दागियों ने बेदाग़ होने का दिया हलफनामा

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फर्रुखाबाद: शिक्षिका उमा यादव ने अपने पति की आत्महत्या के लिए जिन लोगो को जिम्मेदार ठहराया है उनमे एक नाम राजेपुर ब्लाक के शिक्षक नेता भूपेश पाठक का भी था| शिक्षिका का आरोप था कि उनके तबादले के लिए भूपेश पाठक ने दस हजार रुपये की मांग की थी| मामले की जाँच न्यायिक जाँच कर रहे एडीएम सुशील चन्द्र श्रीवास्तव को सौपी गयी है| इस मामले में रोचक तथ्य यह है कि जनपद के अब तक ४३ शिक्षको ने भूपेश पाठक के पक्ष में हलफनामा लगाया है जिसमे उन्हें बेदाग होने की बात कही है| जिनमे से कुछ शिक्षको को छोड़कर ज्यादातर खुद दागी है|

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जिन शिक्षको ने भूपेश पाठक के पक्ष में हलफनामा लगाया है उनमे से कुछ नाम जो जेएनआई को पता चले है वो है- सोमनाथ दीक्षित, मनोज मिश्र, रामकुमार मिश्र, राजेश यादव, ओमनारायण मिश्र और शैलेश दुबे| कुछ जानकारी जो इन शिक्षको के बारे में जेएनआई को सूत्रों के हवाले से मिली है वो काफी चौकाने वाली है| ये जानकारी अगर शिक्षको को लगता है की ये सूचना गलत तो वो अपने विचार नीचे दे सकते है इसके लिए जेएनआई उनका स्वागत करता है उन्हें भी प्रकाशित कर दिया जायेगा|
१-सोमनाथ दीक्षित- एनपीआरसी एवं भवन प्रभारी
२-रामकुमार मिश्र- चर्चित भवन प्रभारी- घटिया व् अधूरे भवन निर्माण करना
३-राजेश यादव- भवन प्रभारी- घटिया व् अधूरे भवन निर्माण में लम्बे समय से निलम्बित चल रहे है| हालाँकि निलम्बित होने के बाबजूद इन्हें वित्तीय अधिकार प्राप्त है और एबीआरसी राजेपुर का खता सञ्चालन करते है|
४-ओमनारायण मिश्र- भवन प्रभारी- अपूर्ण और घटिया स्कूल बनाने में निलम्बित हुए थे|
५-शैलेश दुबे- २००६ में कतिन्ना मानिकपुर में घटिया व् अपूर्ण भवन बनाने में तत्कालीन प्रधान रामनरेश मिश्र कि शिकायत पर निलम्बित हुए थे|
इसके उपरोक्त अगर कोई जानकारी देना चाहता है तो जेएनआई उसका स्वागत करता है|

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