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पुलिस का कारनामा: खरबूजा चोर को नशीला पाउडर लगाया

फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा पुलिस ने खरबूजा चोरी करते समय पकडे गए युवक को नशीला पाउडर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी|

युवक थाना मऊदरवाजा के ग्राम हंथियापुर निवासी राजपाल पठान मजदूरी करके गुजारा करता है| आरोप है कि राजपाल गाँव के ही नन्हे पठान के खेत से खरबूजा चुरा रहा था| खेत मालिक ने उसे पकड़कर उसकी पिटाई कर दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया|

दरोगा गजेन्द्र पाल सिंह ने राजपाल की आज प्रातः ५:३० बजे हंथियापुर तिराहे से २५० ग्राम नशीला पाउडर सहित गिरफ्तारी दर्शा दी| पुलिस हिरासत में राजपाल ने बताया कि उसने गाँव के मुजीव का खेत बटाई पर लिया है| खेत की रखवाली करने जा रहा था तभी चोरी करने आरोप में पकड़ लिया गया| खेत मालिक ने पुलिस को रुपये देकर नशीला पाउडर लगवाकर मेरी जिंदगी बर्वाद कर दी|

बीमारी से परेशान युवती ने जहर पिया

फर्रुखाबाद: बीमारी के कारण एक युवती इतनी परेशान हो गई कि उसने दवा की जगह मरने के लिए जहर पी लिया लेकिन उसकी जान बच गई|

पड़ोसी जिला शाहजहांपुर थाना जलालाबाद के ग्राम बहेरिया निवासी नन्हे लाल लोधे राजपूत ने अपनी २८ वर्षीय पत्नी माया देवी को गंभीर अवस्था में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया|

माया देवी पेट दर्द की बीमारी के कारण काफी परेशान है| पति ने उसे उपचार के लिए दवाईयां लाकर दीं| पेट में दर्द होने पर माया देवी भूंखे होने के बावजूद भी खाना नहीं खाया और घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली| उसकी हालत अब खतरे से बाहर है|

शीला की जवानी’ से तंग आकर महिला ने की खुदकुशी

बिजनौर।। उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले में स्थानीय लड़कों द्वारा फिल्म तीस मार खां का आइटम सॉन्ग ‘शीला की जवानी’ गाकर चिढ़ाए जाने से त्रस्त होकर एक महिला ने खुदकुशी कर ली।

पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल कर बताया कि दौलताबाद गांव की निवासी शीला नामक महिला ने बीती देर रात अपने पड़ोसी के घर में चुपके से घुसकर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क आग लगा ली।

पड़ोसी ने इसकी सूचना शीला के परिवारवालों को दी जिसके बाद उसे अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि शीला को घर से बाहर निकलने पर पड़ोस के युवक ‘शीला की जवानी’ गाकर तंग करते थे। इस बात को लेकर उसका उन युवकों से कई बार झगड़ा भी हुआ था। परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शीला के पड़ोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

बापू व भगत सिंह का सपना पूरा करूंगा:रामदेव

नई दिल्ली। बाबा रामदेव ने आज कहा कि वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह के उन सपनों को पूरा करना चाहते हैं जो उन्होंने भारत के लिए देखा था।

शनिवार से शुरू हुए अपने अनशन के दौरान रामदेव ने भारी तादाद में मौजूद अपने समर्थकों से कहा कि हमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद ए आजम भगत सिंह के उन सपनों को पूरा करना है, जो उन्होंने भारत के लिये देखा था।
अनशन स्थल के मंच पर मौजूद कुछ लोगों द्वारा उन्हें “महापुरूष” बताये जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदेव ने कहा कि मैं महापुरूष नहीं हूं और न ही ऎसा बनने की कोशिश कर रहा हूं। इस देश के महापुरूष महात्मा गांधी, भगत सिंह और स्वामी विवेकानंद जैसे लोग हैं। मैं महापुरूषों के आगे नहीं, बल्कि उनके पीछे उनके बताये रास्तों पर चलना चाहता हूं।

मंच पर मौजूद दो कवियों ने जब अपनी कविताओं के जरिये कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर निशाना साधना चाहा तो रामदेव ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने दोहराया कि वह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं हैं।

भाजपा का प्रहार, दिग्विजय को बताया कांग्रेस का एजेंट

नई दिल्ली। जहां राजधानी के रामलीला मैदान में बाबा रामदेव का अनशन जारी है वहीं उनके अनशन पर नेताओं की बयानबाजी भी शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले बाबा रामदेव के अनशन को संघ और भाजपा की चाल बताने वाले कांग्रेसी नेता पर भाजपा ने तीखा प्रहार किया है। भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन का कहना है कि किस हक से दिग्विजय सिंह पार्टी पर धावा बोल रहे हैं।

बेहद ही आक्रामक रूप में नजर आये हुसैन ने कहा कि पार्टी के ना तो दिग्विजय प्रवक्ता है और ना ही वो किसी खास पद पर है तो वो इस तरह की बयानबाजी करने वालो कौन होते है? दिग्विजय की बयानबाजी से साबित होता है कि पार्टी में दो फाड़ हो गये हैं। वो वो ही बोलते हैं जो सरकार उनसे कहती है। कांग्रेस  दोहरा चरित्र निभा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आई सरकार बहुत बड़ी साजिशकर्ता है।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव के अनशन को दिग्विजय सिंह ने संघऔर भाजपा की चाल बताया था। उनका कहना था कि बाबा रामदेव को उल्टी पट्टी पढ़ाकर संघ अपना उल्लू सीधा कर रही है। लोगों का ध्यान भगवा आतंकवाद से हटाने के लिए संघ-भाजपा बाबा से अनशन करवा रही है।

पीडब्लूडी के खाते सीज होने से मनरेगा मजदूरों का भुगतान लटका

फर्रुखाबाद: विभागीय ठेकेदारों की ओर से भुगतान न मिलने के विरोध में न्यायालय की ओर से लोक निर्माण विभाग के खाते पर लगाई गयी रोक से मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान लटक गया है। आयुक्त ग्राम्य ग्राम्य विकास ने दो दिन में भुगतान कराने के निर्देश दिये हैं।

प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/ जिला विकास अधिकारी एके सिंह चंद्रौल ने बताया कि गुरुवार को हुई वीडियों कांफ्रेंसिंग के दौरान आयुक्त ग्राम्य विकास ने लोक निर्माण विभाग द्वारा नरेगा मजदूरों के वेतन भुगतान में हो रहे विलंब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिन में भुगतान करने के निर्देशा दिये थे। इस संबंध में शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशा दे दिये गये है कि जिलाधिकारी की ओर से पत्र लिखवाकर न्यायालय में दाखिल करें और मनरेगा का खाता अलग खोलकर मजदूरों का भुगतान सुनिश्चत करें। उन्होंने बताया कि यदि भुगतान न किया गया तो आयुक्त ग्राम्य विकास को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिये संस्तुति अग्रसारित कर दी जायेगी।

फतेहगढ़ व कायमगंज के इंस्पेक्टर बदले गये

इंस्पेक्टर कालूराम को मिला चार्ज

फर्रुखाबाद: पुलिस अधीक्षक ओपी सागर ने क़ानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए इंस्पेक्टर व एसओ का तवादला किया है|

एसपी श्री सागर ने बताया कि कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर एचबी सिंह की कोतवाली कायमगंज में तैनाती की गयी है| डीसीआरबी प्रभारी कालूराम दोहरे को कोतवाली फतेहगढ़ का इंचार्ज बनाया गया|

कायमगंज के इंस्पेक्टर बीके मिश्र को डीसीआरबी प्रभारी पद पर तैनात किया गया| नवावगंज थानाध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह को कोतवाली फर्रुखाबाद का वरिष्ठ उप निरीक्षक बनाया गया| यहाँ के एसएसआई सुनील दत्त को थाना नवावगंज का चार्ज सौंपा गया|

विदेशी बैंको में देश का काला धन- सरकार की हालत भीगी बिल्ली जैसी

सतीश दीक्षित की कलम से-

“चोर की दाढी में तिनका” की तर्ज पर बाबा रामदेव के प्रस्तावित आन्दोलन से केंद्र सरकार बुरी तरह से डर गई है| अन्ना हजारे द्वारा जन लोकपाल विल के लिए जो अभियान प्रारम्भ हुआ था सरकारी स्तर पर उसमे पलीता लगाने की कोशिशें पहले दिन से ही पर्दे के पीछे से चल रही थीं| यह अब पूरी तरह उजागर हो गया है| परन्तु बाबा के प्रस्तावित कार्यक्रम ने सरकार की षड्यंत्रकारी गति विधियों की हवा निकाल दी है| काले धन, भ्रष्टाचार जन लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सरकार इससे पहले कभी इतने दवाव में नहीं दिखी|

वास्तविकता तो यह है कि काले धन, भ्रष्टाचार, जन लोकपाल जैसे ज्वलंत और जन हित के मुद्दों पर सरकार कभी गंभीर नहीं रही| यदि ऐसा न होता तो स्थित आज की तरह विकराल और विस्फोटक नहीं होती| बचकानी हरकतों को केंद्र सरकार ने पहले अन्ना हजारे के आन्दोलन में दाल नहीं गली तो सयुंक्त समिति गठित कर दी| राजनैतिक वियावान में भटक रहे लोगों द्वारा गैर सरकारी सदस्यों पर ढेरों कीचड डलवाया गया| यही लोग समिति के सरकारी सदस्यों पर सार्वजनिक रूप से गलबहियां डाले और उनकी चरण बंदना करते देखे गए| सरकारी सदस्यों ने अपनी इच्छा पिछली मीटिंग में दर्शा दी| नतीजतन वार्ता अमे गतिरोध आ गया| अब केंद्र सरकार और प्रदेश सरकारों व राजनैतिक दलों के नेताओं को इस सम्बन्ध में पत्र लिख रही है| यह पत्र जरूरी होने पर डेढ़ माह पूर्व ही लिखे जा सकते थे| फिलहाल इस गतिरोध के जल्दी समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे|

परन्तु भ्रष्टाचार का मुद्दा अब देश व्यापी हो गया है| यह अब सरकार की कोशिशों से थमने वाला नहीं है| आन्दोलन चाहें अन्ना हजारे का हो या बाबा रामदेव का| सरकार जितनी ढिलाई बरतेगी, मामले को टालने की कोशिश करेगी उसकी विश्वसनीयता रसातल में जायेगी और लोगों का आक्रोश बढ़ता जाएगा|

केंद्र सरकार अपने को जन तांत्रिक परम्पराओं का अलम्बरदार सिद्ध करने के लिए प्रदेश सरकार और राजनैतिक दलों के पत्र लिख रही है| बीते दिनों में इनमे से किसी ने इस मुद्दों के प्रति कोई गंभीरता दिखाई हो या जन आंदोलन चलाया हो ऐसा कहीं भी परिलक्षित नहीं होता| सही पूंछो तो हमारी अधिकांस प्रदेश सरकारें अल्पमत सरकारें हैं| राजनैतिक दल विरासत बिरादरी और कुनवा परस्ती से संचालित होते हैं| यह इन मुद्दों पर कभी सहमत और एक राय नहीं हो सकते|

सरकार में यदि हिम्मत है और वह इन मुद्दों को लेकर वास्तव में गंभीर है तब उसे इस प्रकार की ड्रामेबाजी करने के स्थान पर इस मसलों पर जनमत संग्रह की चुनौती स्वीकार कर लेनी चाहिए|

विदेशी बैंको में कालेधन की समस्या देश में ऊपर से नीचे तक फैले भ्रष्टाचार से भी विकराल है| इस समस्या को बढाने और इसके अनदेखी करने के लिए केवल और केवल केंद्र सरकार जिम्मेदार है| जब-जब यह मुद्दा उठा सरकार ने कमेटी बनाने विदेशी बैंको से वार्ता और पत्राचार करने जैसी बातें कर मामले पर लीपापोती करने का ही प्रयास किया| अब जब बाबा रामदेव अपार जन समर्थन के बल पर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं| केंद्र सरकार अपनी तिकड़मों से मामले को ठंडा करने और टालने के प्रयासों में लगी है|

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जिन लोगों का विदेशी बैंको में काला धन है वह देश द्रोही हैं| विकीलीक्स ने खुलासा किया कि विदेशी बैंको में सर्वाधिक कालाधन हमारे देश वासियों का है| इसके बाद किसी भी राजनैतिक दल ने यह कहने की हिम्मत नहीं जुटाई कि उससे प्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति का विदेशी बैंको में कालाधन नहीं है| आखिर डर किस बात का है| आप तो चुनाव दौरान और बाद में संसद और विधान सभाओं में अपनी संपत्ति की शपथ पर घोषणा करते हैं| १ अरब २२ करोड़ से अधिक आवादी वाले इस देश में विदेशी बैंको में कालाधन जमा करने वाले एक प्रतिशत से अधिक लोग नहीं होंगें| शक की सुईयां भी बहुतों पर हैं|

केंद्र सरकार और उसके सहयोगी संगठन और संस्थाएं तो इस मामले पर मौन हैं ही| कोई भी जन प्रतिनिधि, नौकरशाह, उधोगपति इस मामले में मिशाल और आदर्श प्रस्त्तुत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है| ऐसा लग रहा अहै कि अगर वह स्वतः अपने स्तर से विदेशों में कालाधन न होने की घोषणा कर देंगे उस स्थित में उनकी हैसियत, रुतवा और दर्जा गिर जाएगा| लोग कहने लगेंगें कि देखो बहुत बड़े आदमी बनते हैं| इनके पास तो विदेशों में कालेधन की एक पाई भी नहीं है|

केंद्र सरकार अपने तरीकों और लंगड़े बहानों से चाहे जितनी लीपापोती कर ले अन्ना हजारे और बाबा रामदेव द्वारा प्रारंभ किये गए इस अभियान की आंधी आजादी के आंदोलन की तरह अब गली-गली गाँव-गाँव पहुँच रही है| पाप का घडा अब पूरी तरह भर गया है| इस जन अभियान में जो भी किसी प्रकार का व्यवधान खडा करेगा उसे जनाक्रोश का शिकार होना पडेगा| अब आने वाले चुनावों में पार्टियों के घोषणा पत्र कम और इन आंदोलनों में उठ रहे मुद्दे अधिक व्यापक और प्रभावी होंगें| सरकार यदि मुट्ठी भर लोगों के हित साधने के लिए जन सामान्य की उपेक्षा और अवहेलना करेंगीं| तब फिर आने वाले दिनों में उसे सिर छुपाने को भी जगह नहीं मिलेगी|

वह दिन दूर नहीं जब जन आकांक्षाओं के अनुरूप जन लोकपाल बिल बनेगा और पास होगा| जिसके परिणाम स्वरूप भ्रष्टाचार का ऊपर से नीचे तक सफाया हो जाएगा| साथ ही विदेशी बैंकों में जमा कालाधन भी वापस अपने देश में आयेगा| इस कल्पनाशील कालेधन के वापस देश में आने पर विकास का अवरुद्ध पहिया तेजी से घूमेगा|

अन्ना हजारे और बाबा रामदेव का अभियान एक महायज्ञ है| इस यज्ञ में प्रत्येक को सच्चे देशभक्त के नाते अपनी आहूति देनी होगी| सर्वाधिक योगदान नौजवानों को करना होगा| यह युद्ध सीधे देश और उनके स्वयं के भविष्य से जुड़े हुए हैं| इन जन आंदोलनों से सधे जुड़िये क्योंकि इसने हमारे समाज की उन सारी कढियों और बेड़ियों को तोड़ दिया है जिन्हें नेता और राजनैतिक दल और मजबूत करने पर तुले हुए हैं|

सवाल किसी एक दल या नेता का नहीं है सवाल देश के भाग्य और भविष्य का है| मतदान के कम प्रतिशत से जीते लोग हमारे भाग्य विधाता जन हमारे साथ खिलवाड़ न करें| इसके लिए यह बहुत आवश्यक है कि हम सब निष्पक्ष और निर्भीक होकर शत प्रतिशत मतदान की राह पर चलें| सच मानिए देश का काया कल्प हो जाएगा| भ्रष्टाचार मिट जाएगा| विदेशों में जमा कालाधन देश में फिर से वापस आयेगा|

जल निगम कर्मचारी हड़ताल, सोमवार से आमरण अनशन

फर्रुखाबाद: छठे वेतर आयोग के अनुसार देय एरियर अवशेष वेतन भुगतान न किये जाने के विरोध में जलनिगम कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। कर्मचारियों ने सोमवार से आमरण अनशन भी प्रारंभ किये जाने की घोषणा की है।

विदित हे कि जल निगम में अभी तक कुछ कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप देय वेतन एरियर का भुगतान नहीं मिला है। कर्मचारी यह एरियर धनराशि का भुगतान किये जाने के लिये हड़ताल पर चले गये हैं। जलनिगम कार्यालय के गेट पर धरने बैठे कर्मचारी नेता दिनेश सिंह ने बताया कि यदि उनकी मोंगे न मानी गयीं तों वह सोमवार से आमरण अनशन पर चले जायेंगे।

अधिशासी अभियंता गंगा सिंह ने बताया कि वेतन भुगतान के लिये बजट अलग से मुख्यालय से आता है। बजट प्राप्त न होने के कारण् भुगतान करने में समस्या आ रही है। उनहोंने बताया कि कर्मचारी कार्यों के लिये आये बजट से ही वेतन एरियर भुगतान की मोंग कर रहे हैं। ऐसा करन वित्तीय अनियमितता होगी। इसलिये कर्मचारियों की मांगे मानना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थिति के विषय में उच्चाधिकारियों को अबगत करा दिया गया है।

हांथो की मेहंदी सूखने से पहले ही उजड़ गया सुहाग

फर्रुखाबाद: नव विवाहिता के हांथो की मेहंदी छूटने से पहले ही उसका सुहाग उजड़ गया| शादी के छठे दिन ही पति की मौत के गम में विवाहिता बुरी तरह बिलखती रही| इस नज़ारे को देख माहौल काफी ग़मगीन हो गया|

थाना राजेपुर के ग्राम उजरामऊ निवासी भानु प्रताप सिंह का युवा पुत्र अजीत बाइक पर चचेरी बहन को बिठाकर हुल्लापुर की ओर से सायं घर जा रहा था| गाँव से करीब दो किलोमीटर दूर डबरी के निकट से गुजरते समय लड़की लघुशंका करने लगी| अजीत बाइक लिए खडा था उसी समय पीछे से आये सफारी चालक ने बाइक में टक्कर मार दी| जिससे अजीत की मौत हो गई| युवक का २९ मई को विवाह हुआ है अभी पत्नी की चौथी की विदाई नहीं हुई है|

दुर्घटना के बाद हमलावर वाहन छोड़कर भाग गए| सैकड़ो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घटना के प्रति रोष जाहिर किया| भानु ने आरोप लगाया कि अजीत को मारने के लिए पहले रिवालवर से गोली चलाई गई गोली न लगने पर वाहन से टक्कर मारकर ह्त्या की गई| मौके पर एक रिवाल्वर का बुलेट तथा एक खोखा मिला है| कार में हरदोई के बिशुनपुरी मोहल्ला असरफ निवासी अनिल मिश्रा के नाम रिवाल्वर का लायसेंस मिला|

सूचना मिलने पर एसडीएम क्षेत्राधिकारी व एसओ मौके पर पहुंचे| पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शव का पंचनामा भरा|