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पैर किसके, क्यों और कब छुएं?

सामान्यत अधिकांश लोग घर के बड़े-बुजूर्ग, संत-महात्मा, वृद्ध आदि के पैर अवश्य छुते हैं। पैर छुने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। इस परंपरा के पीछे कई कारण मौजूद हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बड़े लोगों के पैर छुने से हमारे पुण्य में बढ़ोतरी होती है। साथ ही उनके आशीर्वाद स्वरूप हमारा दुर्भाग्य दूर होता है और मन को शांति मिलती है।
पैर छुना या प्रणाम करना, केवल एक परंपरा या बंधन नहीं है।

यह एक विज्ञान है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और वैचारिक विकास से जुड़ा है। पैर छुने से केवल बड़ों का आशीर्वाद ही नहीं मिलता बल्कि अनजाने ही कई बातें हमारे अंदर उतर जाती है। पैर छुने का सबसे बड़ा फायदा शारीरिक कसरत होती है, तीन तरह से पैर छुए जाते हैं। पहले झुककर पैर छुना, दूसरा घुटने के बल बैठकर तथा तीसरा साष्टांग प्रणाम। झुककर पैर छुने से कमर और रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है।

दूसरी विधि में हमारे सारे जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे उनमें होने वाले स्ट्रेस से राहत मिलती है, तीसरी विधि में सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन जाते हैं, इससे भी स्ट्रेस दूर होता है। इसके अलावा झुकने से सिर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो स्वास्थ्य और आंखों के लिए लाभप्रद होता है। प्रणाम करने का तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हमारा अहंकार कम होता है। किसी के पैर छुना यानी उसके प्रति समर्पण भाव जगाना, जब मन में समर्पण का भाव आता है तो अहंकार स्वत: ही खत्म होता है। इसलिए बड़ों को प्रणाम करने की परंपरा को नियम और संस्कार का रूप दे दिया गया।

किसी भी कार्य की शुरूआत के पहले हमें घर के बड़े-बुजूर्ग, माता-पिता के चरण स्पर्श अवश्य करने चाहिए। इससे कार्य में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है हमारा मनोबल बढ़ता है।पैर किसके, क्यों और कब छुएं?
सामान्यत: हम सभी घर के बड़े-बुजूर्ग, संत-महात्मा, वृद्ध आदि के पैर अवश्य छुते हैं। पैर छुने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। इस परंपरा के पीछे कई कारण मौजूद हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बड़े लोगों के पैर छुने से हमारे पुण्य में बढ़ोतरी होती है। साथ ही उनके आशीर्वाद स्वरूप हमारा दुर्भाग्य दूर होता है और मन को शांति मिलती है।
पैर छुना या प्रणाम करना, केवल एक परंपरा या बंधन नहीं है।

यह एक विज्ञान है जो हमारे शारीरिक, मानसिक और वैचारिक विकास से जुड़ा है। पैर छुने से केवल बड़ों का आशीर्वाद ही नहीं मिलता बल्कि अनजाने ही कई बातें हमारे अंदर उतर जाती है। पैर छुने का सबसे बड़ा फायदा शारीरिक कसरत होती है, तीन तरह से पैर छुए जाते हैं। पहले झुककर पैर छुना, दूसरा घुटने के बल बैठकर तथा तीसरा साष्टांग प्रणाम। झुककर पैर छुने से कमर और रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है। दूसरी विधि में हमारे सारे जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे उनमें होने वाले स्ट्रेस से राहत मिलती है, तीसरी विधि में सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन जाते हैं, इससे भी स्ट्रेस दूर होता है।

इसके अलावा झुकने से सिर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो स्वास्थ्य और आंखों के लिए लाभप्रद होता है। प्रणाम करने का तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हमारा अहंकार कम होता है। किसी के पैर छुना यानी उसके प्रति समर्पण भाव जगाना, जब मन में समर्पण का भाव आता है तो अहंकार स्वत: ही खत्म होता है। इसलिए बड़ों को प्रणाम करने की परंपरा को नियम और संस्कार का रूप दे दिया गया।

किसी भी कार्य की शुरूआत के पहले हमें घर के बड़े-बुजूर्ग, माता-पिता के चरण स्पर्श अवश्य करने चाहिए। इससे कार्य में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है हमारा मनोबल बढ़ता है।

”मिले सुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा” हुआ अमर

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नई दिल्ली|| देश के महान शास्त्रीय गायक और भारत रत्न से सम्मानित पंडित भीमसेन जोशी का आज सुबह 8.05 बजे पुणे के एक अस्पातल में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। पंडित भीमसेन जोशी का जन्म 4 फरवरी 1922 को कर्नाटक के गडक में हुआ था। इनको बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। वह किराना घराने के संस्थापक अब्दुल करीम खान से बहुत प्रभावित थे। 1932 में वह गुरु की तलाश में घर से निकल पड़े। अगले दो वर्षों तक वह बीजापुर, पुणे और ग्वालियर में रहे। उन्होंने ग्वालियर के उस्ताद हाफिज अली खान से संगीत की शिक्षा ली। घर वापसी से पहले वह कलकत्ता और पंजाब भी गए। सन् 1936 में पंडित भीमसेन जोशी ने पंडित रामभन कुंडगोलकर से गडग के पास कुंडगोल में संगीत प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहां उन्होंने खयाल गायकी की बारीकियां भी सीखीं।

पंडित भीमसेन जोशी ने अपनी विशिष्ट शैली विकसित करके किराना घराने को समृद्ध किया। उनको कई रागों को मिलाकर कलाश्री और ललित भटियार जैसे नए रागों की रचना करने का भी श्रेय जाता है। उन्हें खयाल गायन के साथ-साथ ठुमरी और भजन में भी महारत हासिल की है।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित

भीमसेन जोशी को 4 नवम्बर, 2008 को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से पुरस्कृत किया गया। इन्हें भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में सन् 1985 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इसके साथ इन्हें पद्म विभूषण और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

19 साल की आयु में आये सार्वजनिक मंच पर

किराना घराना के जोशी ने 19 वर्ष की आयु में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच से अपनी गायन कला का प्रदर्शन किया था। उनकी अनवरत यात्रा आज समाप्त हुई है। उन्होंने पहली बार अपने गुरु सवाई गंधर्व के 60वें जन्मदिवस पर जनवरी 1946 में पुणे अपना गायन प्रस्तुत किया था।

गीत जो हो गए अमर

जोशी जी द्वारा गाए गए गीत लोगों के बीच समां बांध देते थे। उनके संगीत में गजब का जादू था। उनके द्वारा गाए गए गीत पिया मिलन की आस, जो भजे हरि को सदा और मिले सुर मेरा तुम्हारा संगीत के क्षेत्र में मील के पत्थर हैं। इस का सम्मोहन आज भी बरकरार है।

पथराव से भागे लेखपाल ने दबंगों के सामने घुटने टेकें

फर्रुखाबाद: चकरोड पर कब्जा करने वाले दबंगों ने पथराव करके मनरेगा मजदूरों सहित लेखपाल को भगा दिया| थाने में हुयी पंचायत के दौरान लेखपाल ने दबंगों के सामने घुटने टेंक दिए और चकरोड भूमि पर कब्जा कराने को तैयार हो गए|

थाना कमालगंज ग्राम पंचायत रसीदपुर के प्रधान राजकुमारी के पति अनूप कुमार राजपूत ने बताया कि गाँव के अखिलेश, अमर सिंह, जयवीर, ज्ञान सिंह व ध्यान सिंह ने चकरोड पर कब्जा करके दीवार बनाने लगे| शिकायत करने पर लेखपाल रमेश चंद्र, दरोगा राजेन्द्र सिंह के साथ चकरोड की पैमायीस की तो ५० कड़ियाँ के चकरोड पर मात्र १७ फुट चकरोड की जगर बची थी|

अनूप ने बताया कि लेखपाल ने मनरेगा मजदूरों को दीवार गिराने को कहा तो चकरोड पर कब्जा करने वालों ने छत पर खड़े होकर पथराव किया तथा अबैध शस्त्र दिखाकर धमकाया| पथराव होने पर मजदूर व लेखपाल ने भाग कर जान बचाई| करीब ५० मनरेगा मजदूरों को लेकर थाने पहुंचा| शिकायत करने पर लेखपाल ने समझौता कर लिया कि दीवार अपने स्थान से मात्र दो फुट पीछे बनायी जायेगी|

आलू आढ़ती सन्नू साइकिल पर हो गए सवार

फर्रुखाबाद: सातनपुर मंडी आलू आढ़ती एसोशिएशन के अध्यक्ष अजय गंगवार उर्फ़ सन्नू पर राजनीति करने का का भूत सवार हो गया है| उन्होंने आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है|

सपा विधायक नरेन्द्र सिंह यादव, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दृगपाल सिंह यादव बाबी, ग्रीश चन्द्र कटियार एडवोकेट, राजकुमार सिंह राठौर एडवोकेट आदि के साथ सन्नू लखनऊ में सपा मुख्यालय पर आयोजित जनेश्वर मिश्र की पुण्य तिथि के कार्यक्रम में शामिल हुए|

प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सन्नू को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई| सन्नू ने जिले के सपा नेताओं द्वारा किये जा रहे विरोध की जानकारी दी तो सपा मुखिया ने सन्नू को परेशान न होकर क्षेत्र में चुनाव की तैयारी करने को कहा, जिससे साफ़ हो गया कि फर्रुखाबाद सदर क्षेत्र से सन्नू ही चुनाव लड़ेंगें|

सन्नू के सपा में शामिल होने के दौरान संतोष चौधरी, लव यादव, सुधीर मिश्रा, देवेन्द्र यादव, आशीष यादव आदि मौजूद रहे| सन्नू ने अभी हाल में अपने छोटे भाई अतुल गंगवार को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताया है| उनके पिता राजेन्द्र सिंह गंगवार कायमगंज विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं| आलू का व्यापार करने वाले सन्नू ने पहली वार राजनीति में कदम रखा है|

अब शिक्षक माफियाओं की खैर नहीं

फर्रुखाबाद: अब जिले के उन शिक्षक माफियाओं की सूची बनने जा रही है जिन्होंने दागी बीएसए राम रमापति त्रिपाठी को लाखों रुपये बसूल कर दिये और अपनी भी जेबें भरने से नहीं चुके|

भ्रष्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री त्रिपाठी पर निलंबन व ट्रांसफर की गाज गिरते ही उनके समर्थक दलाल शिक्षक नेताओं की भय के कारण बोलती ही बंद हो गई है जो अब श्री त्रिपाठी के खिलाफ ही बोलने लगे हैं| लेकिन जिले के सभी शिक्षकों को मालूम है कि किन शिक्षकों ने केवल आमदनी कराने के लिए बीएसए से पहले कार्रवाई करवाई और बाद में मामला रफा-दफा करने के लिए मुंह-मांगी मोटी रकमे बसूल की|

तेजतर्रार व ईमानदार IAS अनिल धींगरा को बीएसए का चार्ज मिलने से वैसे ही भ्रष्ट व मौज-मस्ती व नेतागीरी करने वाले शिक्षक भयभीत हैं| अब जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने शिक्षा जैसे मंदिर को कलंकित करने वाले भ्रष्ट शिक्षकों को सबक सिखाने की ठान ली है|

जिला सूचना अधिकारी वीरेंद्र शुक्ला ने फोन पर बताया कि जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करें और शिक्षक माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराएं|

चोरों ने कंप्यूटर के 6 सीपीयू व 3 बाइकें उड़ाईं

फर्रुखाबाद: बीती रात चोरों का कहर जारी रहा| चोरों ने बीती रात मोहल्ला नवदिया समाधि स्थल के निकट उज्वल कंप्यूटर अकादमी के ताले तोड़कर 6 सीपीयू गायब कर दिए|

मोहल्ला ग्रानगंज निवासी अकादमी के मालिक संजय मित्तल ने बताया कि आज सुबह ७ बजे जब सेंटर खोलने गया तो मेनगेट का ताला गायब था| संजय की पत्नी रूचि केंद्र की निदेशक हैं जिन्होंने पुलिस को तहरीर दी है|

अलग-अलग स्थानों से दो बाईकें चुरा ली गई| चोरों ने बीएस मेंसन में आयोजित विवाह समारोह से यूपी ७६ जे / ६१५१ बाइक उड़ा दी| चोरों ने कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी निवासी ऋषी अग्निहोत्री के दरवाजे से उनकी यूपी ७६ जे / ८१०१ पल्सर बाइक को उठा ले गए|

* आवास विकास कालोनी निवासी सुशील कुमार त्रिपाठी अपनी बाइक से विवाह समारोह में गए थे| चोरों ने मोहल्ला खटक पुरा निवासी फरहत अली खान के आवास से उनकी यूपी ७६ एफ / ५८७५ मोटर साइकिल गायब कर दी|

खाकी को धमकाने वाले शिक्षामित्र से तमंचा बरामद

फर्रुखाबाद: शहर कोतवाली पुलिस ने गालियाँ देने वाले शिक्षामित्र आशू द्विवेदी को तमंचा सहित गिरफ्तार कर लिया|

नगर के मोहल्ला गंगा नगर कालोनी निवासी आशू दुबे उर्फ़ आशुतोष थाना अम्रतपुर के ग्राम ऊगरपुर का मूल निवासी है| आशू का रुपयों के लेन-देन को लेकर मोहल्ले के ही अखिलेश पांडे से विवाद चल रहा था| अखिलेश से धोखे में आशू के फोन पर मिस काल चली गई| इसी बात पर आशू अखिलेश को उसके मोबाइल फोन पर गालियाँ बकने लगा|

सेठ गली में कपड़ा बेंचने वाले अखिलेश ने अपने मोबाइल फोन की काल कोतवाल आदि आला अधिकारियों के मोबाइल पर डाईबर्ट कर दी| अधिकारियों के हड़काने पर इंस्पेक्टर ने मोबाइल फोन से बात कर आशू को गिरफ्तार कर लिया| जिसके पास ३१५ वोर तमंचा व २ कारतूस मिले|

पुलिस ने अखिलेश को गिरफ्तार कर शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया| इंस्पेक्टर क्रष्ण कुमार ने बताया कि शिक्षामित्र आशू तमंचा लेकर अखिलेश को मार डालने के लिए घूम रहा था| उसके पकडे जाने से बड़ा हादसा टल गया| उन्होंने बताया कि आशू ने मोबाइल फोन पर खूब गालियाँ देकर मार डालने की भी धमकी दी थी|

एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी में लुट रहे हैं किसान

फर्रुखाबाद: एशिया की सबसे बड़ी सातनपुर आलू मंडी में माफिया आढ़ती किसानों को खुलेआम लूट रहे हैं| किसी भी राजनैतिक दल के पास किसानों की समस्या की सुध लेने की फुरसत नहीं है| सब को न्याय व पारदर्शिता का दावा करने वाली बसपा सरकार का आलू मंडी में क़ानून का कोई भय नहीं है|

आढ़तियों की माफियागीरी के कारण बीते कई वर्षों से उन्ही का क़ानून चल रहा है| मंडी समिति की ओर से आलू की नीलामी की व्यस्था बंद है जिसका सीधा लाभ माफिया उठा रहे हैं| ऐसे ही आढ़ती रोजाना सुबह मनमाने ढंग से इस तरह आलू का भाव खोलते हैं जिससे व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ हो सके| दिखावे में कुछ आढ़तियों से आलू की सौदेवाजी की नौटंकी की जाती है|

आज आलू का भाव २२१ रुपये प्रति कुंटल खोला गया| अनेकों जागरूक किसानों ने इस भाव पर आलू बेंचने से साफ़ मना कर दिया और २७५ रुपये तक के भाव में आलू बेंचा| इसी भाव में बीते दिन भी आलू बिका| बीते दिन आलू का भाव २२५ रुपये खोला गया था|

आसाम के लिए आलू की रैक लोड होने के कारण अचानक भाव में सुर्खी आयी है| इस स्थित को देखते हुये आज आलू का भाव करीब २५० रुपये पार्टी कुंटल खोला जाना चाहिए था| बीते दिन की अपेक्षा आज के भाव में ४ रुपये और गिरा देने की बात किसी के गले से नहीं उतर सकती|

अब यह साफ़ हो गया है कि आलू का भाव खोलने वाले आढ़ती किसानों के कतई हितैषी नहीं है| बीते करीब ५ वर्षों से आलू आढ़ती एसोशिएशन का चुनाव भी नहीं हुआ है| अजय गंगवार उर्फ़ सन्नू अध्यक्ष हैं पहले किसान नेता एवं आलू आढ़ती सतीश वर्मा नेता जी, राम रतन शाक्य, शैलेन्द्र यादव आदि आढ़ती किसानों की समस्याओं को उठाते रहते थे|

मंडी सचिव हरविलाश सिंह यादव ने बताया कि इंस्पेक्टरों की कमी के कारण आलू की नीलामी नहीं हो पा रही है| नशेड़ी इंस्पेक्टर जनार्दन मिश्रा बीमार व रिटायरमेंट के करीब हैं| एक इंस्पेक्टर कल ही कानपुर से बहाल होकर आये हैं| मंडी में ६ इंस्पेक्टरों के पद हैं|

प्री-पेड कार्ड से सब्जी की खरीददारी

लखनऊ|| मोबाइल फोन की प्री-पेड सेवा की तरह ही अब प्री-पेड कार्ड से सब्जियां भी खरीदी जा सकेंगी.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्री-पेड कार्ड के जरिए हरी-ताजी सब्जियां खरीदने की सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है.

इसका बीड़ा उठाया है कि अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के पूर्व छात्र कौशलेंद्र ने, जिनकी फाइबर ठेले पर ताजा सब्जी बेचने की परियोजना बिहार में बेहद लोकप्रिय हो चुकी है.

कौशलेंद्र ने पटना की तरह लखनऊ वासियों के लिए गुरुवार को लखनऊ में इस नई परियोजना औरवम मार्केटिंग की शुरुआत की, जिसके तहत फाइबर के वातानुकूलित ठेलों से समृद्धि ब्रांड की ताजा सब्जियां खरीदने की सुविधा अब यहां के लोगों को मिलेगी. बिहार के नालंदा निवासी 30 वर्षीय कौशलेंद्र ने यह परियोजना उत्तर प्रदेश मंडी परिषद की सहभागिता से शुरू की.

कौशलेंद्र ने कहा, ‘प्री-पेड कार्ड के जरिए ताजा सब्जियों की बिक्री की यह सुविधा शुरू करने में अभी कम से कम एक महीना लगेगा. हम इस सेवा की शुरुआत लखनऊ से करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में हम 500 और 1000 रुपये मूल्य वर्ग के प्री-पेड कार्ड जारी करेंगे. ये प्री-पेड कार्ड हमारे वेंडरों के पास उपलब्ध होंगे. इच्छुक लोग ये कार्ड वेंडर से ले सकेंगे या अगर वे हमारे कार्यालय में संपर्क करेंगे तो कार्ड उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा.’

वह कहते हैं कि प्री-पेड कार्ड से खरीद्दारी करके उपभोक्ता न सिर्फ भीड़-भाड़ में जाने से बचेंगे, बल्कि अपने दरवाजे पर ही उनको हरी सब्जियां मिल जाएंगी. साथ ही वे ऑफर का लाभ भी ले सकेंगे, जो उनको सामान्य सब्जी विक्रेताओं से नहीं मिलते.

कौशलेंद्र के मुताबिक प्री-पेड कार्ड पर महत्वपूर्ण ऑफर लागू करने की योजना है. उपभोक्ता जितने पैसे का कार्ड खरीदेंगे, उन्हें उससे पचास से सौ रुपये ज्यादा की सब्जियां खरीदने का लाभ दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘हमारी यह परियोजना सब्जी खरीदने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगी. इसलिए यह निश्चित तौर पर बहुत लोकप्रिय होगी. मुझे लगता है कि गृहणियां इस परियोजना को काफी पसंद करेंगी.’

कौशलेंद्र ने बताया कि अन्य प्री-पेड कार्ड की तरह औरवम द्वारा शुरू किए जाने वाले प्री-पेड कार्ड की भी एक निश्चित वैधता होगी.

कौशलेंद्र का कहना है, ‘हम ताजा सब्जियां और फल बेचने के लिए कटिबद्ध है, लेकिन हम व्यापारिक पहलू को नजरअंदाज नहीं कर सकते. आप जानते हैं कि इस परियोजना में कई वेंडर, किसान और विभिन्न पेशेवर शामिल हैं. ऐसे में प्री-पेड कार्ड एक निश्चित समय तक ही वैध रहेंगे.

औरवम ने फिलहाल लखनऊ शहर में 15 वातानुकूलित ठेले चलाने की योजना बनाई है, जिनसे शहर के विभिन्न हिस्सों में पैकेटबंद साफ-सुथरे और ताजे फल खरीदे जा सकते हैं. इन ठेले के जरिए बेची जाने वाली सब्जियां सीधे लखनऊ और आस-पास के जिलों के किसानों से खरीदी जाती हैं.

कौशलेंद्र बताते हैं, ‘फिलहाल लखनऊ और आस-पास के सात जिलों के पांच सौ किसानों को हमने अपने साथ जोड़ा है. हम उनकी सब्जियों को खेत से सीधे खरीदकर अपने संग्रह केंद्रों में एकत्र करेंगे.’

राज्य मंडी परिषद के अपर निदेशक (प्रशासन) निखिल चंद्र शुक्ला कहते हैं कि औरवम की इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अपने उत्पाद की सीधे बिक्री कर सकेंगे. इसमें बिचौलियों की मुनाफाखोरी की कोई गुंजाइश नहीं है. एक तरफ किसानों को जहां उनके उत्पाद के बेहतर दाम मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता की सब्जियां मिलेंगी.

शुक्ला के मुताबिक औरवम में मंडी परिषद की सीमित भागीदारी है. परिषद ने लखनऊ के गोमतीनगर में संग्रह केंद्र स्थापित करने के लिए मुफ्त जगह आवंटित की है. जल्द ही यह परियोजना प्रदेश के अन्य शहरों में शुरू की जाएगी.

तुषार मिस्टर एवं स्वाति मिस फर्रुखाबाद बनी

फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद युवा महोत्सव कार्यक्रम के तहत आज देर सायं से सरस्वती भवन में आयोजित समारोह में २० वर्षीय तुषार बाजपेयी मिस्टर एवं स्वाति भारद्वाज मिस फर्रुखाबाद चुने गए|

जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी ने तुषार व स्वाति को ताज पहनाकर सम्मानित किया|

इस प्रतियोगिता में मोनिका अरुण, निहारिका पटेल, स्वाति भारद्वाज एवं सत्यांगी शुक्ला ने मिस फर्रुखाबाद बनने के लिए काफी जोर आजमाईस की| सैकड़ों लोगों के सामने लटके-झटके दिखाते हुए कैट-वाक् किया तथा पूंछे गए सवालों के अजीबो-गरीब जवाब दिए| प्रतियोगियों के कम वस्त्र देखकर दर्शक दंग रह गए|

इसी तरह शिवेंद्र मोहन मिश्रा, विक्रम सिंह, अमित श्रीवास्तव, तुषार बाजपेयी , मुकीम खान आदि युवकों ने मिस्टर फर्रुखाबाद प्रतियोगिता जीतने के लिए काफी आकर्षित दिखने का प्रयास किया| विभिन्न प्रकार के परिधान पहनकर आये युवकों को देखते ही बन रहा था| लेकिन प्रतियोगिता में इन सभी प्रतियोगियों को पीछे छोंड तुषार व स्वाति ने मिस्टर व मिस फर्रुखाबाद का खिताब अपने नाम करवा लिया|

इससे पूर्व अपर जिलाधिकारी एससी श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति को बधाई दी तथा अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ आदि लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया|

इस दौरान समिति के अध्यक्ष डॉ संदीप शर्मा, प्रो० एनकेएस राठौर आदि पदाधिकारी मौजूद रहे|