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नशेड़ी ड्राईवर की मौत, कीटनाशक ने ली जान

फर्रुखाबाद: दुर्घटना में घायल नशेड़ी ड्राईवर दयाराम की मौत हो गई| पड़ोसी जिला कन्नौज कोतवाली गुरसहायगंज के ग्राम नंगापुरवा निवासी २६ वर्षीय दयाराम अपने १३ वर्षीय पुत्र के साथ बीते दिन साले लज्जाराम के बेटे प्रियांशु के विवाह समारोह में भाग लेने कायमगंज के मोहल्ला चिंलाका गया था|

वह बोलेरो से अपने बेटे के साथ वापस लौट रहा था| वाईपास मार्ग पर वाहन के पेंड से टरका जाने पर गंभीर रूप से घायल हो गया था|

थाना कमालगंज के ग्राम गौंस निवासी ५० वर्षीय रिशीपाल की आज रात उपचार के दौरान लोहिया अस्पताल में मौत हो गई| पत्नी सुनीता से विवाद हो जाने पर रिशीपाल ने बीते एरात कीटनाशक दबा पी ली थी| साढू रमेश चन्द्र ने उसे बीती रात लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था|

महिला ने आग लगाई

फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला भोलेपुर निवासी सुरेन्द्र शर्मा की ३५ वर्षीय पत्नी मंजू ने घरेलू कलह के कारण केरोसीन डालकर आग लगा ली| पति ने उसे सायं लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| करीब ६० प्रतिशत जल जाने से महिला की हालत गंभीर बनी हुई है|

बाबी ने मतभेद दूर कराकर सपा प्रत्याशियों को एक मंच पर किया

फर्रुखाबाद: युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दृगपाल सिंह उर्फ़ बाबी ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के मतभेद दूर कराकर एकमंच पर इकट्ठा किया और उनका जोरदार स्वागत कर वाहवाही लूटी|

जिला पंचायत सदस्य बाबी यादव की पहल पर अमृतपुर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं विधायक नरेन्द्र सिंह यादव, सदर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत,कायमगंज क्षेत्र के प्रत्याशी अजीत कठेरिया, भोजपुर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी की जगह उनका बेटा ब्लाक प्रमुख राशिद जमाल सिद्दीकी पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचे|

बाबी आदि नेताओं ने तीनों प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और आपसी मतभेद खत्म हो जाने की खुशी में लड्डू बांटे गए| वक्ताओं ने आपसी मतभेद खत्म होने तथा एक ही मंच पर एकत्र होने के लिए खुशी जताई तथा चारों प्रत्याशियों को चुनाव जिताए जाने का संकल्प लिया| इससे पूर्व सपाईयों ने लोहिया प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समाजवादी पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए|

छात्र के गंगा में डूब जाने पर साथियों ने छिपाया राज

फर्रुखाबाद: साथियों के साथ गंगा में स्नान करते छात्र मयंक पानी में डूब गया| उसके साथियों ने तलाश करने के बजाय चुप्पी साध ली और घर जाकर सो गए|

नगर के मोहल्ला सेनापति निवासी सुरेश चन्द्र मिश्रा का १८ वर्षीय पुत्र मयंक तथा विजय कश्यप मोहल्ला खड़ीयाई का हर्षित मिश्रा एवं रेलवे रोड निवासी विपिन का पुत्र हिमांशु बीते दिन दोपहर को घटियाघाट गए| वहां गंगा में स्नान करते समय मयंक डूब गया तो विजय ने उसे बचाने का प्रयास किया तो विजय भी डूबने लगा|

विजय को नाविक ने बचा लिया| तीनों युवकों ने चन्दा करके २०० रुपये नाविक को मयंक को तलाश करने के लिए दिए| काफी प्रयास करने पर मयंक का पता नहीं चला तो घबड़ाए साथियों ने मयंक के कपड़े झाड़ी में छिपा दिए| और इस तरह घर जाकर सो गए कि कोई घटना नहीं हुयी है|

देर रात तक मयंक के घर न पहुँचने पर उसके परिजन परेशान हो गए| टियूशन शिक्षक सुरेश ने मयंक के साथियों से मिलने का प्रयास किया तो परिजनों ने उनके घर न होने का बहाना कर दिया| सुरेश चन्द्र की शिकायत पर पुलिस ने आज सुबह तीनों दोस्तों को कोतवाली बुलवाया|

घटियाघाट चौकी प्रभारी सूरत राम वर्मा, विजय व सुरेश चन्द्र, गोताखोरों के साथ नाव से मयंक को गंगा नदी में ढूँढते रहे| मयंक ने रस्तोगी इंटर कालेज से इंटर की परीक्षा दी है उसकी मौत की आशंका को लेकर माँ निर्मला देवी, बड़ी बहन कृति व बड़ा भाई मधुप आदि परिजन बुरी तरह बिलखते रहे|

हिमांशु गंगा देवी इंटर कालेज कमालगंज में कक्षा ११ का छात्र है| हर्षित मोहल्ला खड़ीयाई में सेवा निवृत दरोगा हरिश्चंद्र मिश्रा के यहाँ रहता है| वह भी रस्तोगी में कक्षा ९ का छात्र है|

बताया गया कि हर्षित अपने स्कूटर से मयंक को घर से बुलाने गया था| चारों दोस्त दो साईकिलों से गंगा स्नान करने को गए थे| दोस्तों ने मयंक के कपड़े गंगा के किनारे झाड़ियों में छिपा दिए|

“फर्रुखाबाद परिक्रमा”- पुन्नी का पुतला, मनोज की पालिका

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त्रिपौलिया चौक पर पुनर्मिलन –

पूरे 15 वर्ष और 22 दिनों के बाद मुंशी हर दिल अजीज और मियाँ झांझ-झरोखे रविवार 7 मई 2011 को त्रिपौलिया चौक पर पुनः मिले| तब वह बिना चोकलेट खाए ही सुरेश और रमेश की तरह भाव-विभोर हो गए| भीडभाड भरे चौक में यह बेमौसम का भारत मिलाप देखकर लोग सन्नाटे में आ गए| दोनों एक-दूसरे से ऐसे मिल रहे थे जैसे लंबे वनवास के बाद मिले हों| दोनों ने बाबा की दुकान से अपनी पसंद का मीठा और तम्बाकू का पान खाया और चौक की ऐतिहासिक पटिया पर बैठकर बतियाने लगे|

मियाँ झांझ-झरोखे आंसू पोंछते हुए बोले क्या करते हो मिर्जा ? सब कुछ इतनी तेजी और झटके से हुआ कि कुछ करते ही नहीं बना| बजरिया में मान्यवर काशीराम की जनसभा की रिपोर्टिंग करके हंसी-खुशी लौट रहे थे| पता लगा कि हमारे बॉस ने हैवीवेट के आगे न झुककर अपने आप ही अपनी छुट्टी कर ली है| ऐसे में हम क्या करते? मन दुखी हो गया तुमसे बिना मिले ही चले गए|

मिर्जा भी दुखी मन से बोले तुम्हारी बात सही है मियाँ लेकिन हिम्मत हारकर बैठ गए तब तो फिर उनके ही मन हो जायेगी जो हमें मैदान से हटाना चाहते हैं| आओ फिर से सच्चे मन से अच्छे मन फिर नई शुरूआत करे| मिर्जा और मियाँ ने अपनी-अपनी पसंद का पान खाया और फिर पूरे उत्साह से यह गुनगुनाते हुए चले गए|

किसी को क्या पडी सोचे तुझे नीचा दिखाने को

तेरे आमाल काफी हैं तेरी हस्ती मिटाने को

पुन्नी का पुतला –

चुनाव की दुन्दभी अभी बजी नहीं है परन्तु मिशन 2012 को पूरा करने में लगे लोगों में जूतम-पैजार शुरू हो गई है| सबसे आसान काम है पुतला जलाने का- सो आनन् -फानन में अपने शहर अध्यक्ष का पुतला जलाया और फोटो भी खिंचा लिया| राजनैतिक विरोध का सबसे अच्छा तरीका है पुतला जलने का चाहे माया का जलाओ या मुलायम का और चाहें मनमोहन का या अपने पुन्नी शुक्ला का, परन्तु क्या कभी किसी ने अपने इलाके की पुलिस चौकी के हडकाऊ पैसा बटोरू प्रभारी के गलत कार्यों का विरोध करने की हिम्मत जुटाई| उससे तो खींसे निपोरकर हाँथ मिलाने में बड़े गौरव की अनुभूति होती है|

पुतला जलाने वालों जलाना ही है तो सबसे पहले अपनी स्वयं की कमियों और बुराईयों का पुतला जलाओ| कुंदन की तरह निखर जाओगे| बढ़े हुए आत्मविश्वास के बल पर बुरे को बुरा और भले को भला कहोगे| जब अमर्यादित आचरण करने वालों का विरोध करोगे तब तुम्हे लोग सराहेंगें, तुम्हारी मानेगें और तुम्हारे साथ चलने को तैयार होंगें|

मनोज की नगर पालिका-

नगर निकाय के चुनाव का आगाज होने को है| पूरे 5 साल का कार्यकाल हंसी-खुशी निपटा दिया मनोज अग्रवाल ने नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में | मनोज के समर्थक और विरोधी भी कहते है कि अध्यक्ष जी ने गली कूंचों, मोहल्लों में पेवर ब्रिक लगाने और सामूहिक विवाह कराने का रिकार्ड बनाया है| अब विघ्न संतोषियों की क्या कहें जो रस ले लेकर  24 घंटों यह बताने में लगाते हैं कि ईंट कहाँ-कहाँ बनती है कौन बनाता है, कितनी कीमत और कितना कमीशन है ?

सामूहिक विवाह समारोहों में किस ठेकेदार का कितना योगदान रहता है और जाने क्या-2 ? अब इन विघ्न संतोषियों को यह कौन समझाए कि वोटों की विसात पर लगभग सभी बिकने को तैयार बैठे हैं| तब फिर मुंह में सोना डालकर बैठने से चुनावी संसाधन कहाँ से आयेंगें|

हमारी बिल्ली हमें से म्याऊं –

लंबे संग साथ के बाद कुत्ते को यह लगा कि उसने बिल्ली से सब दांवपेंच सीख लिए हैं| आदत के मुताबिक़ बिल्ली को दौड़ा लिया और बिल्ली पेड़ पर चढ़कर गुर्राने लगी| कुत्ता पूंछ उठाये पेड़ के चारों घूमने के अलावा कुछ नहीं कर सका|

विधान सभा के आगामी चुनाव में कुछ ऐसे रोचक मुकाबले भी संभावित हैं|

और अंत में –

बड़े-बड़े तीरंदाज टापते रह गए| बोर्ड परीक्षाओं में खुलेआम पैसा लेकर सामूहिक नक़ल कराने वाले टिकट लेकर अपना स्वयं का टिकट भी ( वोट ) कथित रूप बेंच लेने वाले कभी निर्दलीय, कभी सपाई, बसपाई बन जाने वाले दूसरों की सुबिधा के लिए अपनी सेटिंग करने वाले और जाने क्या-2 करने वाले अपने-अपने दलों के प्रत्याशी बन गए और कुछ की घोषणा होने वाली है|

ऊपर से तुर्रा यह है कि हाई कमान ने फतवा दे दिया कि स्वच्छ छवि वाले निष्ठावान लोगों को प्रत्याशी बनाया गया है| इसलिए सब कार्यकर्ताओं के एकजुट होकर जिताऊ प्रत्याशियों को जिताने के लिए लगना चाहिए| इसे कहते हैं जले पर नमक छिडकना|

हम कहते हैं जागो वोटर जागो, वोट डालना सीखो, सारी गंदगी साफ़ हो जायेगी|

(लेखक वरिष्ट पत्रकार के साथ वकील व समाजवादी चिंतक है)

प्रस्तुति-

सतीश दीक्षित (एडवोकेट)
1/432, आवास विकास कालोनी फर्रुखाबाद

पाठक अपनी प्रतिक्रिया satishdixit01@gmail.com or jninews@gmail.com पर भी भेज सकते है|

JNI पर 15 साल 22 दिन बाद सतीश दीक्षित ने उठाई कलम

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कभी कभी इतिहास वर्तमान में छुपा होता है| यू तो ये नाम अब बेनाम नहीं रह गया है मगर 15 साल 22 दिन के बाद किसी विधा का एकाएक बाजार में फिर से आना कौतुहल जरुर पैदा करता है| खासकर 1995 के बाद जवान और जागरूक हुई आबादी के लिए| सतीश दीक्षित ने 1995 में अमरउजाला में आखिरी बार किसी मीडिया में लिखा था, लिखते तो वे बाद में भी रहे कभी जनहित में कभी समाजवादी पार्टी हित में और कभी अपनी भड़ास अन्य अखबारों में छपने के लिए| मगर 15 साल से एक निर्भीक पत्रकार की कलम खामोश थी| अब उसी खामोश कलम की आहट इंटरनेट के माध्यम से पूरी दुनिया में दिखाई देगी और माध्यम बनने जा रहा है “जोइंट न्यूज़ ऑफ़ इंडिया” जिसे आप जेएनआई कहते है |

तब सतीश फर्रुखाबाद अमर उजाला के इंचार्ज हुआ करते थे| नेहरु रोड पर उनका कार्यालय था उनके साथ उन दिनों वेदपाल सिंह (वर्तमान डीएलए) स्व घनश्याम सिंह दहिया ‘वकील’ (पूर्व विधायक विजय सिंह के भाई), चंद्रशेखर (वर्तमान फोटोग्राफर राष्ट्रीय सहारा) आदि भाई लोग भी कलम घिसते थे| वो लोकसभा के चुनाव का दौर था जब सतीश ने अमर उजाला के आगरा मुख्यालय अंतिम फोन मालिको को किया था “अपने लिए नए पत्रकार और दफ्तर तलाश लो”| उस वक़्त जिले में अमर उजाला, दैनिक जागरण एक दूसरे से चंद प्रतियों के लिए आगे पीछे लड़ते थे| मुकाबला कड़ा था| एक तरफ सत्यमोहन पाण्डेय दैनिक जागरण से तो दूसरी तरफ सतीश दीक्षित अमर उजाला से| खबरों की दुनिया के दो बेहतरीन खिलाडी खबरों से एक दूसरे से सिर्फ आगे बने रहना चाहते थे| फिर एक दिन अमर उजाला के मालिको का फोन आया ” दीक्षित जी” लोकसभा चुनाव में फलां नेता को बेहतर कवर करो| सतीश ने दो टूक जबाब दिया- “किसकी बात कर रहे हो अग्रवाल साहब ये नेता जी तो सबसे निचली पायदान पर संघर्ष कर रहे है मुझसे झूठी प्रशंसा और चापलूसी नहीं लिखी जा सकेगी”| अमर उजाला के मालिको (अग्रवाल और महेश्वरी) पर दिल्ली से दबाब पड़ा था सो दीक्षित जी पर सरका दिया, मगर बात बनने की जगह बिगड़ गयी| अमर उजाला से सतीश ने टाटा कर लिया| चुनाव हुआ और दबाब बनाने वाले नेता जी जीतने की जगह सिर्फ जमानत बचाने में ही कामयाब हो पाए| नेताजी को दुबारा जीतने के लिए राम वनवास जैसा वक़्त काटना पड़ा| खैर ये हिंदुस्तान में मीडिया की दूसरी तस्वीर है जो सामान्य पाठको तक नहीं पहुचती| एक मीडिया और अख़बार का मालिक बेचारा अपना सर्कस चलाने के लिए राजनीति के जानवरों का शिकार मजबूरी में होता है|

वो दिन है और आज का दिन है सतीश की कलम किसी एक अख़बार के लिए नहीं चली| पत्रकार से सम्पूर्ण नेतागिरी पर उतर आये| समाजवादी पार्टी में रहते हुए भी समाजवादी पार्टी के नेताओ के खिलाफ बोल देना उनकी पत्रकारिता के कीड़ो के कारण होता रहा| कहाँ राजनीती और कहाँ पत्रकारिता एक चापलूसी भरा आँगन तो दूसरा बखिया उघेड़ने का बेमेल धंधा|

15 साल पहले सतीश दीक्षित जवान थे जोशीले थे अब अधिक तजुर्बेदार हो गए है| हिंदुस्तान में मीडिया में इतिहास रचने की और बढता जेएनआई न्यूज़ उनके तजुर्बे और लेखन कला को सलाम करते हुए सतीश दीक्षित को अपने संस्थान के लिए लिखने तैयार करने में कामयाब हो गया|

जेएनआई पर रविवार 8 मई 2011 से “फर्रुखाबाद परिक्रमा -सतीश दीक्षित” शीर्षक से उनका एक नियमित कालम होगा जिसका लुफ्त न केवल फर्रुखाबाद की जनता उठा सकेगी बल्कि जेएनआई के एक ग्लोबल मीडिया होने के कारण अब अमेरिका में बैठा ओबामा भी पढ़ सकेगा कि एक फरुखाबादी हर दिल अजीज मुंशी क्या कहता है- ओबामा बड़ा या ओसामा? मरे हुए की मरने की गारंटी लेने वाला ओबामा कैसे बड़ा हुआ?

वरमाला के चक्कर में 5 बारातियों की गई जान

फर्रुखाबाद: दूल्हे के लिए वरमाला लेने गए ड्राईवर सहित ५ बारातियों की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गयी| इस दर्दनाक बड़े हादसे से जिले की थाना कम्पिल सीमा के निकट स्थित थाना व कस्बा राजा का रामपुर में शोक व्याप्त हो गया|

मोहल्ला मिश्राई निवासी ब्रजेश पंडित के बेटे की बीती रात कासगंज के निकट ग्राम सहलोई में बरात गयी थी| परिजन वरमाला को घर पर ही भूल गए थे| मोहल्ले के ही नाहर सिंह ठाकुर का २२ वर्षीय युवा पुत्र मन्नू, महेंद्र सिंह सुनार का युवा पुत्र अमरीश, रामसिंह दरजी का युवा पुत्र सोनू उर्फ़ जादूगर, मोहल्ला कुजडयान निवासी मुन्नालाल नई का युवा पुत्र गोबिंद वरमाला लेने कासगंज गए|

ग्राम नगला मसूरी निवासी ड्राईवर अमरसिंह यादव गाँव के प्रधान करू की बैगन आर यूपी ८० बीआर/ ९५८५ में बिठाकर बारातियों को ले गया| वह लोग वरमाला खरीदकर रात करीब १० बजे थाना शोरों के ग्राम हरनाथपुर के पास से गुजर रहे थे| उसी समय बेकाबू कार पेंड से टकरा गयी|

दुर्घटना में २ की मौके पर ही मौत हो गयी अन्य घायलों को अलीगढ़ ले जाया गया जहां २ और घायलों की मौत हो गयी| घायल सोनू को आगरा के लिए रिफर किया गया जहां उसने भी दम तोड़ दिया|

बताया गया है कि जब देर रात तक युवक वरमाला लेकर नहीं पहुंचे तो बारातियों ने उनके मोबाइल नंबर मिलाये| किसी का भी मोबाइल न लगने पर उनकी तलाश की गयी| २ मृत तथा ३ घायल तड़पते मिले| सोनू जयपुर से बरात में भगा लेने आया था|

बताया जाता है कि दुर्घटना में शीलेन्द्र नशे में वाहन चला रहा था| अन्य युवक भी नशे में थे, जल्दी पहुँचने के प्रयास में यह हादसा हुआ|

आग ने ले ली महिला की जान

फर्रुखाबाद: खाना बनाते समय आग से झुलस कर महिला रीना की मौत हो गई| पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराया|

थाना राजेपुर के ग्राम लाईकपुर निवासी सवित सिंह ठाकुर की 29 वर्षीय पत्नी रीना बीती शाम घर पर अकेली खाना बना रही थी| कपड़ों में आग लगने के बाद मकान में आग लग गयी| मकान में आग की लपटें निकलती देखकर अडोस-पड़ोस के लोगों में हडकंप मच गया| लोगों ने प्रयास करके आग बुझाकर रीना को बाहर निकाला|

सवित ने देर रात रीना को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| एक घंटे बाद महिला ने दम तोड़ दिया| पड़ोसी जिला हरदोई थाना पचदेवरा के ग्राम गौटिया निवासी रामबाबू की पुत्री रीना का बीते 10 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था उसके कोई संतान नहीं थी|

आग से महिला झुलसी

फर्रुखाबाद: थाना कमालगंज के ग्राम गोपालपुर निवासी रामसनेही की पत्नी रामवती आग से झुलस गई| बेटा वीरपाल ने उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया|

दिन-दहाड़े मारपीट कर रुपये लूटे

फर्रुखाबाद: आतिशबाज पिंटू को दिन-दहाड़े मारपीट कर रुपये लूट लिए गए|

पड़ोसी जिला एटा के ग्राम चमन नगरिया निवासी पिंटू गंगा पार क्षेत्र में आतिशबाजी चलाकर वापस लौटा| वह रोडवेज बसड्डे पर बस का इन्तजार कर रहा था| उसी समय तीन,चार युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट कर जबरन २४०० रुपये निकाल लिए|

पिंटू ने अन्य लोगों के सहयोग से युवक मनीष को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया| कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला गऊटोला निवासी मनीष शाक्य ने पुलिस को बताया कि उसे धोखे में पकड़ा गया है| वह यहाँ क्रिकेट के होने वाले मैच में भाग लेने के लिए फार्म भरने आया था और गाँव मसेनी में फूफा महिपाल के यहाँ जा रहा था|

जननी सुरक्षा की सूचना मांगने में भी कांग्रेसियों के तीन गुट

फर्रुखाबाद: सूचना के अधिकार के तहत जननी सुरक्षा का ब्योरा मांगे जाने के आला कमान के निर्देश के क्रम में आवेदन करने पहुंचे कांग्रेसियों में गुटबंदी साफ़ नज़र आयी। निर्धारित प्रारूप पर एक ही सूचना के लिए कंग्रेस्यों ने सीएमओ डा.पीके पोरवाल को तीन आवेदन सौंपे।

जननी सुरक्षा योजना की सूचना मांगने के संबंध में एक ही प्रारूप पर आवेदन देने के लिए जिला व शहर कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा क्षेत्र युवक कांग्रेस अध्यक्ष अलग-अलग पहुंचे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष पुन्नी शुक्ला ने वीरेंद्र मिश्र, अल्लादीन, पीएन सक्सेना और मालती कटियार के साथ प्रार्थनापत्र  सीएमओ को दिए। उनके जाते ही लोकसभा क्षेत्र युवक कांग्रेस अध्यक्ष विजय कटियार सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो डा.पोरवाल ने बताया कि अभी तो कांग्रेस नेता सूचना मांग गये हैं। तो श्री कटियार ने सीएमओ को बताया कि प्रांतीय निर्देशों के अनुसार सभी को उनके नेतृत्व में आकर सूचना मांगनी थी। लेकिन क्या करें..। कुछ देर बाद पुन्नी शुक्ला वापस लौट आये। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आफताब हुसैन सबसे पीछे तीसरे चक्र में सूचना मांगने पहुंचे। उन्हें देखकर अन्य कांग्रेस नेता भी पुन: बैठ गये। इस कार्यक्रम के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक खालिद गौरी सिरे से आये ही नहीं।

सूचना के अधिकार के तहत कांग्रेस नेताओं ने वर्ष 2005 से 2011 तक आवंटित अनुदान व व्यय का मदवार विवरण, रोगी कल्याण समिति कोष से पिछले छह वर्षो में व्यय की गई कुल धनराशि का ब्योरा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत दवा खरीद के मद में व्यय की गयी कुल धनराशि का ब्योरा मांगा है। जननी सुरक्षा योजना में ब्लाक बार संस्थागत, आवासीय व आकस्मिक प्रसवों की संख्या, मासिक अनुदान, मासिक वित्तीय स्वीकृति एवं मासिक व्यय, ब्लाक बार लाभार्थियों की सूची और स्वैच्छिक नसबंदी कराने वालों की सूची मांगी है। नवाबगंज अंप्र के अनुसार युकां के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष साजिद अली खां ने खंड विकास अधिकारी व सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक से एनआरएचएम व जसुयो के बजट व खर्चे का ब्योरा मांगा। युकां के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष शुभम तिवारी, विकास राठौर और पंकज गंगवार ने अपने-अपने क्षेत्र में सूचनाएं मांगीं।

लेखपालों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

फर्रुखाबाद: अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में शनिवार को जनपद के लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये और टाउनहाल पर धरना देकर निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया।

टाउनहॉल स्थित नगरपालिका परिषद प्रांगण में शनिवार को लेखपालों ने धरना दिया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश तिवारी ने कहा कि साथी डरें नहीं, उन्हों ने कहा कि पूरी तैयारी के बाद हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण हड़ताल का निर्णय लिया गया है। यदि लेखपालों को समय से प्रमोशन मिलता तो हममें से कई साथी अभी तक नायब तहसीलदार की कुर्सी पर बैठे होते। राजस्व निरीक्षक पद पर भी नियमानुसार प्रमोशन नहीं हो रहे हैं।

जिलामंत्री शिवकुमार शाक्य आदि लेखपालों ने विचार व्यक्त किये। लेखपालों ने राजस्व निरीक्षक के सभी पदों पर संवर्ग से अतिशीघ्र नियुक्ति करने की मांग की। तहसील अमृतपुर के कंप्यूटर कक्ष में कलक्ट्रेट लिपिक के बजाय लेखपाल की नियुक्ति किए जाने की मांग भी उठी। वेतन समय से दिलाने के लिए कहा गया। तहसील मंत्री प्रमोद मिश्रा व अध्यक्ष राहुल सिंह के विरुद्ध चल रही विभागीय कार्रवाई समाप्त करने को दबाव बनाया गया।

अनाधिकृत कब्जे के स्थाई निर्माण न हटाए जाने के आरोप में फंसे लेखपाल महेश्वर सिंह, प्रमोद शुक्ला, प्रमोद सिंह एवं प्रवेश सिंह तोमर के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई पर भी एतराज जताया गया।