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अदालती आदेश से खुल रही यूपी पुलिस की पोल

फर्रुखाबाद: आखिर अदालत ही हर पीड़ित के आंसू पोंछकर उसे न्याय दिलाती है| यूपी की पुलिस घटनाओं को छिपाने के लिए मुकद्दमे दर्ज नहीं करती, बल्कि टेस्ट रिपोर्ट के नाम पर नौटंकी की जाती है कि जो कर्मचारी रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी|

अदालत के आदेश पर फर्रुखाबाद जिले की पुलिस की पोल खुल रही है कि वह ह्त्या व दहेज़ उत्पीड़न, दलित उत्पीड़न तक की रिपोर्ट दर्ज करने में हाँथ खड़े कर देती है| उदाहरण के तौर पर कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने बीते तीन दिनों से प्रतिदिन दो मुकद्दमे दर्ज किये हैं|

बीती रात फतेहगढ़ पुलिस ने अदालत के आदेश पर थाना जहानगंज के ग्राम नगला दलू निवासी महेंद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमे गाँव के ही वेदराम, शीशराम, अजीत व श्याम को महेंद्र के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का आरोपी बनाया गया है| यह घटना २३ अप्रैल को सब्जी मंडी फतेहगढ़ में हुयी थी|

ग्राम लोहापीटा बनखड़िया निवासी विनोद की पत्नी रेखा की दहेज़ उत्पीड़न की रिपोर्ट पुलिस ने अदालत के आदेश पर दर्ज कर ली| रिपोर्ट में मैनपुरी रेलवे रोड क्रिश्चियन फील्ड के निकट रहने वाले रेखा के पति, ससुर केदार सिंह, सास ऊषा व मंजू को अभियुक्त बनाया गया| अभियुक्तों पर २५ मार्च को १ लाख रुपये दहेज़ की मांग को लेकर रेखा के साथ मारपीट करने का आरोप है|

बैंक अकाउंट खुलवाने में छूट जाएंगे पसीने!

अब तक आपको बैंकों में खाता खुलवाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी। लेकिन आने वाले दिनों में ये काम काफी मुश्किल भरा साबित हो सकता है। दरअसल धोखाधड़ी और काले धन पर रोक के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों यानी आरआरबी को खाता खोलने के नियमों को सख्त करने का निर्देश दे दिया है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि अब सिर्फ एंप्लॉयर सर्टिफिकेट ही खाता खोलने के लिए काफी नहीं होगा।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आरआरबी अपने नए ग्राहकों को खाता खोलने के लिए काला धन निरोधक नियमों में जरूरी कम से कम एक आधिकारिक दस्तावेज जमा कराने के लिए कहें। यह पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र में से कोई एक हो सकता है। इतना ही नहीं, आरबीआई ने यह भी कहा है कि नए ग्राहकों द्वारा दिए जा रहे सभी डॉक्यूमेंट की सख्ती से जांच की जाए। और इसमें कोई भी कमी पाए जाने पर खाता ना खोला जाए।

अधिसूचना में कहा गया है कि किसी प्रतिष्ठित कंपनी या इकाई के प्रमाण पत्र को ही खाता खोलने के लिए स्वीकार किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उसकी जानकारी में यह बात आई है कि कुछ बैंक सिर्फ एंप्लॉयर के सर्टिफिकेट या लेटर के आधार पर ही खाता खोल देते हैं। इससे धोखाधड़ी और दुरुपयोग की आशंका बढ़ती है।

2जी से बड़ा घोटालाः अफसरों ने बेचा 35 हजार करोड़ का अनाज

उत्तरप्रदेश में करीब 35 हजार करोड़ रु. का अनाज दो सौ अफसरों ने मिलीभगत कर देश के दूसरे शहरों और विदेशों में बेच दिया। यह अनाज विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को दिया जाने वाला था। खाद्यान्न घोटाले में कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तलाशी और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी है।

यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने एक दिसंबर को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी थी। फिलहाल करीब 31 जिलों में खाद्यान्न आवंटन में गड़बड़ी पकड़ी गई है, लेकिन इसका दायरा और बढ़ने की आशंका है। गरीबों को मुफ्त या सस्ती दर पर अंत्योदय योजना, अन्नपूर्णा योजना और मध्यान्ह भोजन के तहत दिया जाने वाला अनाज 2001 से 2007 केबीच दूसरे राज्यों ही नहीं, नेपाल और बांग्लादेश तक बेचा गया। सात साल तक चली इस हेराफेरी को लेकर यूपी में करीब पांच हजार एफआईआर दर्ज हैं।

ईडी ने इस मामले में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मनी लांडरिंग एक्ट और फेमा के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस मामले में शामिल अफसरों को उनका पक्ष रखने के लिए नोटिस दिए गए हैं। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उनकी संपत्तियों पर छापा मारकर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

तीन महीने में मिले भ्रष्ट अफसरों पर मुकदमे की अनुमति

भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की अनुमति न मिलने पर मुकदमे से बचते रहे अफसरों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कानून में संशोधन करने को कहा है। यूपी के खाद्यान्न घोटाले में सुनवाई कर रही बेंच ने संसद से कहा कि कानून में संशोधन किया जाए ताकि तीन महीने में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ मुकदमा शुरू हो सके।

खाद्यान्न घोटाले में शामिल अफसरों पर मुकदमा चलाने की अनुमति न मिलने पर बेंच ने 3 दिसंबर को नाराजगी जताई थी। जजों ने कहा था कि यदि सरकार तीन महीने तक अनुमति नहीं देती है तो उसका इंतजार करने की जरूरत नहीं। यूपी सरकार ने राज्य के कई अफसरों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने की अनुमति देने से इनकार करते हुए सीआरपीसी की धारा 198 को आधार बताया था।

‘2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से बड़ा है यह घोटाला’

खाद्यान्न घोटाले को हाईकोर्ट में ले गए याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी के अनुसार, खाद्यान्न घोटाले में करीब दो लाख करोड़ के अनाज की हेराफेरी की गई है। यह आंकड़ा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की रकम से ही भी बड़ा है।

डीएम ने मोबाइल पर दिया कार्रवाई करने का सन्देश

फर्रुखाबाद: जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने मोबाइल फोन पर ही ग्रामीणों को शिक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान करने का वायदा किया| हुआ यह कि पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन ने कोतवाली कायमगंज के गाँव अताईपुर में ग्रामीणों के साथ बैठक की|

गाँव वालों ने एसपी को अपराध के सम्बन्ध में छोटी-मोटी परेशानी बताई| गाँव के बुजुर्ग वीरेंद्र शर्मा ने इस बात का रोना रोया कि हजारों की आवादी वाले कस्बे में कक्षा ८ तक की पढाई की कोई व्यवस्था नहीं है| इस समस्या के समाधान के लिए एसपी ने मोबाइल फोन पर डीएम से बात की| डीएम ने मोबाइल फोन पर ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का वायदा किया|

एसपी ने मोबाइल को हैण्ड फ्री कर माईक के सामने डीएम का सन्देश सुनवाया| वहां मौजूद लोग एसपी के द्वारा सहयोग किये जाने से लोग गदगद हो गए| इस दौरान सीओ मचुआराम दुगताल मौजूद रहे|

निलंबित सिपाही ने किया महिला का यौन शोषण

फर्रुखाबाद: कोतवाली मोहम्दाबाद के निलंबित सिपाही ने दलित युवती को फंसाकर उसके साथ यौन शोषण किया और बाद में मार डालने के लिए गंगा नदी में फेंक दिया|
कोतवाली मोहम्दाबाद के निलंबित सिपाही का क्षेत्र के गाँव तकीपुर में आना-जाना था| इसी दौरान उसने गिहार जाति की एक युवती को शादी का झांसा देकर पटा लिया| और उसे पुलिस लाइन स्थित आवास पर ले गया वहां उसने युवती के साथ पत्नी की तरह सम्बन्ध बनाए| बाद में भेद खुल जाने पर सिपाही युवती को बहाने से घटियाघाट पुल पर ले गया और मौक़ा मिलने पर उसे गंगा में फेंक दिया|
वहां पर मौजूद लोगों ने गंगा से निकाल कर युवती की जान बचा ली| पीड़ित युवती ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है| पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है|

दोस्त ने ही लूट लिए 55 हजार रुपये

फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में बीती रात छात्र से तमंचे की नोक par uske ही दोस्त ने ५५ हजार रुपये लूट लिए| पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है| कन्नौज थाना तिर्वा के गाँव धर्मपुर निवासी प्रवीन कुमार मिश्र बीती रात अपने गाँव के दोस्त रमेश तिवारी व उसके दोस्त टैम्पो चालक आशुतोष के साथ मोटर साइकिल से फतेहगढ़ आ रहे थे|

रात ८ बजे याकूत्गंज चौकी क्षेत्र के भट्टे के पास रमेश ने यह्कर मोटर साइकिल रोक दी की मुझे शौंच जाना है तो प्रवीन भी शौंच के लिए झाड़ियों की ओर चला गया| उसी दौरान रमेश व आशुतोष ने तमंचे की नोक पर रुपये लूट लिए तथा उसके ही मफलर से बांधकर खेतों में डाल दिया तथा शोर मचाने पर गोली मार देने की धमकी दी|

ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह छूटकर प्रवीन पुलिस के पास पहुंचा और पुलिस को बताया कि मै बीएसी का छात्र हूँ स्कूल चलाता हूँ| रमेश सस्ते में टैम्पो खरीदबाने के लिए फतेहगढ़ ले जा रहा था| मै टैम्पो खरीदने के लिए ५५ हजार रुपये लेकर आया था| वरिष्ट उप निरीक्षक सतीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के लिए चौकी इंचार्ज को भेजा गया है|

नशेड़ी सिपाही ने मुंशी पर राइफल तानी

फर्रुखाबाद: मनमानी ड्यूटी न लगने पर नशेड़ी सिपाही रामदुलारे ने मुंशी रामनाथ के साथ बदसलूकी कर रायफल तानकर गोली मारने तक की धमकी दी| नशेड़ी सिपाही को पकड़कर उसका मेडिकल कराया गया|

थाना कम्पिल का सिपाही रामदुलारे बीती रात ९ बजे थाने पहुंचा उसने मुंशी रामनाथ से अपनी मर्जी के मुताबिक़ ड्यूटी लगाने को कहा| मुंशी ने उस इलाके में ड्यूटी लगाने से जब मना कर दिया| सिपाही ने मुंशी को गाली देना शुरू कर दिया|

भयभीत मुंशी घटना को टालने के लिए जैन धर्मशाला अपने आवास पर चला गया तो गुस्साया नशेड़ी सिपाही पीछा करता हुआ मुंशी के आवास पर पहुँच गया और रायफल तानकर मुंशी को गोली मारने की धमकी दी| मुंशी के शोर मचाने पर पड़ोसी जाग गए तो नशेड़ी सिपाही भाग गया| एसओ सुनील कुमार तिवारी के निर्देश पर दरोगा अनूप तिवारी व होरीलाल ने सिपाही को पकड़कर उसका कायमगंज के अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया|

एसओ श्री तिवारी ने बताया की डाक्टरी जांच में सिपाही के शरीर में एल्कोहल पाया गया| सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट क्षेत्राधिकारी को भेज दी गयी है|

पुलिस ने रुपये लेकर जुआरियों को छोड़ा

फर्रुखाबाद: जुआरियों को पकड़ने में थाना मऊदरवाजा पुलिस को हजारों रुपयों का धंधा हो गया है| जुआं खेलते समय मौजूद रुपयों के अलावा छुड़ाने में घर से भी रुपये चले जाने से सभी जुआँरी हारा महशूस कर रहे हैं|

थाना मऊदरवाजा रायपुर चौकी इंचार्ज तुषार दत्त त्यागी ने बीते दिन सायं ४ बजे ग्राम कुईयाबूट क्षेत्र से ६ लोगों को जुआं खेलते पकड़ा था| पुलिस ने राजीव शाक्य के अलावा पीएसी जवान सचिन दिवाकर को मोटी रकम लेकर थाने से छोड़ दिया| चौकी प्रभारी ने मोहल्ला सरदार खां निवासी संदीप कश्यप, अखिलेश शाक्य, अलोक त्रिपाठी व अजेन्द्र शाक्य उर्फ़ लल्ला के विरुद्ध जुआं अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई| जुआरियों के पास ४६२० रुपये की नगदी की बरामदगी दर्शायी गयी|

उधर पकडे गए लोगों को छुडबाने के लिए उनके परिजन व पैरोकार थाने में डटे रहे| दलालों के माध्यम से जमानत पर छोड़ने के लिए सौदेवाजी शुरू हुयी| बसपा विधायक ने अपने कर्मचारी के भाई को छुडबाने के लिए पुलिस से सिफारिश की| पकड़े गए एक व्यक्ति के भाई ने बताया कि उससे जमानत के नाम पर ५ हजार रुपये लिए गए|

रात करीब ११:३० बजे तीन लोगों को हवालात से छोड़ा गया| विधायक की सिफारिश वाले व्यक्ति को मोबाइल फोन देकर पहले ही छोड़ दिया गया था, जुआँरी मध्यरात्रि को घर पहुंचे| पुलिस के रिकार्ड में दो मोबाइल फ़ोनों की बरामदगी दर्शायी गयी| एक व्यक्ति के मोबाइल को भी गायब कर दिया गया|

जनता चुनती तो डॉ अनीता जिला पंचायत अध्यक्ष बनती

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत की सुनहरी कुर्सी और जिले के प्रथम नागरिक के सिंघासन पर आसीन होने के लिए बिगुल बज चुका है| वैसे तो लोकतान्त्रिक व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष को सीधे जनता नहीं चुनती है| इन्हें चुनने के लिए जनता चंद सदस्यों को जिला पंचायत के सदन में भेजती है और वे सदस्य ही अध्यक्ष का चुनाव करते है| ऐसे में तकनीकी रूप से भले ही इन अध्यक्षों को जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि कहा जाता हो मगर व्यावहारिक रूप में ये सम्भव नहीं होता है| क्यूंकि जनता किसे चुनना चाहती है ये पूछने के लिए जिला पंचायत सदस्य कभी भी अपनी जनता के पास राय लेने नहीं जाते है|
जेएनआई का गठन ही मात्र इसलिए किया गया है कि हम देश की अधिकतम जनता (खासकर ग्रामीण क्षेत्रो तक) की आवाज को सुन सके और उसे जनता तक पंहुचा सके|
जेएनआई ने एक बार फिर जनता से पूछा है कि अगर उन्हें सीधे वोट देने का धिकार होता तो वो जनपद फर्रुखाबाद में दावेदार प्रत्याशियों में से किसे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनते| ये प्रक्रिया हम फर्रुखाबाद में जनता से एसएम्एस द्वारा मंगाते है| ज्ञात हो कि जेएनआई के पास आज 6 दिसंबर 2010 तक जनपद फर्रुखाबाद में ग्रामीण क्षेत्रों में 47330+ और नगरीय क्षेत्र में 25326+ पंजीकृत मोबाइल उपभोक्ता है जो जेएनआई के मोबाइल न्यूज़ अलर्ट सेवा से सूचना, समाचार और विज्ञापन एसएम्एस प्राप्त करते है| समाचारों के माध्यम में ये दुनिया में किसी भी देश का पहला सबसे बड़ा जनपदीय नेटवर्क है| हमने इससे पहले लोकसभा के चुनाव में भी सर्वे किया था जो शत प्रतिशत सही था जिसमे सलमान खुर्शीद १४ साल बाद सत्ता में लौटे थे|
जो अब पेश है फर्रुखाबाद की जनता का आगाज-
अब तक (6 दिसम्बर 2010 के दोपहर 12 बजे) प्राप्त जनता के एसएम्एस के अनुसार-
58.33 प्रतिशत जनता चाहती है कि डॉ अनीता यादव अध्यक्ष बने
24.44 प्रतिशत जनता ने तहसीन सिद्दकी को अध्यक्ष चुनने की इच्छा जाहिर की है|
*8.8 प्रतिशत जनता अतुल गंगवार को अध्यक्ष बनाना चाहती है *(अतुल गंगवार जिस क्षेत्र से चुनाव लड़े है उस ब्लाक शमसाबाद के जेएनआई के पास सबसे कम मोबाइल उपभोक्ता है)
और सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव की भाभी मंजू लता को 7.7 प्रतिशत जनता फर्रुखाबाद के जिला पंचायत अध्यक्ष के सिंघासन पर बैठे देखना चाहती है|
खबर क्रमश जारी….

महिला को सड़क पर प्रसव, डाक्टर व नर्स निलंबित

फर्रुखाबाद: स्वास्थय विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण दलित कुसुमा देवी को सरेआम दिन दहाड़े सड़क पर ही प्रसव हो गया| इस बात से गुस्साई जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने डाक्टर व नर्स को निलंबित करने व आशा को बर्खास्त करने का फरमान जारी कर दिया|

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौन के गाँव नया नगला निवासी मजदूर रमेश जाटव की २४ वर्षीय पत्नी रिक्शे से प्रसव कराने के लिए लोहिया अस्पताल जा रही थी| आवास विकास कालोनी के सामने बढपुर मुख्य मार्ग पर महिला को प्रसव पीड़ा हुयी तो उसे भाभी गुड्डी ने रिक्शे से नीचे उतारा| गाँव की आशा सरोज वेगम उर्फ़ बेबी के सहयोग से कुसुमा को सड़क के किनारे ही प्रसव कराया गया| राहगीर अचरज भरी निगाहों से इस नज़ारे को देखते रहे| रिक्से से ही ले जाकर महिला को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

इस बात की जानकारी होने पर जिलाधिकारी मिनिस्ती एस सायं लोहिया अस्पताल पहुँची| उन्होंने कुसुमा व भाभी गुड्डी से जानकारी प्राप्त करने के बाद सीएमओ डॉ पीके पोरवाल से गहरी नाराजगी जाहिर की ऐसे मामलों में भी एम्बूलेंस का उपयोग नहीं हो पा रहा है| परिवार कल्याण के सीएमओ डॉ लल्लन प्रसाद की क्लास लेते हुए कहा कि इस मामले में डाक्टर, एएनएम व आशा की बेहद लापरवाही है|

एक नर्स ने सफाई देने की कोशिश की तो डीएम ने उसे बुरी तरह लताड़ते हुए खामोश रहने को कहा| तीसरा बच्चा (पुत्री) होने के कारण डीएम ने महिला को नसबंदी कराने की सलाह देते हुए २ हजार रुपये मिलने की भी जानकारी दी|

डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कर्मचारी आधे समय ही ड्यूटी का कार्य करते हैं| उन्होंने कर्मचारियों को सक्रिय को सक्रिय किये जाने तथा प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थय केंद्र पर एम्बूलेंस उपलब्ध कराये जाने की हिदायत दी| साथ ही ऐसी लापरवाही होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी| डीएम के कड़े तेवर देखकर अस्पताल कर्मचारियों में हडकंप मच गया| डॉ पीके पोरवाल ने बताया कि बरौन पीएचसी पर डाक्टर अनुज त्रिपाठी की तैनाती है|