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बालू खदान पर लगे डंपर से ग्रामीण की कुचलकर मौत

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) थाना क्षेत्र के ग्राम मंझा की मड़ैया में बुधवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय ग्रामीण विजय सिंह की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय सिंह पुत्र काशी राम दुकान से सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बलीपट्टी की ओर से आ रहे तेज रफ्तार बालू लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पत्नी मीरा ने आरोप लगाया कि डंपर चालक हादसे के बाद वाहन समेत बालू खदान की ओर फरार हो गया। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक चालक फरार हो चुका था।
विजय सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी मीरा, छह वर्षीय बेटी नंदिनी समेत चार बेटे हैं। मृतक की मां वीणाव पत्नी मीरा का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया है कि विजय सिंह की शादी को करीब 14 वर्ष हो चुके थे।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से कुछ दूरी पर गंगा किनारे बालू खनन का ठेका संचालित है, जहां से भारी और ओवरलोड डंपर दिन-रात गुजरते हैं। इन डंपरों की तेज रफ्तार और लापरवाही से पहले भी कई बार हादसे होते-होते बचे हैं। बलीपट्टी गांव की संकरी गलियों से होकर गुजरने वाले ये भारी वाहन बच्चों और ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। कई बार विरोध के बावजूद डंपरों के आवागमन का रूट नहीं बदला गया।
घटना की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फरार डंपर चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा बालू खदानों की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर सख्त निगरानी और रूट परिवर्तन की मांग की है।

खेत में युवक का शव मिलने से सनसनी

फर्रुखाबाद:(नवाबगंज संवाददाता) थाना क्षेत्र के गांव मझना मार्ग स्थित बघार पुल के पास बुधवार सुबह करीब सात बजे एक खेत में युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने शव देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी।
मृतक की पहचान जनपद शाहजहांपुर के थाना जलालाबाद क्षेत्र के मोहल्ला नौसारा निवासी 29 वर्षीय राजीव पुत्र धर्मपाल के रूप में हुई है। वह पेपर बांटने का कार्य करते थे। शव की पहचान मृतक की जेब से मिले पर्स के आधार पर की गई। वहीं राजीव की बाइक मंझना पुल के नीचे पड़ी मिली।
सूचना मिलते ही एसआई रामसिंह, कांस्टेबल हर्षित चौहान, अनिल शर्मा और कमल गंगवार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज भिजवाया। परिजनों के अनुसार राजीव मंगलवार को नवाबगंज बाईपास स्थित अपने मित्र छोटे लाला के ढाबे के उद्घाटन समारोह में शामिल होने आए थे। रात करीब आठ बजे वह अपनी बाइक से घर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। इस पर परिजन चिंतित हो गए और रात लगभग 12 बजे कार से उनकी तलाश में निकले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
बुधवार सुबह शव मिलने की सूचना पर परिजन सीएचसी नवाबगंज पहुंचे। शव देखते ही पत्नी पंखी देवी और पुत्र आर्यन सहित अन्य परिजन दहाड़ें मारकर रोने लगे। मृतक अपने पीछे पत्नी पंखी देवी, पुत्री 18 वर्षीय गुनगुन तथा पुत्र 16 वर्षीय आर्यन, 13 वर्षीय सूर्यांश, 8 वर्षीय शिवांश व 5 वर्षीय तनिष को छोड़ गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में दुर्घटना अथवा अन्य कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अबैध संबंधो के शक में पत्नी की चाकुओ से गोद कर हत्या

फर्रुखाबाद:(जहानगंज संवाददाता)जहानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खलासपुर जरारी में पति ने अपनी पत्नी की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामले की गहन जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मृतक पत्नी की हत्या के बाद उसका सिर गोद में रखकर घर में बैठ गया|
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम सलासपुर जरारी निवासी 25 वर्षीय अनीता की उसके पति सच्चे लाल ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सच्चे लाल पत्नी के कथित अवैध संबंधों को लेकर नाराज था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान सच्चेलाल ने अनीता पर चाकू से कई प्रहार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मृतका के तीन पुत्र एक पुत्री हैं |

बंद मकान का ताला तोड़कर नकदी व जेवरात चोरी

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) कादरी गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला नर्कशा में चोरों ने बंद पड़े एक मकान को निशाना बनाते हुए नकदी समेत करीब दो लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला नरकसा निवासी महेंद्र सक्सेना जयपुर में रहकर नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी पूनम अपनी सात वर्षीय पुत्री खुशी के साथ 20 जनवरी को अपने पिता विजय सक्सेना की दुकान, मेला रामनगरिया चली गई थीं, जिससे मकान बंद पड़ा था।
21 जनवरी की सुबह पड़ोस में रहने वाली महेंद्र की भाभी मीना ने फोन कर पूनम को घर के ताले टूटे होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पूनम सुबह करीब 7:30 बजे घर पहुंचीं, जहां उन्होंने मुख्य कमरे का ताला टूटा पाया। अंदर जाकर देखने पर अलमारी और संदूक के ताले भी टूटे मिले तथा सामान बिखरा हुआ था।
पीड़िता के अनुसार चोर अलमारी से 7000 हजार की नकदी, एक सोने की अंगूठी, एक बेसर, सोने की कमर पेटी तथा पुत्री की चांदी की पायल चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि आसपास कुछ अराजक तत्व छतों के रास्ते अक्सर आवाजाही करते रहते हैं। वहीं घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर एक पीपल के पेड़ के नीचे अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। विरोध करने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
चोरी की सूचना पर कादरी गेट चौकी इंचार्ज के.के. कश्यप मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिन संदिग्ध लोगों की जानकारी मिली है, उनके घर जाकर पूछताछ की गई, लेकिन कोई नहीं मिला। मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

27 जनवरी को बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर 27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय स्तर पर एक दिवसीय बैंक हड़ताल की घोषणा की गई है। यह जानकारी बैंक कर्मी नेता केदार शाह ने दी।
उन्होंने बताया कि हड़ताल की मुख्य माँग बैंकों में पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करना है। इस हड़ताल में बैंक के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहेंगे। केदार शाह ने कहा कि यह हड़ताल सरकार की हठधर्मिता के कारण करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई वार्ता में पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन उससे संबंधित प्रस्ताव अब तक वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के पास लंबित हैं। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री से कई बार वार्ता की गई, लेकिन हर बैठक में केवल आश्वासन ही मिला, कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने बताया कि 24 से 26 जनवरी तक पहले से अवकाश रहेगा, इसके बाद 27 जनवरी को बैंक कर्मियों की हड़ताल होगी, जिससे बैंकिंग कार्य प्रभावित रहेगा और ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल के दिन जिले के सभी बैंक कर्मी आईटीआई चौराहा स्थित बैंक परिसर में एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे। इसके समर्थन में मंगलवार को बैंक कर्मियों ने बैज लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया।

आलू आढ़ती एसोसिएशन में पूर्व विधायक पुत्र के जवाब में सांसद पुत्र की भी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो ) सातनपुर आलू मंडी में इन दिनों आढ़तियों के बीच दो गुटों की स्थिति साफ तौर पर उभरकर सामने आ गई है। एक ओर पूर्व विधायक स्वर्गीय सुरेश यादव के पुत्र शैलेंद्र यादव को आलू आढ़ती एसोसिएशन का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है, तो वहीं दूसरी ओर वर्तमान अध्यक्ष के त्यागपत्र के बाद भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के पुत्र अर्पित राजपूत को सर्वसम्मति से अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद मंडी के आढ़तियों में स्पष्ट रूप से दो फाड़ दिखाई दे रहे हैं।
पूर्व विधायक सुरेश यादव के पुत्र शैलेंद्र यादव को एक बैठक में मौजूद आढ़तियों की सहमति से अध्यक्ष चुने जाने का दावा किया गया। वहीं इसके जवाब में मंगलवार को पुनः मंडी परिसर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें आढ़तियों ने भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के पुत्र अर्पित राजपूत को आलू आढ़ती एसोसिएशन का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया।
इस बैठक में राजीव चतुर्वेदी को उपाध्यक्ष, मोनी गुप्ता को महामंत्री तथा पूर्व अध्यक्ष अजय गंगवार उर्फ सन्नू को संरक्षक नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में परशोत्तम वर्मा, वृंदावन मिश्रा, परशुराम वर्मा, शंकरलाल गुप्ता, सुभाष कटियार, बेचेलाल वर्मा, भूपसिंह यादव, प्रमोद शाक्य, रामलड़ैते राजपूत, अरविन्द राजपूत, दीपू पाल, अरुण कुमार, मलिखान सिंह, नन्हे कटियार, हरिश्चंद्र राजपूत, गौरव गंगवार, देवकीनंदन वर्मा, उदयवीर सिंह व प्रदीप राजपूत सहित बड़ी संख्या में आढ़ती मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू कनौजिया ने की तथा संचालन रामलड़ैते राजपूत ने किया।
पूर्व में अध्यक्ष चुने गए शैलेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें सभी की सहमति से अध्यक्ष मनोनीत किया गया है और उनके पास 26 सदस्यों की कमेटी है, इसलिए वही वैध अध्यक्ष हैं।
वहीं मंगलवार को अध्यक्ष बने सांसद मुकेश राजपूत के पुत्र अर्पित राजपूत ने दावा किया कि उनका मनोनयन 200 से 300 आढ़तियों की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कहा कि उनका चुनाव मंडी समिति के कर्मचारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। पहले रिंकू वर्मा ने मौके पर पहुंचकर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद उन्हें अध्यक्ष चुना गया। अर्पित राजपूत ने यह भी कहा कि शैलेंद्र यादव की बैठक में रिंकू वर्मा ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया था।

मैं नीर भरी दु:ख की बदली, उमड़ी कल थी मिट आज चली..

फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) फर्रुखाबाद में 26 मार्च 1907 को महादेवी वर्मा का जन्म हुआ था। महादेवी के परिवार की भारतीय संस्कृति में गहरी आस्था थी, ऐसे में उनका भी झुकाव बचपन से ही साहित्य और कला की तरफ रहा था। आगे चलकर वह हिंदी साहित्य की प्रमुख कवियत्रियों में से एक थीं। जिनको छायावादी युग के चार स्तम्भों में गिना जाता है। महादेवी वर्मा का साहित्यिक योगदान बहुत महत्वपूर्ण है, इसी वजह से उनको ‘हिंदी साहित्य की मीरा’ भी कहा जाता है। वह सिर्फ कवियत्री ही नहीं बल्कि निबंधकार और समाजसेवी भी थीं। महादेवी का जीवन साहित्य के प्रति समर्पण, स्त्री स्वतंत्रता की आवाज और

देखें वीडियो समाजसेवी के रूप में काफी प्रेरणादायक रहा है जिसकी छाप उनकी रचनाओं में भी झलकती है। फर्रुखाबाद नगर के रेलवे रोड़ पर पल्ला स्थित महादेवी वर्मा का प्रतिमा की प्रतिष्ठा 11 सितंबर 1990 में बना है| जिसमे पहले से ही दुकानदार अतिक्रमण किये थे अब बिजली विभाग की करतूत ने प्रतिमा को पीछे धकेल दिया| जिससे जनपद के कवियों में भारी आक्रोश व्याप्त है| उनके प्रतिमा स्थल को देखकर उनकी कविता की लाइन याद आती है, मैं नीर भरी दु:ख की बदली, उमड़ी कल थी मिट आज चली……
महादेवी विद्या पीठ के समन्वयक राष्ट्रीय कवि शिव ओम अम्बर ने बताया की जब महादेवी की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित करने जाते हैं तो केबल आंसू निकलना ही रह जाता है, उन्हें लगता है शायद जिले के किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर पड़े और महादेवी जी की प्रतिमा स्थल का कायाकल्प हो सके| बिजली विभाग नें जो ट्रांसफार्मर लगा दिये जिससे उनके स्मारक का फाटक ठीक से नही खुलता| उन्होंने ट्रांसफार्मर को हटाये जानें की मांग की है|
कवि महेश पाल सिंह सोमवंशी ‘उपकारी’ नें बताया की यह बहुत गलत हुआ है| बिजली विभाग नें जिस तरह से ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं उन्हें जल्द हटाया नही गया तो कवि धरना प्रदर्शन पर बाध्य होंगे| महादेवी वर्मा के लिए कवि कुमार विश्वास भी जब जनपद के मेला रामनगरिया में आये थे तो उन्होंने भी महादेवी को लेकर चिंता व्यक्त की थी|
दीप संस्था के संस्थापक कवि निमिष टंडन नें बताया की उनका जिस मकान में जन्म हुआ वह तक तो उनका स्मारक नही बन पाया जो रेलवे रोड़ पर प्रतिमा लगायी गयी थी, उसके सामने भी बिजली विभाग नें ट्रांसफार्मर लगा दिये, जिसे ‘हिंदी साहित्य की मीरा’ महादेवी का अपमान तो है की कवियों और हिंदी के साधकों का भी अपमान हुआ है| बिजली विभाग इसको हटाये नही तो कवि कविता आगे की रणनीति पर विचार करेंगे|
अभिव्यंजना के समन्वयक भूपेन्द्र प्रताप सिंह नें कहा की कवित्री महादेवी वर्मा की प्रतिमा के सामने ट्रांसफार्मर लगा दिये उन्हें हटाया जाये, उन्होंने पूर्व में भी ट्रांसफार्मर हटाये जानें की मांग की थी, इसके साथ ही अब फिर सभी कवियों के साथ मिलकर योजना बनायी जायेगी|

देखें वीडियो

धूमधाम से निकाली गई एक भारत श्रेष्ठ भारत यात्रा, जगह-जगह पुष्प वर्षा

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शहर में धूमधाम से एक भारत श्रेष्ठ भारत यात्रा निकल गई यात्रा में भारतीय संस्कृति की छटा नजर आयी, यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया| शहर के पांडेश्वर नाथ शिवालय से शुरू हुई एक भारत श्रेष्ठ भारत यात्रा रेलवे रोड, चौक, नेहरू रोड, घुमना, लाल सराय, लाल दरवाजा, रोडवेज बस अड्डा होते हुए बद्री विशाल कॉलेज के निकट स्वराज कुटीर में समाप्त हुई| यात्रा में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और भारत के विभिन्न प्रांतो की वेशभूषा में लोग यात्रा में शामिल हुए, महिलाओं ने भी यात्रा में बड़ी संख्या में भाग लिया बच्चों का उत्साही देखने लायक था | यात्रा में कश्मीर हो या कन्याकुमारी असम हो या गुजरात पूर्व हो या पश्चिम उत्तर हो या दक्षिण सभी जगह के विविधता में एकता के दर्शन नजर आए

अयोध्या से आया फरुवाही नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा | यात्रा में विभिन्न स्कूलों के बच्चों नें भी भाग लिया | संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह, दिनेश मिश्रा, संजय गर्ग, व्यापारी नेता मनोज मिश्रा, विमलेश मिश्रा, विनोद अग्निहोत्री, क्रांति पाठक, मटर लाल, आदेश अवस्थी, आदित्य दीक्षित, नारायण दत्त द्विवेदी, सदानंद शुक्ला, अनुराग अग्रवाल, प्रभात मिश्रा आदि रहे |

भूमि विकास बैंक अध्यक्ष पद पर दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन तय

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बढ़पुर विकासखंड में सहकारिता के अंतर्गत भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कटियार ने अपना नामांकन पत्र जिला चुनाव अधिकारी सतीश कुमार को सौंपा। नामांकन की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक किसी अन्य प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया, जिससे दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बढ़पुर विकासखंड परिसर में एकत्र रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि पूर्व जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य दिनेश कटियार का निर्विरोध निर्वाचन तय है। इससे पूर्व भी वे भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी ने उनके अनुभव व कार्यक्षमता को देखते हुए पुनः प्रत्याशी बनाया। किसी अन्य नामांकन के न होने से यह कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का क्षण है।
फतेहचंद वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित दल है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश में सुशासन और विकास की सरकार चल रही है। पिछली सरकारों में सहकारिता विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था, लेकिन वर्तमान नेतृत्व में सहकारिता विभाग समृद्धि की ओर अग्रसर है।
नामांकन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. भूदेव सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह, आलू विपणन संघ के सभापति विमल कटियार सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। आलू विपणन संघ सभापति विमल कटियार, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, डॉ. भूदेव सिंह राजपूत, सत्यपाल सिंह, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक वीरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर, संकिसा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल राजपूत, जिला महामंत्री डीएस राठौर व हिमांशु गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अशनील दिवाकर, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी रहे|

एटा में घर में घुसकर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या

एटा ब्यूरो: जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नगला प्रेमी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या ने सभी को दहला दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि हत्यारे मृतकों से परिचित थे और उन्होंने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घर के आगे और पीछे लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद भी पुलिस को घर में प्रवेश करता हुआ कमल सिंह के अलावा कोई अन्य व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में पूरे मामले में शक की सुई अपनों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
नगला प्रेमी हत्याकांड में शक की सुई अपनों पर
सोमवार दोपहर नगला प्रेमी में गंगा सिंह शाक्य, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना और 19 वर्षीय पौत्री ज्योति की ईंटों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। चारों के शव घर के अलग-अलग दो कमरों में पड़े मिले। हैरानी की बात यह रही कि पड़ोसियों ने न तो किसी तरह की चीख-पुकार सुनी और न ही किसी संदिग्ध हलचल पर ध्यान गया। इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि हत्यारों ने चारों को एक साथ काबू में कर लिया था और उन्हें विरोध करने का मौका नहीं दिया गया।
परिचितों द्वारा वारदात की आशंका, चारों को एक साथ किया गया काबू
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले लोग घर के सदस्यों से करीबी संबंध रखते थे। यही वजह रही कि वे बिना किसी शोर-शराबे के घर के अंदर तक पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ले कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि मकान के पीछे के गेट के सामने लगे कैमरे में कोई भी व्यक्ति घर में प्रवेश करता हुआ नहीं दिखा। घर के पीछे पिछला दरवाजा अंदर से बंद था, और उस पर ताला लगा हुआ था। परिवार आमतौर पर उस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करता।
कैमरों की फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही दिखा
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे कैमरों की फुटेज में सिर्फ गंगा सिंह के पुत्र कमल सिंह ही घर में आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 12.55 बजे से 2.00 बजे के बीच की फुटेज में कमल सिंह की घर में ही मौजूदगी दर्ज है। इसके बाद किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री या एग्जिट नहीं दिखती। इसी बिंदु पर जांच आकर टिक गई है और पुलिस हर एंगल से फुटेज का विश्लेषण कर रही है।
दृश्य बेहद हृदय विदारक था
घटनास्थल का दृश्य बेहद हृदय विदारक था। ऊपर और नीचे के कमरों में खून चारों तरफ फैला हुआ था। सभी मृतकों के सिर पर ईंट से किए गए वार के निशान मिले हैं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें नहीं पाई गईं। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले सभी को काबू में लिया गया और फिर एक-एक कर सिर पर प्रहार किए गए।
चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई
पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। चार पड़ोसियों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। इनमें से एक महिला ने बताया कि उसने दोपहर करीब एक बजे रत्ना को छत पर कपड़े सुखाते हुए देखा था। यदि यह बयान सही है तो हत्याएं एक बजे से लेकर 2 बजे के बीच हुई होंगी। 2.15 बजे तो देवांश ही स्कूल से घर आ गया। उसके बाद ही इन हत्याओं की जानकारी लोगो को हुई। इसी समयावधि की फुटेज पुलिस की जांच का केंद्र बनी हुई है| पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या से पहले पीड़ितों को बेहोश तो नहीं किया गया था। यदि हत्यारा अकेला था तो चारों को एक साथ काबू में करने के लिए किसी तरह का नशीला पदार्थ या भोजन में कुछ मिलाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी हो रही जांच
परिवार से जुड़े सामाजिक और पारिवारिक पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि कमल सिंह की छोटी बेटी की शादी फरवरी में तय थी, और परिवार इसकी तैयारियों में लगा था। वहीं बड़ी बेटी लक्ष्मी की शादी अभी नहीं हुई थी। इन तथ्यों को भी पुलिस अपनी जांच में शामिल कर रही है।
करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था
गंगा सिंह के एक करीबी मित्र ने पुलिस को बताया कि गांव लोहाखार में उनकी करीब पांच बीघा जमीन है, जिस पर कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। करीब 20 दिन पहले गंगा सिंह ने इस बात का जिक्र अपने मित्र से किया था। मित्र ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी थी, लेकिन कमल सिंह ने यह कहकर मना कर दिया था कि इससे दुश्मनी बढ़ जाएगी। हालांकि पुलिस को इस एंगल में फिलहाल ज्यादा दम नजर नहीं आ रहा।
तो फिर कौन हैं हत्यारे
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हत्यारे कौन हैं। यदि हत्या किसी एक व्यक्ति ने की है, तो यह मानना पड़ेगा कि उसने पहले सभी को बेहोश किया या किसी तरह निष्क्रिय कर दिया। वहीं यदि हत्यारे एक से अधिक हैं, तो फिर चारों को एक साथ काबू में करना उनके लिए आसान रहा होगा।
ज्योति के गले में दुपट्टे से लगा था फंदा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि 12 वर्षीय ज्योति के गले में दुपट्टा बंधा हुआ मिला, जिसमें गांठ लगी थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसका गला घोंटा गया हो। ज्योति का शव ऊपर वाले कमरे में जमीन पर पड़ा मिला, जबकि उसकी मां रत्ना का शव बेड पर था। नीचे वाले कमरे में श्यामा देवी का शव जमीन पर पड़ा था, जबकि गंगा सिंह की हत्या उन्हें बेड पर ही की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
नीचे वाले कमरे में रखे थे चाय के तीन कप
घटनास्थल से एक और अहम सुराग सामने आया है। गंगा सिंह के कमरे में चाय के तीन कप रखे मिले, जबकि ऊपर वाले कमरे में एक भगोने में चाय की पत्ती पाई गई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले घर में चाय बनाई और पी गई थी। अब सवाल यह है कि चाय किसने बनाई और किसने पिलाई,और पीने वाले कौन-कौन रहे।
नोएडा में नौकरी करती थी ज्योति
बताया गया है कि ज्योति नोएडा में नौकरी करती थी और हाल ही में घर आई थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह अंतरजातीय विवाह कर रही थी। जिसको लेकर घर में मतभेद थे। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही है।
11 बजे सब्जी लेकर लौटी थीं रत्ना
पड़ोसियों के अनुसार, रत्ना सोमवार को करीब 11 बजे शिकोहाबाद रोड से सब्जी खरीदकर घर लौटी थीं। इसके बाद वह किसी से बातचीत किए बिना घर के अंदर चली गईं। इसके बाद दोपहर में किसी ने उन्हें बाहर आते-जाते नहीं देखा। शहर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या का यह मामला न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि आमजन को भी झकझोर देने वाला है। सीसीटीवी फुटेज में बेटे कमल सिंह के अलावा किसी और का न दिखना जांच को दिशा दे रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हत्याकांड की परतें खोलेगी।