फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सेंट्रल जेल तिराहा स्थित फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के संगठन मंत्री विपिन सिंह राजावत के प्रतिष्ठान पर व्यापार मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने व्यापारियों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी और नियमों के पालन पर जोर दिया।
यातायात प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में यदि एयरबैग नहीं खुलता है तो बीमा क्लेम मिलने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने तथा नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिफारिश करने की बजाय यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। व्यापारियों ने सेंट्रल जेल चौराहे पर दुकानों के सड़क के बिल्कुल
किनारे लगने से लगने वाले जाम की समस्या उठाई। व्यापार मंडल सेंट्रल जेल के महामंत्री डॉ. संजीव त्रिपाठी ने मांग की कि दुकानों को सड़क से कुछ पीछे व्यवस्थित कराया जाए ताकि यातायात सुचारू हो सके।महामंत्री देवेंद्र सक्सेना पिंटू ने कहा कि संगठन निरंतर व्यापारी हित में कार्य कर रहा है। जिला महामंत्री विमलेश मिश्रा ने कहा कि व्यापारियों के टैक्स से ही पुलिस को वेतन मिलता है, इसलिए व्यापारिक क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगे। अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने बताया कि सेंट्रल जेल चौराहे पर शौचालय निर्माण के लिए शीघ्र नगर पालिका को ज्ञापन दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने व्यापारियों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने की अपील की। बैठक का संचालन अभिषेक वाजपेयी ने किया। जिला प्रवक्ता लखन सिंह, मीडिया प्रभारी संजीव गुप्ता, अनूप गुप्ता, शरद गुप्ता, दीपक गवरानी सहित संरक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष यादव, शशांक कटियार, सुधीर यादव, मनोज कुमार, शैलेश राजपूत, शैलेन्द्र यादव, अवनीश कुमार सहित अनेक व्यापारी रहे।




पिछली फसल में जबरदस्त उत्पादन हुआ और आलू कोल्ड स्टोरों में भर दिया गया। इस बार मानसून लंबा चला, नई फसल की बोआई देर से हुई। अक्टूबर–नवंबर में स्टोरों से निकासी शुरू हुई तो उम्मीद थी कि दिवाली और सहालग में मांग बढ़ेगी, लेकिन लगन का सीजन छोटा रहा। उधर नई फसल में भी बंपर पैदावार ने बाजार को और दबा दिया। जमीन पर गिरे दाम
फर्रुखाबाद के कोल्ड स्टोर संचालक विजय यादव नें बताया, लगभग 20 हजार पैकेट आलू उनके कोल्ड में भरा है, लिहाजा आलू के दाम कम होने से किसान आलू निकालने नहीं आ रहा,हर साल दिसंबर तक कोल्ड स्टोर खाली हो जाते थे, मगर इस बार स्टोर भरे पड़े हैं। जिले में 125 से अधिक शीतगृह हैं, जिनमे आलू फंसा है, 200–250 रुपये क्विंटल पर तो कोल्ड स्टोर का भाड़ा भी नहीं निकल रहा। सर्दियों में हरी सब्जियों की आवक बढ़ने से आलू की मांग और घट गई है। आलू जिले से बाहर ना जाने से भीं यह हालात पैदा किये है| बीज से महंगी ढुलाई
सिरोली निवासी कोल्ड मालिक जितेंद्र यादव नें बताया की दिसंबर–जनवरी में दाम सुधरने की उम्मीद कम है।1997 के बाद 2025 सबसे खराब साल है, कोल्ड स्टोर में आलू का भंडारण अभी है, आलू की एक बोरा ढुलाई व मजदूरी 50–60 रुपये प्रति बोरी पड़ रही है। आसपास की मंडियों एटा और आगरा में भी हालात ऐसे ही हैं। पहले नेपाल आलू की सप्लाई थी वह भीं बंद है| अच्छे दाम की आस में किसान फंस गए। कोल्ड स्टोर मालिक मोहन अग्रवाल नें बताया की जिले में अब ज्यादा आलू कोल्ड स्टोर में नहीं है, फर्रुखाबाद में दो करोड़ पैकेट आलू का भंडारण होता है, जिसमे अब कोल्ड स्टोरों में एक दो प्रतिशत आलू ही अटका है। आलू मंडी में 301 से 401 रुपए प्रति पैकेट आलू आढ़ती अरविन्द वर्मा नें बताया की सातनपुर मंडी फर्रुखाबाद में आलू 301 से 401 रुपए प्रति पैकेट बिक्री हुआ, आवक लगभग 50 मोटर रही , कोल्ड स्टोरेज में पुराना आलू फेंकने की नौबत जो 200 से 400 रुपए कुंटल में बिका , उसके भी खरीददार नहीं मिल रहे । जिला आलू विकास अधिकारी राघवेन्द्र सिंह नें जेएनआई कों बताया की अधिकतर कोल्ड खाली हो गये हैं| केबल आलू की खस्ता हालत की अफवाह है| जिले में आलू भाव कम होने के पीछे नेपाल में राजनीति की स्थिरता है | जिस कारण फर्रुखाबाद का आलू नेपाल नहीं जा पाया, इसके आलावा पंजाब, बिहार व पश्चिम बंगाल भीं जाता था, लेकिन वहाँ भीं आलू का उत्पादन होने से फर्रुखाबाद के किसान का आलू नहीं जपाया जो आलू की कम कीमत का एक कारण हैं | इस साल आलू का अधिक उत्पादन होने की उम्मीद है |
शाहजहांपुर की ओर मुड़ा, तभी पीछे से आ रहे ट्रक के चालक मोहम्मद खान पुत्र नियामद खान, निवासी मोहल्ला नया बांस, कस्बा व थाना बैर, जिला भरतपुर (राजस्थान) ने कोहरे के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहीं देखा और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के चलते गन्ना लदी ट्रॉली पलट गई, जिससे ट्रैक्टर पर बैठे नीरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो
ग्राम कोरीखेड़ा निवासी चन्द्रप्रकाश गुप्ता ने थाना जहानगंज में दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र आशुतोष बुधवार शाम करीब 5:30 बजे घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक कोई सूचना नहीं मिली तो परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खेतों, रास्तों, नजदीकी गांवों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, परंतु बालक का कहीं पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गुमशुदगी दर्ज कर ली और तलाश तेज कर दी। बालक की खोज के लिए पड़ोसी जिले कन्नौज से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड ने खेतों और रास्तों सहित कई स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस टीम कोरीखेड़ा चौराहे पर अवनीश पाल की दुकान सहित अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वहीं जहानगंज चौराहे पर कांस्टेबल निरंकार और अनुज द्वारा भी कैमरे चेक किए गए। थाना प्रभारी राजेश राय ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक रामबाबू को सौंपी गई है। तीसरे दिन भी बालक का पता न चलने पर पूछताछ के लिए चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आशुतोष की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को भी बालक के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल थाना जहानगंज पुलिस को सूचित करें।
शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में ईरानी बस्ती में रह रहे परिवारों के पहचान से संबंधित दस्तावेजों की जांच-पड़ताल का विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय के साथ शहर कोतवाली, कादरीगेट और मऊ दरवाजा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बस्ती में पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस टीम ने वहां रह रहे सभी परिवारों से आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य निवास संबंधी अभिलेख मांगे और उनका मिलान किया। इस दौरान कई लोगों से उनके यहां रहने की अवधि, मूल निवास और परिवार के सदस्यों के संबंध में भी पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों ने बस्ती में रह रहे लोगों को स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सत्यापन के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी को रोका जा सके। जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों की फोटो कॉपी तैयार कर रिकॉर्ड में शामिल किया, वहीं जिन लोगों के पास पूरे कागजात उपलब्ध नहीं थे, उन्हें जल्द दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।