फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में आलू के बेहतर विपणन, गुणवत्ता संवर्धन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाराणसी के सहयोग से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं तथा आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जीएम पोर्टल पर जनपद का डाटा शीघ्र अपलोड कराने, गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने तथा निर्यात योग्य उच्च गुणवत्ता वाले आलू के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। फर्रुखाबाद में आलू आधारित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन, आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं सॉर्टिंग व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों और व्यापारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि आलू उत्पादन, गुणवत्ता संवर्धन एवं विपणन के लिए विशेष एफपीओ गठित किया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। साथ ही जनपद में मैंगो पल्प यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। जनपद में लगभग 43,400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू तथा 16.75 हेक्टेयर में आम की खेती होती है। प्रतिवर्ष करीब 15.53 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन के साथ फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जनपदों में शामिल है। एपीडा किसानों और निर्यातकों को पंजीकरण, तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार विश्लेषण, प्रशिक्षण एवं विपणन संबंधी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराता है।अधिकारियों ने बताया कि निर्यात के लिए 45 से 80 मिलीमीटर आकार के साफ, चिकने, बिना दाग-धब्बे और बिना कटे-फटे आलू की अधिक मांग रहती है। साथ ही निर्यातकों को परिवहन भाड़े पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का भी प्रावधान है। आलू विकास अधिकारी ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने तथा वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद एवं ढैंचा जैसी हरित खादों के प्रयोग को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने बताया कि स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने से जल संरक्षण के साथ उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होता है। जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि (प्रसार) कार्यालय को किसानों को समय पर मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। फर्रुखाबाद का आलू वर्तमान में सऊदी अरब, नेपाल, ओमान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका सहित कई देशों को निर्यात किया जा रहा है। हाल ही में रूस से कुफरी बहार किस्म के आलू की मांग प्राप्त हुई है, जबकि इराक ने भी भारत से आलू आयात को स्वीकृति दी है। इससे जिले के किसानों के लिए निर्यात के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। एपीडा अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में एपीडा से अनुमोदित छह पैकिंग सेंटर संचालित हैं। उन्होंने जनपद का डाटा नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन करने तथा तकनीकी टीम को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आलू को मिलेगा वैश्विक बाजार, एफपीओ गठन व निर्यात बढ़ाने की तैयारी
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