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भूमि विकास बैंक अध्यक्ष पद पर दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन तय

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बढ़पुर विकासखंड में सहकारिता के अंतर्गत भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कटियार ने अपना नामांकन पत्र जिला चुनाव अधिकारी सतीश कुमार को सौंपा। नामांकन की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक किसी अन्य प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया, जिससे दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बढ़पुर विकासखंड परिसर में एकत्र रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि पूर्व जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन तय है। इससे पूर्व भी वे भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी ने उनके अनुभव व कार्यक्षमता को देखते हुए पुनः प्रत्याशी बनाया। किसी अन्य नामांकन के न होने से यह कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का क्षण है।
फतेहचंद वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित दल है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश में सुशासन और विकास की सरकार चल रही है। पिछली सरकारों में सहकारिता विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था, लेकिन वर्तमान नेतृत्व में सहकारिता विभाग समृद्धि की ओर अग्रसर है।
नामांकन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. भूदेव सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह, आलू विपणन संघ के सभापति विमल कटियार सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। आलू विपणन संघ सभापति विमल कटियार, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, डॉ. भूदेव सिंह राजपूत, सत्यपाल सिंह, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर, संकिसा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल राजपूत, जिला महामंत्री डीएस राठौर व हिमांशु गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अशनील दिवाकर, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी रहे|

एटा में घर में घुसकर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या

एटा ब्यूरो: जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नगला प्रेमी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या ने सभी को दहला दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि हत्यारे मृतकों से परिचित थे और उन्होंने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घर के आगे और पीछे लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद भी पुलिस को घर में प्रवेश करता हुआ कमल सिंह के अलावा कोई अन्य व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में पूरे मामले में शक की सुई अपनों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
नगला प्रेमी हत्याकांड में शक की सुई अपनों पर
सोमवार दोपहर नगला प्रेमी में गंगा सिंह शाक्य, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना और 19 वर्षीय पौत्री ज्योति की ईंटों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। चारों के शव घर के अलग-अलग दो कमरों में पड़े मिले। हैरानी की बात यह रही कि पड़ोसियों ने न तो किसी तरह की चीख-पुकार सुनी और न ही किसी संदिग्ध हलचल पर ध्यान गया। इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि हत्यारों ने चारों को एक साथ काबू में कर लिया था और उन्हें विरोध करने का मौका नहीं दिया गया।
परिचितों द्वारा वारदात की आशंका, चारों को एक साथ किया गया काबू
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले लोग घर के सदस्यों से करीबी संबंध रखते थे। यही वजह रही कि वे बिना किसी शोर-शराबे के घर के अंदर तक पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ले कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि मकान के पीछे के गेट के सामने लगे कैमरे में कोई भी व्यक्ति घर में प्रवेश करता हुआ नहीं दिखा। घर के पीछे पिछला दरवाजा अंदर से बंद था, और उस पर ताला लगा हुआ था। परिवार आमतौर पर उस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करता।
कैमरों की फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही दिखा
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे कैमरों की फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही घर में आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 12.55 बजे से 2.00 बजे के बीच की फुटेज में कमल सिंह की घर में ही मौजूदगी दर्ज है। इसके बाद किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री या एग्जिट नहीं दिखती। इसी बिंदु पर जांच आकर टिक गई है और पुलिस हर एंगल से फुटेज का विश्लेषण कर रही है।
दृश्य बेहद हृदय विदारक था
घटनास्थल का दृश्य बेहद हृदय विदारक था। ऊपर और नीचे के कमरों में खून चारों तरफ फैला हुआ था। सभी मृतकों के सिर पर ईंट से किए गए वार के निशान मिले हैं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें नहीं पाई गईं। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले सभी को काबू में लिया गया और फिर एक-एक कर सिर पर प्रहार किए गए।
चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई
पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इनमें से एक महिला ने बताया कि उसने दोपहर करीब एक बजे रत्ना को छत पर कपड़े सुखाते हुए देखा था। यदि यह बयान सही है तो हत्याएं एक बजे से लेकर 2 बजे के बीच हुई होंगी। 2.15 बजे तो देवांश ही स्कूल से घर आ गया। उसके बाद ही इन हत्याओं की जानकारी लोगो को हुई। इसी समयावधि की फुटेज पुलिस की जांच का केंद्र बनी हुई है| पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या से पहले पीड़ितों को बेहोश तो नहीं किया गया था। यदि हत्यारा अकेला था तो चारों को एक साथ काबू में करने के लिए किसी तरह का नशीला पदार्थ या भोजन में कुछ मिलाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी हो रही जांच
परिवार से जुड़े सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि कमल सिंह की छोटी बेटी की शादी फरवरी में तय थी, और परिवार इसकी तैयारियों में लगा था। वहीं बड़ी बेटी लक्ष्मी की शादी अभी नहीं हुई थी। इन तथ्यों को भी पुलिस अपनी जांच में शामिल कर रही है।
करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था
गंगा सिंह के एक करीबी मित्र ने पुलिस को बताया कि गांव लोहाखार में उनकी करीब पांच बीघा जमीन है, जिस पर कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था। मित्र ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी थी, लेकिन कमल सिंह ने यह कहकर मना कर दिया था कि इससे दुश्मनी बढ़ जाएगी। हालांकि पुलिस को इस एंगल में फिलहाल ज्यादा दम नजर नहीं आ रहा।
तो फिर कौन हैं हत्यारे
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हत्यारे कौन हैं। यदि हत्या किसी एक व्यक्ति ने की है, तो यह मानना पड़ेगा कि उसने पहले सभी को बेहोश किया या किसी तरह निष्क्रिय कर दिया। वहीं यदि हत्यारे एक से अधिक हैं, तो फिर चारों को एक साथ काबू में करना उनके लिए आसान रहा होगा।
ज्योति के गले में दुपट्टे से लगा था फंदा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि 12 वर्षीय ज्योति के गले में दुपट्टा बंधा हुआ मिला, जिसमें गांठ लगी थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसका गला घोंटा गया हो। ज्योति का शव ऊपर वाले कमरे में जमीन पर पड़ा मिला, जबकि उसकी मां रत्ना का शव बेड पर था। नीचे वाले कमरे में श्यामा देवी का शव जमीन पर पड़ा था, जबकि गंगा सिंह की हत्या उन्हें बेड पर ही की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
नीचे वाले कमरे में रखे थे चाय के तीन कप
घटनास्थल से एक और अहम सुराग सामने आया है। गंगा सिंह के कमरे में चाय के तीन कप रखे मिले, जबकि ऊपर वाले कमरे में एक भगोने में चाय की पत्ती पाई गई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले घर में चाय बनाई और पी गई थी। अब सवाल यह है कि चाय किसने बनाई और किसने पिलाई,और पीने वाले कौन-कौन रहे।
नोएडा में नौकरी करती थी ज्योति
बताया गया है कि ज्योति नोएडा में नौकरी करती थी और हाल ही में घर आई थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह अंतरजातीय विवाह कर रही थी। जिसको लेकर घर में मतभेद थे। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही है।
11 बजे सब्जी लेकर लौटी थीं रत्ना
पड़ोसियों के अनुसार, रत्ना सोमवार को करीब 11 बजे शिकोहाबाद रोड से सब्जी खरीदकर घर लौटी थीं। इसके बाद वह किसी से बातचीत किए बिना घर के अंदर चली गईं। इसके बाद दोपहर में किसी ने उन्हें बाहर आते-जाते नहीं देखा। शहर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या का यह मामला न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि आमजन को भी झकझोर देने वाला है। सीसीटीवी फुटेज में बेटे कमल सिंह के अलावा किसी और का न दिखना जांच को दिशा दे रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हत्याकांड की परतें खोलेगी।

कोल्ड स्टोर से अमोनिया गैस लीक, टला बड़ा हादसा

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) इटावा–बरेली हाईवे पर पापियापुर गांव के समीप स्थित एक कोल्ड स्टोर में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस की तीखी दुर्गंध फैलते ही आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोर में सिलेंडर भरने की प्रक्रिया के दौरान अमोनिया गैस लीक हो गई। बदबू महसूस होने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी।
सूचना पर दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए कोल्ड स्टोर परिसर के भीतर और बाहर पानी का छिड़काव कराया, जिससे गैस का असर कम हो सका। इस दौरान टीम द्वारा उपकरणों व वाहनों की भी जांच की गई। घटनास्थल पर पहुंचे एफएसओ आशीष वर्मा ने बताया कि सिलेंडर भरते समय गैस का रिसाव हुआ था। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।

फर्रुखाबाद का नाम बदलने को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) फर्रुखाबाद को बदलने की मांग को लेकर सोमवार को पांडवेश्वर नाथ शिवालय (पंडाबाग मंदिर) से हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्घाटन संत राजेश बाबा (ऋषि आश्रम, पांचालघाट) के नें किया| आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल द्वारा मंत्रोच्चार के साथ किया गया। संत राजेश बाबा ने आमजनमानस से अपील की कि अधिक से अधिक लोग स्वयं आगे आकर हस्ताक्षर करें और दूसरों को भी प्रेरित करें, जिससे नाम परिवर्तन को लेकर जनसमर्थन स्पष्ट रूप से सामने आ सके। उन्होंने कहा कि गुलामी के प्रतीक नाम को हटाकर जनपद की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास से जोड़ी जानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने कहा कि फर्रुखाबाद का नाम उसके पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के अनुसार “पांचालनगर” किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को लेकर अभियान निरंतर चलाया जाएगा और नाम परिवर्तन के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्र, जिलाध्यक्ष आशीष गुप्ता एडवोकेट सहित रोहन कश्यप, दिलीप शर्मा, शशिकांत पाराशर, सोहन शुक्ला, आदित्य मिश्रा, कौशल गुप्ता, सौरभ शाक्य, प्रिंस पाठक, आलोक मिश्रा, दीपक मिश्रा, विजय कटियार, शिवांग बाजपेई समेत अनेक लोग मौजूद रहे। हिन्दू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा नें अपना समर्थन किया हैं |

रेलवे रोड़ 7 मीटर बनने पर सहमति! फिर क्यों हुआ धरना प्रदर्शन, व्यापार मंडल में रार!

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शहर की रेलवे रोड़ मॉडल बने या ना बने लेकिन विरोध करने का तरीका जरुर मॉडल नजर आ रहा है| जिला उद्योग व्यापार मंडल नें फैम व अन्य व्यापार मंडल नेताओं के साथ बैठक करके सड़क 7 मीटर चौड़ी बनने का प्रस्ताव मान लिया| इंजीनियरों का कहना था की इससे अधिक चौड़ी सड़क नही बन सकती| जिस पर सभी व्यापारी संगठनों की सहमति बन गयी, लेकिन उसके बाद भी जिला उद्योग व्यापार मंडल की महिला बिंग व युवा बिंग ने सड़क को 10 मीटर चौड़ी करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन दिनभर किया| इससे जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष की काफी किरकरी हुई|
दरअसल बीती रविवार की रात पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल के पति मनोज अग्रवाल व ईओ विनोद कुमार, फैम व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा व जिला महामंत्री विमलेश मिश्रा, जिला उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) जिलाध्यक्ष सदानन्द शुक्ला आदि व्यापारी नेताओ के साथ एक बैठक की| जिसमे इंजीनियरों नें बताया की मास्टर प्लान में केबल रेलवे रोड़ 12.40 मीटर है| अन्य सड़क 13 मीटर चौड़ी हैं| लिहाजा नाली के किनारे लगभग 1.20 से 1.40 मीटर का फुटपाथ के साथ ही 7 मीटर की सड़क ही तकनीकी कारणों से बन सकती है| बिजली के खम्भे भी ठीक से ना लगे होनें से सड़क को चौड़ा करने में तकलीफ है| बाद में 7 मीटर सड़क बनाने में सभी की सहमति बन गयी| लेकिन उसके बाद भी जिला उद्योग व्यापार मंडल की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सोनी शुक्ला के साथ ही युवा व्यापार मंडल के अंकुर श्रीवास्तव चौक पर 10 दस मीटर चौड़ी सड़क बनानें की मांग पर दिन भी धरना प्रदर्शन किया| समर्थन में संगठन के जिला कमेटी का कोई भी पदाधिकारी नजर नही आया| केबल मीडिया प्रभारी सौरभ शुक्ला धरना में बैठे नजर आये|
शाम तक चला व्यापारी नेताओं का धरना, जिलाध्यक्ष खफा
नगर पालिका के अधिकारियों व चेयरमैंन पति के साथ बैठक में 7 मीटर पर सहमति बननें के बाद भी जिला उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया| जिस पर जिलाध्यक्ष सदानंद

शुक्ला खफा हो गये| उन्होंने बताया की धरना प्रदर्शन की अनुमति आधिकारिक रूप से उनसे नही ली गयी| बिना अनुमति के साथ ही बिना सूचना के धरना प्रदर्शन किया गया| जो अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है| जिसके लिए एक सार्वजनिक बैठक कर नोटिस जारी करेंगे यदि संतोष नजर जबाब नही दिया तो संगठन स्तर पर कार्यवाही होगी|
एक व्यक्ति के फैसले से नही चलता संगठन
व्यापारी नेता अंकुर श्रीवास्तव नें बताया की बीती रात जो बैठक हुई उसमे उनके जिलाध्यक्ष सदानन्द शुक्ला नें नही बुलाया और ना ही महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सोनी शुक्ला को बुलाया| संगठन एक व्यक्ति से नही चलता| संगठन में सभी के विचार जानना आवश्यक है लिहाजा धरना प्रदर्शन किया गया है| संगठन से नोटिस मिलने पर जबाब दिया जायेगा|
पुतला पुलिस नें छिना
धरने पर बैठे व्यापारी नेताओं नें चेयरमैंन वत्सला अग्रवाल का पुतला फूंकने की तैयारी की| सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पंहुची और पुतला छीन लिया| अंकुर श्रीवास्तव नें बताया की मनोज अग्रवाल से बात हुई | दो दिन का समय दिया है| और उसके बाद अहमति देंगे| फिलहाल दो दिन के लिए काम रोंक दिया गया| महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सोनी शुक्ला ने बताया की जिलाध्यक्ष सदानदं शुक्ला के आशीर्वाद से ही धरना प्रदर्शन आयोजित किया था| जिलाध्यक्ष से बात हुई थी, उनको जानकारी देकर ही धरना प्रदर्शन किया गया| सोमवार शाम को सड़क का कार्य शुरू होना था जिसे फिलहाल धरना स्थल पर वार्ता के बाद दो दिन आगे बढ़ा दिया गया| बैठक या धरना प्रदर्शन में नजर नही आये व्यापारी नेता अनुपम रस्तोगी ने कहा की वह व्यापारी हित में हैं, जो सड़क बने उसमे गुणवत्ता का ध्यान रखा जाये, यह ना हो की तीन साल बाद फिर बनने की नौबत आ जाये| पालिका के साथ बैठक में ना बुलाये जानें से कई व्यापार मंडल के कई पदाधिकारियों में नाराजगी देखी गयी|

नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल: 23 जनवरी कों शाम दो मिनट के लिये होगा ब्लैकआउट

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आगामी 23 जनवरी को प्रस्तावित नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि 23 जनवरी को सायं 06 बजे से 02 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा। ब्लैकआउट के दौरान चिन्हित क्षेत्रों में सभी लाइटें बंद रहेंगी, वाहनों का संचालन नहीं होगा तथा चल रहे वाहनों की लाइटें भी बंद रखी जाएंगी।
इसके उपरांत अग्निशमन कार्यालय परिसर में हवाई हमले जैसी आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए आग बुझाने, घायलों को सुरक्षित निकालने तथा उन्हें अस्पताल पहुंचाने की मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मी शाम 05 बजे अग्निशमन केंद्र पर एकत्र होंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद की आपातकालीन रिस्पॉन्स टीम को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखा जाए। सभी महत्वपूर्ण स्थानों का चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों, अग्निशमन केंद्रों एवं फायर हाइड्रेंट्स को चिन्हित किया जाए। नगर क्षेत्र में लगे सभी पब्लिक एड्रेस सिस्टम को क्रियाशील किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र तथा स्काउट-गाइड के माध्यम से स्कूल एवं कॉलेजों में छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही ब्लैकआउट क्या होता है और उसके दौरान क्या सावधानियां बरतनी होती हैं, इसके बारे में आम जनता को जागरूक किया जाए। सभी संबंधित विभाग आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां समय से पूर्ण कर लें। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ आदि अधिकारी रहे|

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत यात्रा’ में फरुवाही नृत्य का रहेगा आकर्षण

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) नगर में मंगलवार को संस्कार भारती की तरफ से एक भारत श्रेष्ठ भारत यात्रा का आयोजन भव्यता के साथ किया जायेगा| जिसमे गोरखपुर का फरुवाही नृत्य आकर्षण का केंद्र बनेगा| आयोजकों नें यात्रा की सभी तैयारी पूर्ण कर ली हैं|
शहर के रेलवे रोड़ स्थित पांडेश्वर नाथ मन्दिर से यात्रा शुरू होगी और जो रेलवे रोड, चौक, नेहरु रोड़, घुमना बाजार, लाल सराय, लाल दरवाजा, बस अड्डा होते हुए स्वराज कुटीर में समाप्त होगी| यात्रा में भारत के केरल, तमिलनाडू, यूपी, महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश सहित कुल 20 प्रान्तों की झांकियां शामिल होंगी| इस बार यात्रा में अयोध्या से फरुआई नृत्य की टीम भी शामिल हो रही है| दरअसल फरुवाही. नृत्य पूर्वांचल खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के साथ ही कुशीनगर क्षेत्र का पारंपरिक लोकनृत्य है| जो शुभ अवसरों पर आयोजित किया जाता है| जिसमे धोती, बनियान,गमछे के साथ ही टिमकी, नगाड़ा व झाल जैसे वाध्ययंत्रों का प्रयोग होता है| संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय नें बताया की यात्रा की सभी तैयारी पूर्ण कर ली गयीं हैं| प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यात्रा आकर्षण का केंद्र रहेगी| फरुआई नृत्य के कलाकार अयोध्या से आ रहे हैं |

सड़क सुरक्षा शपथ, स्कूल बसों का निरीक्षण, 11 वाहनों पर कार्रवाई

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) सड़क सुरक्षा माह के एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा स्कूल में स्कूल वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान चालकों को विद्यालय वाहन धीमी गति से चलाने, सीट बेल्ट का प्रयोग करने, प्रेशर हार्न व मल्टी टोन्ड हार्न का उपयोग न करने, वाहन के समस्त प्रपत्र वैध रखने, छात्रों एवं अभिभावकों से मृदु व्यवहार करने तथा स्कूली वाहन की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में विद्यालय के कर्मचारी, चालक एवं परिचालकों ने उपस्थित रहकर यातायात नियमों के पालन की शपथ ली। उन्होंने सड़क पर चलते समय हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री हृदयेश भी उपस्थित रहे।
इसके पश्चात एआरटीओ-प्रवर्तन द्वारा विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर 01 स्कूल बस को नोटिस जारी किया गया तथा बिना परमिट संचालित 01 स्कूल बस को सीज किया गया।
इसके अतिरिक्त, 04 ओवरलोड ट्रकों को सीज कर 1.09 लाख रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। वहीं 01 बिना परमिट ट्रक को सीज कर 41 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आज की कुल कार्रवाई में 11 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 1.95 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।

पोषण ट्रैकर एप का डाटा हैक! साइबर ठगों ने फोन कर खाते से उड़ाये रूपये

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी पोषण ट्रैकर एप को आंगनवाड़ी केंद्र (चाइल्ड केयर सेंटर) की गतिविधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा वितरण और गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं व छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पूर्ण लाभ प्रबंधन प्रदान कराने के उद्देश्य को लेकर चालू किया गया था| जिस पर इस प्रकार की महिलाओं का डाटा भी रहता है| लेकिन उस डाटा पर साइबर ठगों की नजर पड़ गयी, साइबर अपराधियों नें डाटा को हैक करके उसमे दर्ज महिलाओं के नम्बर पर फोन पर खाते से रूपये साफ कर दिये जिससे हड़कंप मच गया है| मामले में डीपीओ व साइबर थाना पुलिस से शिकायत की गयी है|

दरअसल विकास खंड बढ़पुर के ग्राम गढिया ढिलाबल में पोषण ट्रैकर एप का डाटा साइबर ठगों ने हैक किया है| गाँव के ही उमेश कठेरिया पुत्र भूरेलाल के बताया की उसके पुत्री का जन्म लोहिया अस्पताल में लगभग चार महीने पूर्व हुआ था| उसके पास लगभग 7 दिन पूर्व एक फोन आया, जिसमे फोन करनें वाले नें कहा की उसके खाते में सुकन्या योजना के 6 हजार रूपये आयेंगे वह मोबाइल पर आये ओटीपी को बतायें, जिसके बाद ओटीपी बताते ही उमेश के खाते से 1300 रूपये निकल गये| इसी गाँव के धनश्याम राजपूत पुत्र विशेष नें बताया की उनकी पत्नी रूचि के 13 जनवरी को प्रसब लोहिया अस्पताल में हुआ था| उसके पास भी फोन आया की सुकन्या योजना की किश्त आनी है उसका खाता ठीक ना होनें पर उसने अपने पांचाल घाट के नोनमगंज निवासी रिश्तेदार विवेक राजपूत पुत्र रतिराम का खाता नम्बर दिया और कुछ देर में ही उनके खाते से 2 हजार रूपये साफ हो गये| इसके साथ ही इसी गाँव के राजीव कठेरिया के खाते से 5 हजार, राजा कठेरिया के खाते से 1550 रुपये, विवेक राजपूत पुत्र लज्जाराम के खाते से 6 हजार, राजीव कठेरिया पुत्र मिजाजीलाल के खाते से 6000, विजेंद्र सिंह के खाते से 2700, अविरल पुत्र सतीश चन्द्र के खाते से 1600 रूपये साइबर ठगों से साफ किये हैं| इन सबके फोन पर किश्त डालने के नाम पर साइबर फ्राड किया गया|
गाँव की आंगनबाड़ी भारती सिंह नें बताया की साइबर ठगों नें 7 ग्रामीणों के खाते से रूपये ठगे है| गाँव के डाटा में 15 गर्भवती, 5 धात्री, 70 बच्चे 7 माह से 3 वर्ष व 32 बच्चे 3 साल से 6 साल के दर्ज हैं| मामले की शिकायत डीपीओ व पुलिस से की है|
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अनिल कुमार श्रीवास्तव नें जेएनआई को बताया की आंगनबाड़ी ने उनसे मौखिक रूप से शिकायत की है| मामले में अभी लिखित शिकायत नही आयी है| लिखित शिकायत आनें पर जिलाधिकारी को कार्यवाही के लिए लिखा जायेगा| फिलहाल आंगनबाड़ी नें साइबर थानें में शिकायत की है| लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है|

स्वामी विवेकानंद योजना के 131 चोरी हुए स्मार्टफोन बरामद, तथाकथित पत्रकार गिरफ्तार

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वितरण के लिए आए स्मार्ट मोबाइल फोन व टैबलेट चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस प्रकरण में वीर प्रताप सिंह (तथाकथित पत्रकार) पुत्र जंगबहादुर सिंह, निवासी ग्राम व पोस्ट ऐली, थाना बिधूना, जनपद औरैया, हाल पता शास्त्री नगर, कोतवाली मोहम्मदाबाद, जनपद फतेहगढ़ को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 131 चोरी हुए स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं।
कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ के गोदाम से स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत वितरण हेतु रखे गए 802 स्मार्टफोन एवं 05 टैबलेट गायब होने के संबंध में ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष वर्मा की तहरीर पर 13 जनवरी 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पूर्व ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक चौहान (निवासी ग्रीन-1, रोहता, आगरा) को नामजद किया गया है।
विवेचना के दौरान सामने आया कि अभियुक्त वीर प्रताप सिंह कलेक्ट्रेट परिसर में स्वान नेटवर्किंग का कार्य करता था, इसी दौरान उसका संपर्क पूर्व ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर से हुआ। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 18 जनवरी 2026 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार नें बताया की पुलिस द्वारा बरामद मोबाइलों के आरोपी कों गिरफ्तार किया गया हैं, पुलिस जाँच कर रही हैं |