कमालगंज (फर्रुखाबाद): नगर पंचायत अध्यक्ष कमालगंज राजवेटी शंखवार के पति कृष्ण कुमार के खिलाफ मुख्य सचिव के निर्देश पर अतिरिक्त एसडीएम श्रीराम सचान ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एसडीएम ने कमालगंज नगर पंचायत पहुंचकर फाइलें व अन्य कागजात खंगाले।
विदित हो कि सभासद सुषमा राजपूत, नन्हीं बिटिया, शिवकुमार हलवाई ने मुख्य सचिव को एक शिकायत भेजी थी जिसमें नगर पंचायत कमालगंज में अध्यक्ष पति के मनमाने ढंग से करवाये गये कार्यों के सम्बंध में जांच कराने की मांग की गयी। सभासदों ने आरोप लगाया था कि अध्यक्ष पति कृष्ण कुमार के द्वारा कराये गये कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ ही जमकर धांधली की गयी।
जिसके बाद एसडीएम अतिरिक्त श्रीराम सचान नगर पंचायत कमालगंज जांच के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने पाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष राजबेटी शंखवार नगर पंचायत के समस्त कार्यों में अध्यक्ष पति कृष्ण कुमार शंखवार प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय रजीपुर का हस्तक्षेप रहता है। एक वर्ष में नगर के दोनो तरफ बने स्वागत द्वारों को अध्यक्ष की सह पर पूरा उखड़वा दिया गया। जबकि बोर्ड बैठक में नाम शंसोधन का प्रस्ताव दिया गया था।
बिना बोर्ड की बैठक किये निम्न स्तर का फर्नीचर खरीद लिया गया। नगर पंचायत के नलकूपों पर हर सप्ताह मोटरपम्प फुक रहे हैं। जिसमें फर्जी बिलों को पास कराने का प्रयास किया जा रहा है। सभासदों ने आरोप लगाया कि कृष्ण कुमार शिक्षक होने के बाद भी बोर्ड की बैठकों में जबरन बैठते हैं और प्रस्तावों को प्रभावित करते हैं। जबकि शासनादेश के अनुसार बाहरी व्यक्ति नहीं पहुंच सकता और न ही कोई हस्तक्षेप कर सकता। शनिवार को एसडीएम अतिरिक्त श्रीराम सचान ने कमालगंज नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस दौरान सम्बंधित योजनाओं की फाइलें खंगालीं।
निकायों में अब खाली पदों का ब्योरा आनलाइन होगा। ऐसे निकायों में मनमाने तरीके से होने वाली भर्तियों पर रोक लगाने के मकसद से किया जा रहा है। निकायों में कितने पद हैं, कितने खाली हैं और कौन कर्मचारी कब रिटायर हो रहा है इसका पूरा ब्योरा अब ऑनलाइन होगा। यही नहीं निकाय भर्ती से पहले स्थानीय निकाय निदेशालय या नगर विकास विभाग से अनुमति लेंगे।
इसके बाद ही रिक्त पदों पर भर्ती हो सकेगी। निकाय निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि नियुक्तियों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए निकायवार ब्योरे एकत्र कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 630 निकाय हैं। नगर निगमों में नगर आयुक्त और पालिका परिषद व नगर पंचायत में चेयरमैन अपने हिसाब से भर्तियां करते रहते हैं।
निकायों में पदों के अनुरूप कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, इसका पूरा ब्योरा मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। मनमानी की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसलिए भर्तियों से संबंधित ब्योरा ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्तों से छिनेगा अधिकार
नियमानुसार नगर आयुक्त जरूरत के आधार पर 11 माह के लिए कर्मियों को रख सकता है। प्रदेश के अधिकतर नगर निगमों में इसका दुरुपयोग हो रहा है। नगर आयुक्त कर्मचारियों को रख तो लेते हैं, लेकिन बाद में इन कर्मियों सेवाएं समाप्त नहीं की जाती हैं।
ऐसे कर्मचारी लगातार कुछ सालों तक काम करने के बाद स्थायी करने के लिए कोर्ट का सहारा लेते हैं। अब राज्य सरकार नगर आयुक्तों से यह अधिकार छीनना चाहती है। इस संबंध में नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।
FARRUKHABAD : इसे लापरवाही कहें या जनता के पैसे की बर्बादी, लाखों रुपये की लागत से बनाये गये रंगीन पानी के इस फब्बारे की स्थिति महज कुछ दिनों में ही यह हो गयी कि अब दूसरों को ठंडी फुहार देने वाला यह फब्बारा खुद बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहा है।
तत्कालीन जिलाधिकारी के धन लक्ष्मी द्वारा चार अप्रैल 2010 को इस फब्बारे का उदघाटन किया गया। फब्बारा बनवाने का शेहरा तत्कालीन चेयरमैन मनोज अग्रवाल के सर बंधा था और बंधना भी चाहिए था। उन्होंने जिले को एक ऐसी अदभुत चीज दे दी थी जो देखने के लिए लोग शाम को लाल दरबाजे पर एकत्रित होते थे। पानी की डिजाइन के साथ-साथ उसके रंग में परिवर्तन की मनोहारी छटा देखकर मन मन लोग आनंद लेते थे। लेकिन अब महज नगर पालिका की अनदेखी के चलते लाल सराय का यह अदभुत फब्बारा जर्जर हालत में पहुंच गया है। अंदर की काफी मशीनरी टूट चुकी है। आस पास भी शरारती तत्वों ने जगह जगह उसे तोड़ डाला है। नशेड़ी व्यक्ति झरने के अंदर घुसकर उसमें नशीले इंजेक्शन लगाकर खिसक लेते हैं और खाली सिरेंजें फब्बारे के अंदर ही छोड़ जाते हैं।
नगर पालिका के वर्तमान चेयरमैन ने अगर इस सम्बंध में शीघ्र ध्यान न दिया तो जनता के पैसे से बनाया गया यह फब्बारा शीघ्र ही ध्वस्त हो जायेगा।
लखनऊ : नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में अनियमित एवं मनमाने तरीके से संविदाकर्मियों को रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब विभागीय कार्यवाही की जाएगी। संबंधित संविदाकर्मियों को पहले ही निकायों से निष्कासित किया जा चुका है।
प्रमुख सचिव नगर विकास सीबी पालीवाल द्वारा स्थानीय निकाय निदेशक के साथ ही सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्त व निकाय अध्यक्षों को शासनादेश जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि निकायों से निष्कासित किए गए संविदाकर्मियों को नियुक्त करने वाले अधिकारियों का उत्तरदायित्व तय किया जाए। बुधवार को ही जारी शासनादेश में ऐसे अधिकारियों के खिलाफ 15 दिनों में विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि नगर विकास मंत्री मुहम्मद आजम खां के निर्देश पर पिछले वर्ष 23 जुलाई को शासनादेश जारी कर निकायों में अनियमित एवं मनमाने तरीके से रखे गए सभी संविदा कर्मियों (शासन के निर्देशों के तहत निकायों में संविदा पर नियुक्त सफाईकर्मी, केंद्रीय योजनाओं में रखे गए संविदाकर्मी व कोर्ट के आदेश पर तैनात संविदाकर्मियों को छोड़कर) की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में निकायों से बड़ी संख्या में संविदाकर्मियों की तो छुंट्टी हो गई लेकिन उन्हें रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नही की गई थी।
फर्रुखाबाद: छिबरामऊ से जहांनगंज होते हुए कलक्ट्रेट तक स्वीकृत फोरलेन रोड (20 मीटर चौड़ी सड़क) के निर्माण को लेकर अभी से हड़कंप शुरू हो गया है। विशेष रूप से कलक्ट्रेट से जिलाजेल व सेंट्रल जेल तक मार्ग के किनारे बने मकानों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। मार्ग चौडी़करण की स्थिति में डीएम बंगले के सामने बनी इस रोड की सबसे खूबसूरत ‘कठेरिया बिल्डिंग का भी टूटना तय है। अभी तक कलक्ट्रेट से सेंट्रल जेल तक सड़क की चौडाई 6 से 8 मीटर ही है। इस संबंध में बुधवार को बार एसोसियेशन की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।
विदित है कि शासन की ओर से छिबरामऊ से वाया जहांनगंज कलक्ट्रेट तक 20 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण का प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुका है। जिसका शिलान्यास भी मुख्यमंत्री 20 मार्च को लखनऊ में कर चुके हैं। इस आशय का पत्थर भी कलक्ट्रेट के सामने लग चुका है। इसी के साथ ही अब कलक्ट्रेट से सेंट्रल जेल वाया जिला जेल मार्ग पर सड़क के किनारे बने मकानों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। मार्ग चौडी़करण की स्थिति में इस रोड की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग ओमप्रकाश कठेरिया के मकान के अलावा दूर दर्शन केंद्र, जीजीआईसी व कोषागार आदि की बिल्डिंगों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। इनके अतिरिक्त सड़क किनारे बने अधिकांश मकान इस चौड़ी करण से प्रभावित होने जा रहे हैं। लोकनिर्माण विभाग व नगर पालिका के अभिलेखों के अनुसार कलक्ट्रेट से जिला जेल तक सड़क की चौड़ाई 8 मीटर व जिला जेल से सेंट्रल जेल तक सडक की चौड़ाई साढे पांच से छह मीटर तक है। इसमें कई स्थानों पर लोगों ने अतिक्रमण कर मकान व दुकाने आगे बढाकर बना रखी हैं।
जिला बार एसोसियेशन की ओर से बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर कलक्ट्रेट से जिलाजेल चौराहे तक सड़क की चौड़ाई जनहित में 6 मीटर ही रखने की मांग की है। नगर क्षेत्र में इतनी चौड़ी सड़क की आवश्यकता पर प्रश्नचिन्ह लगाया गया है।
कमालगंज (फर्रुखाबाद): नगर पंचायत कमालगंज में 18 अप्रैल को ईओ सर्वेश कुमार के साथ मारपीट की घटना को लेकर सफाईकर्मचारियों ने इकट्ठा होकर 
हड़ताल करने की रणनीति बनायी। लेकिन ईओ के समझाने पर कर्मचारियों ने हड़ताल नहीं की।
नगर पंचायत कमालगंज में ईओ व अध्यक्ष के बीच घमासान की स्थिति बनी हुई है। जहां एक तरफ अध्यक्ष के समर्थक ईओ पर आरोपों की झड़ी लगाने से नहीं चूक रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ईओ व नगर पंचायतकर्मी अध्यक्ष पर कार्यालय में ताला डालने जैसे कई अन्य आरोप लगा रहे हैं। जिससे दिन पर दिन दोनों पक्षों में विवाद बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सफाईकर्मचारियों ने ईओ की पिटायी के विरोध में हड़ताल करने की योजना बनायी। इसी बीच ईओ सर्वेश कुमार कुशवाह नगर पंचायत कार्यालय आ गये और उन्होंने कहा कि मैंने जिलाधिकारी से मिलकर सारे प्रकरण से अवगत करा दिया है। आप लोग काम करें। जिससे नगर में किसी तरह की कोई असुविधा न हो।
वहीं जब इस सम्बंध में जेएनआई ने ईओ सर्वेश कुमार से पूछा तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष राजवेटी के कमरे में ताला पड़ा है। जिसकी कार्यालय में चाबी रहनी चाहिए। लेकिन वह चाबी को अपने घर पर रखती हैं। उनका एक प्राइवेट व्यक्ति पवन श्रीवास्तव कार्यालय खोलता है और तमाम तरीके के पेंशन फार्म भरे जाते हैं। जबकि ग्रामीण उन पर पेंशन के नाम पर वसूली का आरोप भी लगा रहे हैं। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष पर सपाई या बसपाई होने पर भी विवाद बना हुआ है।
कमालगंज (फर्रुखाबाद): नगर पंचायत कमालगंज में शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में ईओ द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष ने पति को बैठक से बाहर जाने को कहने के विवाद में नगरपंचायत के अधिशासी अधिकारी पर चप्पल उतार कर झपट पड़ीं। जैसे तैसे ईओ दूसरे कमरे में भागनगर छिपे। इसके बाद पंचायत अध्यक्ष व उनके समर्थकों और कर्मचारियों के बीच जूतम
पैजार हुआ। बाद में दोनों पक्ष अपनी अपनी शिकायत लेकर थाना कमालगंज में पहुंचे है। नगर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
नगर पंचायत कमालगंज में जैसे ही बैठक शुरू हुई तो उसमें हमेशा की तरह नगर पंचायत अध्यक्ष राजबेटी के पति कृष्ण कुमार बैठे हुए थे। ईओ सर्वेश कुमार ने कृष्ण कुमार से कहा कि आप बोर्ड बैठक से बाहर चलें। कृष्ण कुमार ने कहा कि यदि हम बैठक में नहीं रहेंगे तो मीडियाकर्मी भी नहीं रहेंगे। जिस पर ईओ
सर्वेश कुमार ने कहा कि यह कोई शासनादेश नहीं है कि मीडियाकर्मी बैठक में नहीं रहेंगे। बैठक के दौरान विवाद बढ़ गया। नगर पंचायत अध्यक्ष के समर्थक ईओ पर हमला करने के लिए खड़े हो गये। किसी तरीके से मामला शांत कर लिया गया, और दोबारा बैठक शुरू की गयी। परंतु विवाद की पृष्ठभूमि तैयार हो चुकी थी।
बैठक समाप्त होने के बाद में अध्यक्ष पति ने कहा कि अभी तक की जो भी कार्यवाहियां हैं उनकी फोटोकापी सत्यापित की हुई उन्हें चाहिए। जिस पर ईओ सर्वेश कुमार ने फोटो कापी कराकर व हस्ताक्षर करके अध्यक्ष पति कृष्ण कुमार को दे दिये। इसी बीच मीडियाकर्मी ईओ से बात करने लगे कि किस सम्बंध में प्रस्ताव पास किये गये।
इसी बीच अध्यक्ष पति कृष्ण कुमार ने बाहर आकर मैदान में ईओ से कहा कि एक मिनट बात सुन लें। जैसे ही ईओ बाहर निकल कर आये। नगर पंचायत अध्यक्ष राजबेटी ने चप्पल उतार कर ईओ पर हमला कर दिया। मारपीट की स्थ्िाति देख एक नगर पंचायत कर्मचारी आया और किसी प्रकार खींच कर ईओ सर्वेश कुमार को अंदर लेगया। इसी दौरान अध्यक्ष पति समर्थकों ने कर्मचारियों की पिटायी भी चालू कर दी। नगर पंचायत के प्रांगण में दखते ही देखते भगदड़ मच गयी।
बाद में दोनो पक्ष अपनी अपनी फरियाद लेकर थाना कमालगंज पहुंचे। एसओ कमालगंज ने दोनो पक्षों से तहरीर ले ली। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में अधिकारियों से बात की जायेगी। उसके बाद कार्यवाही की जाये। दोनो पक्षों की तरफ से तनाव व्याप्त है। सफाई कर्मचारी इस बात को लेकर ज्यादा आक्रोषित हैं कि ईओ पर गलत तरीके से हमला किया गया है। इसका बदला लेकर रहेंगे। थाने के बाहर सफाई कर्मचारियों की भीड़ लगी रही।
विदित है कि राजबेटी बसपा शासन काल में अनुसूचित जाति महिला के लिये आराक्षित सीट से बसपा प्रत्ययाशी के तौर पर चुनाव लड़कर चुनाव जीती थीं। परंतु बाद में सपा सरकार आते ही उन्होंने समारोह पूर्वक समाजवादी पार्टी की सदस्यता प्राप्त कर ली थी। मजे की बात है कि नगर पालिका ईओ सर्वेश कुमार भी अनुसूचित जाति से ही संबंध रखते हैं, इसलिये दलित उत्पीड़न का केस बनने की तो संभावना नहीं है, परंतु अन्य धाराओं में एफआईआर होने की संभावना है।
फर्रुखाबाद: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से जनता की सुविधा के लिये लागू की नयी कंप्यूटर आधारित लोकवाणी व्यवस्था घूसखोर प्रशासनिक व्यवस्था के लिये बड़ा सिरदर्द बन गयी है। ऊंची कुर्सियों पर बैठे अधिकारियों को यह गवारा नहीं है कि जनता कोई काम बिना पैसे या खुशमद क्यों हो जा रहा है। परंतु शासन का आदश है। लगातार शिकायतों के निस्तारण की वयवस्था है। सो बेचारे रो-धो कर काम तो कर देते हैं, परंतु फिर भी अपनी सामर्थ्य के अनुरूप काम को लटकाने में अपनी पूरी योग्यता लगा देते हैं। कई बार तो बहाने भी हास्यास्पद की श्रेणी तक अविश्वस्नीय होते हैं।
ताजा उदाहरण नगर पालिका के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के बनाने का है। एक लोकवाणी केंद्र से नगर पालिका में लंबित आवेदनों का निर्धारित समय सीमा गुजरने के काफी समय बाद भी निस्तारण न होने के विषय में पूछा गया तो, संबंधित विभाग के बाबू विजय शुक्ला ने जवाब दिया कि साहब की ‘पेनड्राइव’ एक्सपायर हो गयी है। नवीनीकरण के लिये लखनऊ गयी है, साथ ही ये भी कहा की सोमवार तक आने की सम्भावना है हम लोग इसी प्रयास में लगे हुए है की सोमवार तक आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जा सके ।
नगरपालिका में केवल जन्म मृत्यु विभाग ही लोकवाणी व्यवस्था से जुड़ा है। सो इसका कभी नेट ख़राब हो जाता है, कभी इनवर्टर बैठ जाता है, कभी जनरेटर खराब होता है, तो कभी पेन ड्राइव एक्सपायर हो जाती है, जिसके कारण प्रेषित आवेदन पत्रों का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा है।
वर्तमान में जनपद के एक सैकड़ा लोकवाणी केंद्रों से एक ही के लगभग 16 आवेदन पत्र निस्तारण हेतु विगत 1 माह से प्रतीक्षा कर रहे है। जबकि आवेदन पत्रों के निष्तारण मात्र 7 कार्यदिवस है ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार द्वारा इ-गवर्नेन्स को को पूर्ण रूप से विफल किया जा रहा है।
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क्र० सं०
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नाम
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पिता का नाम
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स्थान
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आवेदन प्रेषण कि तिथि
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प्रेषण उपरान्त व्यतीत समय
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1
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मनीषा |
रमेश |
ग्राटगंज |
02-02-13
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67 दिन
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2
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आर्यन |
राकेश चन्द्र |
ग्राटगंज |
09-02-13
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60 दिन
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3
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सुप्रज्ञ |
ज्ञानेंद्र प्रताप |
ईसेपुर |
09-02-13
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60 दिन
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4
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रुद्राक्ष |
ज्ञानेंद्र प्रताप |
ईसेपुर |
09-02-13
|
60 दिन
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5
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अग्रिमा |
रुपेश |
गंगानगर |
09-02-13
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60 दिन
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6
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उत्कर्ष सिन्हा |
पंकज सक्सेना |
आवास विकास |
10-03-13
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31 दिन
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7
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परी सक्सेना |
रवि सक्सेना |
आवास विकास |
11-03-13
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30 दिन
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8
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महक सक्सेना |
रवि सक्सेना |
आवास विकास |
11-03-13
|
30 दिन
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9
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स्नेहा |
पंकज सक्सेना |
आवास विकास |
11-03-13
|
30 दिन
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10
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अनुशा |
राजेश सोमवंशी |
दुर्गा कालोनी |
17-03-13
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24 दिन
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11
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अंकित सोमवंशी |
राजेश सोमवंशी |
दुर्गा कालोनी |
17-03-13
|
24 दिन
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12
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गुंजन कनौजिया |
रवि कुमार |
आवास विकास |
20-03-13
|
20 दिन
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13
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सूर्यांश कुमार |
रवि कुमार |
आवास विकास |
20-03-13
|
20 दिन
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Posted on : 30-03-2013 | By :
जेएनआई डेस्क | In :
NAGAR PALIKA
SHAMSABAD (FARRUKHABAD) : नगर पंचायत शमसाबाद के अध्यक्ष विजय गुप्ता ने शनिवार को शमसाबाद सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्यकेन्द्र में कोई भी डाक्टर मौजूद न मिलने पर विजय गुप्ता ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी पवन कुमार व सीएमओ राकेश कुमार से की है।
विजय गुप्ता ने शिकायतीपत्र में कहा है कि ३० मार्च को 4 बजे उनके द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया उस दौरान अस्पताल में कोई भी कर्मचारी एवं डाक्टर उपस्थित नहीं था। यह स्थिति अक्सर बनी रहती है। नगर के लोग इलाज हेतु अस्पताल आते हैं लेकिन डाक्टर के उपस्थित न होने पर बीमार, लाचार लोग इधर उधर भटकते रहते हैं। साथ ही यह भी अवगत कराना है जब कभी डाक्टर मिल भी जाते हैं तो मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखी जाती हैं। अस्पताल के स्टोर से मरीजों को दवाइयां वितिरत नहीं की जाती हैं।
अस्पताल नागरिकों के सुविधा एवं सुचारू रूप से इलाज हेतु बनाया गया है, परन्तु डाक्टरों एवं कर्मचारियों की लापरवाही एवं गैर जिम्मेदारी पूर्ण कार्य करने के कारण शासन की मंशा के अनुरूप असहाय, कमजोर, गरीब, लाचार लोगों को इलाज ही नहीं मिल पाता है। यह स्थिति अत्यंत खेद जनक है। विजय गुप्ता ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग की है कि अस्पताल के डाक्टर एवं कर्मचारियों की अस्पताल में उपस्थिति एवं स्टोर में दवाइयों का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध रखने हेतु उचित एवं कठोर कार्यवाही की जाये।
इस सम्बंध में सीएचसी प्रभारी डा0 प्रभात वर्मा ने बताया कि अस्पताल में डा0 धन सिंह व फार्मासिस्ट राजीव की ड्यूटी लगायी गयी थी। जिनकी ड्यूटी चार बजे खत्म हो चुकी थी। जबकि चेयरमैन ने सवा चार बजे निरीक्षण किया था।
FARRUKHABAD : नगर पालिका सभागार में बुलायी गयी बोर्ड की बैठक में 10 करोड़, एक लाख्, 98950 रुपये के 279 प्रस्तावों को बगैर किसी विरोध व हो हल्ला के महज पांच मिनट में ही पास कर दिया गया। सभासदों ने किसी भी प्रस्ताव के सम्बंध में अपनी आपत्ति नही जतायी। बैठक में पटेल पार्क के सुन्दरीकरण
के लिए भी बात रखी गयी। जिसका पालिका अध्यक्ष ने शीघ्र कायाकल्प कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में पहुंचे एमएलसी मनोज अग्रवाल के अलावा पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने एडीएम कमलेश कुमार के साथ बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें विभिन्न शहरी समस्याओ को लेकर विचार विमर्श किया गया। सभासदों ने सभा में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगी माइक व्यवस्था को नगर पालिका में भी लगाये जाने की बात कही। सभासदों ने कहा कि बैठक के दौरान पालिकाध्यक्ष की आवाज उन तक नहीं पहुंच पाती न ही सभासदों द्वारा कही गयी बात अन्य लोगों तक पहुंचती। इस प्रस्ताव के लिए भी आश्वासन दे दिया गया। बैठक में २७९ अनुपूरक प्रस्ताव पेश किये गये। जिसमें सभी प्रस्तावों को मिलाकर 10 करोड़, एक लाख्, 98950 रुपये की मंजूरी सदन में दी गयी।
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वहीं नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद ने बजट वित्तीय वर्ष 2013 – 14 का आय व्यय ब्यौरा भी पेश किया। जिसमें गृह कर 95 लाख रुपये आय एवं व्यय 70 लाख रुपये होगा। वाहन कर में आय दो लाख 35 हजार व व्यय पांच लाख दर्शाया गया है। जलकर में 93 लाख रुपये की आय होना दर्शायी गयी है तो वहीं 35 लाख रुपये व्यय होना बताया गया है। नगर पालिका फर्रुखाबाद में इस बार आय से कम व्यय करने की मदों को रखा गया है। जिससे जनता के हित में विकास कार्यों पर खर्चे कम लेकिन कमाई ज्यादा की जायेगी। नगर पालिका बजट में कुल आय 4015.89 लाख में मात्र 3964.40 लाख रुपये ही बजट खर्च किया जायेगा। बजट के अनुसार 51 लाख 49 हजार रुपये नगर पालिका इस वित्तीय वर्ष में लाभ में रहेगी।
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