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी, 1930 तक भारत को उपनिवेश का पद (डोमीनियन स्टेटस) नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर देगा। 26 जनवरी, 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया।

उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। तदनंतर स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए विधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई।

एकता और ताकत का प्रतीक गणतंत्र दिवस

आज गणतंत्र दिवस पूरे देश में बहुत उत्साह और विशेष रूप से राजधानी में के साथ मनाया जाता है, लालकिले पर सबसे पहले हमारे देश के प्रथम नागरिक के तौर पर मौजुद देश के राष्ट्रपति देश का तिरंगा फैलाया जाता है। उसके बाद राष्ट्रपति द्वारा देश के बहादुर लोगों को सम्मानित किया जाता है।

इस मौके पर एक परेढ निकाली जाती है जो राजघाट से होती हुई विजयघाट पर समाप्त होती है। इस मौके पर देश के तीनो वायु, थल और जल के जवान अपने कौशल दिखाते है और स्कूल के बच्चे रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।

चूहा है द ग्रेट खली: डॉली बिंद्रा

नई दिल्ली।। बिग बॉस 4 में कंटेस्टेंट रहे डॉली बिंद्रा और खली के बीच का जबरदस्त मनमुटाव उस समय खुल कर सामने आ गया जब बिंद्रा ने खली को चूहा तक कह डाला। दरअसल रविवार को खली के बॉडीगार्ड द्वारा फैन्स पर गोलियां चलाने की घटना से तिलमिलाई बिंद्रा की प्रतिक्रिया थी कि द ग्रेट खली एक चूहा है और इसीलिए उसने अपने गार्ड से फैन्स पर फायर करने का कहा।

फैन्स पर फायरिंग की घटना के बाद बिंद्रा लुधियाना पहुंचीं और घायलों से मिलीं। पत्रकारों ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने हमारे सवालों के जवाब कुछ ये दिए:

शूटिंग के इस मामले पर आपकी प्रतिक्रिया ?

यह कायरता भरा कदम है। मैं यह ग्रेट खली से उम्मीद नहीं करती थी। अगर उसे इतना ही डर लगता है तो वो बाहर क्यों निकलता है। घर पर बैठे न। मैं उसे नाइस आदमी समझती थी लेकिन उसने साबित कर दिया है कि सफलता उसके सर चढ़ कर बोल रही है।

आप इस बारे में उससे बात करेंगी ?
भाड़ में जाए वो। मैं क्यों उससे बात करूंगी।

फिर आप लुधियाना क्यों गईं ?
खली की वजह से इंडस्ट्री की बदनामी हुई है। मैं जख्मी लोगों को देखने गई थी। मैं इस गलत धारणा को बदलना चाहती हूं कि ऐक्टर्स बुरे लोग होते हैं। यह मेरी पर्सनल विजिट थी।

क्या आपके लिए यह पब्लिसिटी का मौका था ?
बिल्कुल नहीं। मैं पंजाब से ताल्लुक रखती हूं। और मैं इस तरह माइलेज लेने का चीप काम नहीं कर सकती। लोगों को कहने दो कि जो वो कहना चाहते हैं। मुझे परवाह नहीं।

अब आप क्या करने का प्लान कर रही हैं ?
मैं इस बारे में एक कैंपेन स्टार्ट करने जा रही हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि खली जख्मी लोगों से पर्सनली मिल कर माफी मांगे। मैं शांति से नहीं बैठूंगी। पंजाब के चीफ मिनिस्टर से मिलूंगी और पुलिस अधिकारियों से भी मिलूंगी ताकि दोषी को सजा हो सके।

खली भी एक कॉप (पुलिस अधिकारी) है..
हां। और इसीलिए यह और अजीब है। जब आप खुद पुलिस में हैं तो आपको कानून व्यवस्था की जानकारी होनी चाहिए। आप कानून तोड़ने वाले कैसे बन सकते हैं ! इस इश्यू पर तो कोई फिल्म बना दे। खली की सर्विसेस समाप्त कर देनी चाहिए और उनके खिलाफ जांच की जानी चाहिए।

लेकिन बिग बॉस के घर में आप लोग बहुत अच्छे दोस्त थे। आप उसे वीरजी कहती थीं। अब यह जबरदस्त परिवर्तन कैसे… ?

ऐसा इसलिए क्योंकि उसने मेरी कद्र नहीं की। उसने शो के दौरान मेरे लिए बुरे शब्द भी बोले। ज्यादा पब्लिसिटी मिलने से वह अंधा हो गया है। जो कुछ उसने किया उसके लिए उसे जेल होनी चाहिए। सोचिए जरा कि कोई आपसे ऑटोग्राफ लेने आए और आप उसे गोली मार दें। पागल हो चुका है वो। 

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी को लगी ठंड़, बढ़ी मुसीबतें

जिस धूम धड़ाके से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू हुई थी वह अब ठंडी पड़ती जा रही है। ग्राहक अपने ऑपरेटर बदलने के लिए दौड़ लगा रहे हैं लेकिन बात नहीं बन रही है। ग्राहकों की शिकायत है कि वे अपने ऑपरेटर बदल चाहते हैं लेकिन उनकी पुरानी कंपनी उन्हें मौका नहीं दे रही है।

ज्यादातर मामलों में वे उनके रिक्वेस्ट पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि उनके भेजे एसएमएस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ मामलों में तो कंपनियां यह कह कर पल्ला झाड़ रही हैं कि उनका सर्वर डाउन है या फिर वे तकनीकी खराबी का बहाना बना रही हैं। एक बड़ी कंपनी के उपभोक्ताओं का कहना है कि वह जानबूझकर नंबर पोर्टेबिलिटी नहीं होने दे रही है।

उधर देश के दूसरे बड़े मोबाइल फोन ऑपरेटर वोडाफोन ने आरोप लगाया है कि उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां जानबूझकर उपभोक्ताओं के आग्रह को नहीं मान रही हैं। वे ग्राहकों को उसके यहां नहीं आने दे रही हैं। उनसे कहा जा रहा है कि उन्हें यूनिक पोर्टिंग कोड नहीं मिल पा रहा है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस का कहना है कि उसे वोडाफोन और एयरटेल के ग्राहकों से शिकायतें मिल रही हैं कि उनके ऑपरेटर उन्हें छोड़ नहीं रहे हैं। उनके एसएमएस स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।उधर एयरटेल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि हम पर आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। हमारे सामने कुछ तकनीकी मामले जरूर हैं लेकिन उनका समाधान निकाल लिया जाएगा।

सेलुलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा कि जिस देश में 70 करोड़ मोबाइल धारक हों वहां ऐसे मामले आ सकते हैं। शुरू में इसमें परेशानियां आ सकती हैं। लेकिन धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।

दागियों ने बेदाग़ होने का दिया हलफनामा

फर्रुखाबाद: शिक्षिका उमा यादव ने अपने पति की आत्महत्या के लिए जिन लोगो को जिम्मेदार ठहराया है उनमे एक नाम राजेपुर ब्लाक के शिक्षक नेता भूपेश पाठक का भी था| शिक्षिका का आरोप था कि उनके तबादले के लिए भूपेश पाठक ने दस हजार रुपये की मांग की थी| मामले की जाँच न्यायिक जाँच कर रहे एडीएम सुशील चन्द्र श्रीवास्तव को सौपी गयी है| इस मामले में रोचक तथ्य यह है कि जनपद के अब तक ४३ शिक्षको ने भूपेश पाठक के पक्ष में हलफनामा लगाया है जिसमे उन्हें बेदाग होने की बात कही है| जिनमे से कुछ शिक्षको को छोड़कर ज्यादातर खुद दागी है|

जिन शिक्षको ने भूपेश पाठक के पक्ष में हलफनामा लगाया है उनमे से कुछ नाम जो जेएनआई को पता चले है वो है- सोमनाथ दीक्षित, मनोज मिश्र, रामकुमार मिश्र, राजेश यादव, ओमनारायण मिश्र और शैलेश दुबे| कुछ जानकारी जो इन शिक्षको के बारे में जेएनआई को सूत्रों के हवाले से मिली है वो काफी चौकाने वाली है| ये जानकारी अगर शिक्षको को लगता है की ये सूचना गलत तो वो अपने विचार नीचे दे सकते है इसके लिए जेएनआई उनका स्वागत करता है उन्हें भी प्रकाशित कर दिया जायेगा|
१-सोमनाथ दीक्षित- एनपीआरसी एवं भवन प्रभारी
२-रामकुमार मिश्र- चर्चित भवन प्रभारी- घटिया व् अधूरे भवन निर्माण करना
३-राजेश यादव- भवन प्रभारी- घटिया व् अधूरे भवन निर्माण में लम्बे समय से निलम्बित चल रहे है| हालाँकि निलम्बित होने के बाबजूद इन्हें वित्तीय अधिकार प्राप्त है और एबीआरसी राजेपुर का खता सञ्चालन करते है|
४-ओमनारायण मिश्र- भवन प्रभारी- अपूर्ण और घटिया स्कूल बनाने में निलम्बित हुए थे|
५-शैलेश दुबे- २००६ में कतिन्ना मानिकपुर में घटिया व् अपूर्ण भवन बनाने में तत्कालीन प्रधान रामनरेश मिश्र कि शिकायत पर निलम्बित हुए थे|
इसके उपरोक्त अगर कोई जानकारी देना चाहता है तो जेएनआई उसका स्वागत करता है|

शिक्षक नेताओं के निशाने पर एसडीएम

फर्रुखाबाद: जनपद में जनता के हित में शिक्षा सुधार में विशेष रूचि लेना एसडीएम रविन्द्र वर्मा को भारी पड़ रहा है| बेसिक शिक्षा कार्यालय के भ्रष्टाचार की परिणिति में शिक्षिका उषा यादव के वकील पति की आत्महत्या से उपजे विवाद की चपेट में शिक्षक नेताओ ने मौका देख एसडीएम पर निगाहे टेढ़ी कर दी है| ज्ञात हो कि अमृतपुर तहसील में तैनाती के दौरान राजेपुर ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में ताबड़तोड़ छापा मार कर दर्जनों गैर हाजिर रहने वाले शिक्षको पर शिकंजा कसा था| इतना ही नहीं बिना स्कूल भवन बनबाये या घटिया निर्माण कराने वाले कई भवन प्रभारी शिक्षक भी उनकी रिपोर्ट पर निलम्बित किये गए थे| उनके काम से जनता में जहा काफी सुकून मिला था वहीँ कई भ्रष्ट शिक्षक और बीएसए को उनके विभाग की पोल खुलने पर रविन्द्र कुमार रास नहीं आ रहे थे| दबे मुह से चर्चा है कि शिक्षको का आन्दोलन प्रशासन पर दबाब बनाने को खुद बीएसए की देन थी मगर पासे उलटे पड़ते ही खुद बीएसए लपेटे में आ गए और निलम्बित हो गए| पूर्व निलम्बित बीएसए इसे कोरी अपवाह बताते है|

न्यायिक जाँच में सोमवार को शिक्षक नेताओ ने मुख्य रूप से एसडीएम रविन्द्र कुमार वर्मा को निशाना बनाया| ४० शिक्षको ने सामूहिक हस्ताक्षर कर एसडीएम वर्मा पर जनगणना प्रशिक्षण के दौरान अभद्र व्यवहार करने का आरोप जड़ा| इन शिक्षको में प्रमुख इस प्रकार रहे-
१-विनोद कुमार पाठक- सहायक अध्यापक एवं शिक्षक नेता राजेपुर क्षेत्र
२-विक्रम सिंह- अध्यक्ष प्राथमिक संघ राजेपुर
३-मदन सिंह- सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय सलेमपुर राजेपुर
४-कौशलेन्द्र कुमार मिश्र-सहायक अध्यापक प्राथमिक नगरिया गिरधर
५-अनिल कुमार सिंह-प्रधान अध्यापक भुडिया भेड़ा
६-मनोज कुमार द्विवेदी- सहायक अध्यापक- खजुरिया राजेपुर
७-मिथलेश कुमार द्विवेदी- मोकुलपुर राजेपुर
८-रामनरेश- प्रधान अध्यापक- मोकुलपुर राजेपुर
९-श्रीकृष्ण सिंह- सहायक अध्यापक- पूर्व माध्यमिक विद्यालय दहेलिया राजेपुर
१०-जीतेन्द्र तिवारी- सहायक अध्यापक- पूर्व माध्यमिक विद्यालय कनकापुर राजेपुर
११-कन्हैयालाल- प्रधान अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगोली राजेपुर
१२- संजीव कुमार – पूर्व माध्यमिक विद्यालय- धूरीहार
१३-प्रमोद कुमार मिश्र-
१४-प्रदीप कुमार- सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय निबिया राजेपुर
१५- संजीव कुमार कटियार- जिला व्यायाम शिक्षक
१६- कृपाराम- प्राथमिक विद्यालय अलहदादपुर भटौली
१७- हरिओम नारायण- प्राथमिक विद्यालय अमेठी जदीद
१८- जसविंदर- प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर पलनापुर
१९-अनिरुद्ध सिंह – सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय झिन्झुकी
२०-संजीव कुमार-प्राथमिक कोरीखेडा
२१- संतोष कुमार- शिक्षा मित्र- रामपुर माझगांव
२२-अवधेश सिंह-
२३- संतोष पाठक- सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुडियाभेड़ा
२४- जगदम्बा प्रसाद- प्रधान अध्यापक- पूर्व माध्यमिक निबिया
२५-मनोज कुमार शाक्य-सहायक अध्यापक कनकापुर राजेपुर
२६-रामबाबू द्विवेदी- सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक उधरनपुर राजेपुर
२७-सुनील कुमार अग्निहोत्री- प्राथमिक विद्यालय
२८-जगदेव सिंह- प्रधान अध्यापक- पूर्व माध्यमिक विद्यालय- उधरनपुर
२९-सुभाष चन्द्र सिंह- प्रधान अध्यापक- पूर्व माध्यमिक विद्यालय- करनपुर दत्त
३०-अरविन्द कुमार द्विवेदी- प्रधान अध्यापक प्राथमिक गाँधी
३१-रविन्द्र सिंह प्राथमिक विद्यालय
अन्य नाम अपठनीय
उपरोक्त शिक्षको ने सामूहिक शिकायत दर्ज करायी है|