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12 लाख के 54 किलो गांजे के साथ दो सगे भाईयों सहित तीन गिरफ्तार

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) थाना कम्पिल पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाईयों सहित 3 युवकों को 54 किलो नाजायज गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गांजा की कीमत करीब साढ़े 12 लाख रुपये बतायी जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में अंकित शुक्ला उर्फ शंशाक व आयुष पुत्र सूर्य प्रकाश दोनों निवासी नरकसा अंबेडकर नगर थाना कादरीगेट तथा ओमजी पुत्र नन्हें कठेरिया निवासी नारायणपुर थाना मऊदरवाजा शामिल हैं। तीनों को थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से पांच ट्रॉली बैग में भरा गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 54 किलो है।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना कम्पिल में एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पैसे कमाने के लिए गांजा की सप्लाई करते थे। मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने पुलिस लाइन सभागार में किया। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

चाइनीज़ मांझे के खिलाफ तीन दिवसीय जागरूकता अभियान का शुभारंभ

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) रेड क्रॉस सोसाइटी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में चाइनीज़ मांझे का प्रयोग न करने को लेकर तीन दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्घाटन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने किया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को चाइनीज़ मांझे से होने वाले गंभीर नुकसान की जानकारी दी गई और इसके उपयोग से दूर रहने की अपील की गई।
सेंट एंथोनी स्कूल कैंट, फतेहगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ अपर जिला जज संजय कुमार, रेड क्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन शीश मेहरोत्रा, मिथिलेश अग्रवाल अन्य अतिथियों ने छात्रों को चाइनीज़ मांझा न इस्तेमाल करने की शपथ दिलवाई। इसी क्रम में कानोड़िया, एनएकेपी इंटर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय सहित अन्य स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सीपी विद्या निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिला जज संजय कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने लगभग 4500 बच्चों को जागरूक करते हुए शपथ दिलाई। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 100 जरूरतमंदों को कंबल भी वितरित किए गए।

पुण्यतिथि पर छोटे लोहिया कों सपाईयों नें किया याद

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर गुरुवार को पार्टी के संस्थापक सदस्य व ‘छोटे लोहिया’ के नाम से विख्यात श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा व विचार गोष्ठी आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जनेश्वर मिश्र समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ और शोषित-वंचित वर्ग के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अखिलेश यादव को युवा नेतृत्व के रूप में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने उनके सिद्धांतों पर चलकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम प्रभारी मनोज मिश्रा ने कहा कि आज के समय में जनेश्वर मिश्र जैसे विचारशील योद्धा की आवश्यकता है। इस मौके पर वरिष्ठ ब्राह्मणों का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सत्यम अवस्थी, हरिओम सकसेना,मुकेश,अधिवक्ता अमित यादव गोल्डी, अभिषेक गुप्ता, वीना शर्मा, ओमकार शुक्ला, अधिवक्ता ऋषि अवस्थी, पूर्व सभासद कुलदीप भारद्वाज,खुशनुर,विमल गुप्ता,शुभम शुक्ला आदि लोग रहे| सपा महानगर कमेटी नें भी मनाया छोटे लोहिया की पुण्य तिथि फर्रुखाबाद:(जेएनआई नगर संवाददाता)समाजवादी पार्टी महानगर फर्रुखाबाद द्वारा प्रख्यात समाजवादी चिंतक व ‘छोटे लोहिया’ के नाम से विख्यात जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा के बजरीया स्थित आवास पर मनाई गई। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष ने की, जबकि संचालन रजत क्रांतिकारी ने किया।
महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा ने कहा कि जनेश्वर मिश्र के पदचिन्हों पर चलकर ही समाजवादी आंदोलन को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की समाजवादी सरकार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष खुर्शीद खान, कोषाध्यक्ष अमन भारद्वाज आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंडी में 461 रुपये कुंतल रही आलू की कीमत

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बुधवार 22 जनवरी को आलू मंडी में आलू की बिक्री 331 रुपये से 461 रुपये प्रति कुंतल के भाव पर हुई। मंडी में आज कुल लगभग 130 मोटर आलू की आवक दर्ज की गई, जिसमें अधिकांश सौदे इन्हीं दामों पर तय हुए।
कारोबार शुरू होने से पूर्व मंडी के वरिष्ठ आढ़ती राजेश्वर गुप्ता के आकस्मिक निधन पर मंडी परिसर में शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत आलू का कारोबार बोली के माध्यम से प्रारंभ किया गया। बोली प्रक्रिया के दौरान मंडी सचिव के साथ व अध्यक्ष आढ़ती एसोसिएशन अर्पित राजपूत, पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा, रिंकू, राजीव चतुर्वेदी, रामलड़ैते राजपूत रहे |

बसंत पंचमी पर पूरे शहर में होगी पतंगों की धूम, खरीदारी को उमड़ी भीड़

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म बसंत पंचमी को हुआ था। बसंत पंचमी के उपलक्ष में बाजारों में देखने को मिली। रौनक पतंगों की दुकानों पर बच्चों से लेकर बड़ों तक की लगी थी भीड़, बसंत को लेकर बच्चे दिख रहे थे उत्साहित, वे जमकर पतंग व मांझे की खरीदारी कर रहे थे। 23 जनवरी को शहर के हर घर की छत्त पर डीजे पर पंजाबी और हरियाणवीं गानों पर पतंगों के पेंचे लगेगे। वहीं, लजीज व्यजनों के बीच ये गई वो कटी की सुनाई देगी अवाजे। बसंत उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही है। इसकों लेकर सदर बाजार की हर दुकान पर पतंग बिक रही है। पतंग और डोर खरीदने के लिए युवकों को भारी भीड़ देख जा रही है।
शहर में बसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परंपरा वर्षों पुरानी चली आ रही है। बच्चे और युवा छतों पर चढ़ गए और धुंधलके में ही पतंग उड़ाना शुरू कर देते हैं। युवतियों को भी खूब पतंगें उड़ाते बसंत पंचमी को देखा जायेगा। शहर के मोहल्ला सुतहट्टी, सिल्वर साइन गली, पक्कापुल व बजरिया, फर्रुखाबाद कोतवाली के निकट स्थित पतंगबाजों की दुकानों पर पतंग और मांझा खरीदने के लिए भीड़ दिख रही है। बसंत पंचमी के पर्व पर पतंगबाजी के साथ ही लोगों ने भुने आलू का भी जमकर लुत्फ उठाते हैं। वसंत पंचमी पर्व पर कई जगह भंडारे का आयोजन भी किया जाता है| दिन के समय आसमान में हजारों की तादाद में तरह-तरह की रंग-बिरंगी पतंगे की उड़ती नजर आती है। बसंत के दिन लोग द्वारा अपने घरों की छतों पर डीजे लगाकर गानों पर झूमते नजर आते हैं व पतंगबाजी का लुफ्त लेते हैं व चारों तरफ आई बो आई बो की आवाजें माइक में गूंजती है।

बंसत पंचमी: जाने पूजन का शुभ मुहूर्त, बाजार गुलजार

फर्रुखाबाद:(जेएनआई डेस्क) विद्या, ज्ञान और बसंत ऋतु के आगमन का पर्व बसंत पंचमी इस वर्ष पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। आचार्य के अनुसार बसंत पंचमी के दिन पूजा, हवन और शुभ कार्यों के लिए विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा। कल सुबह 7.20 बजे से लेकर दोपहर 1.45 बजे तक का समय अत्यंत शुभ माना गया है। इस दौरान मां सरस्वती की पूजा, विद्यारंभ, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
बसंत पंचमी को लेकर शहर से लेकर गांव तक माहौल रंगीन हो गया है। बाजारों में पीले रंग की वस्तुओं की खास मांग देखने को मिल रही है। पीले वस्त्र, पूजा सामग्री, फूल-मालाएं, अबीर-गुलाल और सजावटी सामानों से दुकानें सजी हुई हैं। खासकर बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बसंत पंचमी के मौके पर पतंग उड़ाने की तैयारी में जुटे हैं। पूजा सामग्री की दुकानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं, वीणा, किताबें और कलश की बिक्री तेज है। दुकानदारों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी बसंत पंचमी पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है। पीले फूल, केसरिया चुनरी और पीले रंग के प्रसाद की मांग अधिक है, क्योंकि इस दिन पीले रंग को विशेष शुभ माना जाता है। शिक्षण संस्थानों में भी बसंत पंचमी को लेकर विशेष तैयारी की गई है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। छोटे बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार भी इसी दिन कराया जाएगा। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सरस्वती वंदना का आयोजन किया जा रहा है। आचार्य डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ल के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन शिक्षा, कला, संगीत और ज्ञान से जुड़े कार्यों की शुरुआत शुभ फल देती है। यही कारण है कि लोग इस दिन किताब, कलम और वाद्य यंत्र की पूजा करते हैं। बसंत पंचमी के साथ ही मौसम में भी बदलाव साफ नजर आने लगता है। ठंड धीरे-धीरे विदा लेने लगती है और चारों ओर बसंत की छटा बिखर जाती है। सरसों के पीले फूल, आम के बौर और रंग-बिरंगी पतंगें इस पर्व की सुंदरता को और बढ़ा देती हैं। कुल मिलाकर, बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और नई उम्मीदों के साथ मनाने को लेकर लोग उत्साहित नजर आ रहे हैं।
बसंत पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी के मुख से इसी दिन देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। उनके प्रकट होते ही संसार से अज्ञानता का अंधकार दूर हुआ था। इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किसी भी शुभ काम जैसे – विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है।
सरस्वती पूजा विधि
अंत में मां सरस्वती की आरती कर प्रसाद बांटें।
मां सरस्वती को पीला रंग बेहद प्रिय है।
इस दिन पीले वस्त्र धारण करें और पूजा में पीली चीजें शामिल करें।
पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित करें।
वेदी के दाईं ओर जल से भरा कलश स्थापित करें।
बच्चे अपनी किताबें, पेन और अन्य कार्यक्षेत्र की चीजें मां के चरणों में रखें और उनका भी पूजन करें।
मां सरस्वती को पीले चावल, बूंदी के लड्डू व केसरिया हलवे का भोग लगाएं।
पूजा के दौरान “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।

मेला श्री राम नगरिया में वैष्णव अखाड़े के तीन संतों को महंती प्रदान

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)गंगा तट पर आयोजित मेला श्री राम नगरिया में वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े में बुधवार को एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान तीन संतों को महंती की पदवी प्रदान की गई। लगभग सात वर्षों तक ब्रह्मचारी जीवन का पालन करते हुए निरंतर साधना, आराधना एवं अखाड़े के नियमों का पालन करने के उपरांत संतों को यह सम्मान प्रदान किया गया।
अखिल भारतीय श्री पंच तेरा भाई त्यागी वैष्णव संप्रदाय अखाड़े में आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां सुबह से ही चल रही थीं। इस अवसर पर करीब एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम अखाड़ा अध्यक्ष महंत मोहनदास महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संत सूरज दास, संत भोला दास एवं संत उपेंद्र दास को तिलक कर, माला पहनाकर महंत की पदवी प्रदान की गई। इस दौरान अखाड़े से जुड़े अनेक वरिष्ठ साधु-संत भी उपस्थित रहे। लगभग एक घंटे तक पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान चला, जिसके पश्चात तीनों संतों को औपचारिक रूप से महंती सौंपी गई।
अखाड़ा अध्यक्ष महंत मोहनदास महाराज ने बताया कि जो भी साधु-संत पांच से सात वर्षों तक निस्वार्थ भाव से प्रभु की आराधना करता है, ब्रह्मचर्य का पालन करता है और अखाड़े के सभी नियमों का अनुसरण करता है, उसे समिति द्वारा महंत की पदवी देने पर विचार किया जाता है। उन्होंने नव नियुक्त महंतों को संदेश दिया कि वे जनसामान्य की सेवा, गुरु परंपरा का सम्मान, धर्म का संरक्षण व प्रचार करें तथा प्राप्त होने वाले धन को भी समाज सेवा में समर्पित करें। कार्यक्रम के दौरान मेला परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 10 फरवरी कों खिलाई जायेगी, एल्बेंडाजोल टैबलेट

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन को लेकर जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि आगामी 10 फरवरी को जनपद में 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को एल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 05 फरवरी तक सभी केंद्रों पर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों, एएनएम तथा बीआरसी के माध्यम से सभी विद्यालयों में नोडल अधिकारी नामित कर दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही कार्यक्रम से संबंधित सभी कार्यों की रिपोर्टिंग पोर्टल पर समयबद्ध रूप से किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह रहे |

बीजेपी करती विकास, विपक्ष करता है भ्रामक प्रचार : रजनी तिवारी

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के पांचाल घाट स्थित रामनगरीया मेले में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचीं योगी सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास की राजनीति करती है, जबकि विपक्ष केवल भ्रामक प्रचार के सहारे जनता को गुमराह करने का प्रयास करता है।
मणिकर्णिका घाट, वाराणसी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि उनकी सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्य करा रही है, लेकिन विपक्ष विकास कार्यों की सराहना करने के बजाय अनर्गल बयानबाजी कर भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर उन्होंने कहा कि वह स्वयं सनातन परंपरा को मानने वाली हैं। सनातन अजर-अमर है और संत समाज का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कई बार कानून को अपना कार्य करना पड़ता है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने ऋषि दुर्वासा आश्रम पहुंचकर महंत ईश्वर दास महाराज से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

बालू खदान पर लगे डंपर से ग्रामीण की कुचलकर मौत

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) थाना क्षेत्र के ग्राम मंझा की मड़ैया में बुधवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय ग्रामीण विजय सिंह की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय सिंह पुत्र काशी राम दुकान से सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बलीपट्टी की ओर से आ रहे तेज रफ्तार बालू लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पत्नी मीरा ने आरोप लगाया कि डंपर चालक हादसे के बाद वाहन समेत बालू खदान की ओर फरार हो गया। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक चालक फरार हो चुका था।
विजय सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी मीरा, छह वर्षीय बेटी नंदिनी समेत चार बेटे हैं। मृतक की मां वीणाव पत्नी मीरा का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया है कि विजय सिंह की शादी को करीब 14 वर्ष हो चुके थे।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से कुछ दूरी पर गंगा किनारे बालू खनन का ठेका संचालित है, जहां से भारी और ओवरलोड डंपर दिन-रात गुजरते हैं। इन डंपरों की तेज रफ्तार और लापरवाही से पहले भी कई बार हादसे होते-होते बचे हैं। बलीपट्टी गांव की संकरी गलियों से होकर गुजरने वाले ये भारी वाहन बच्चों और ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। कई बार विरोध के बावजूद डंपरों के आवागमन का रूट नहीं बदला गया।
घटना की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फरार डंपर चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा बालू खदानों की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर सख्त निगरानी और रूट परिवर्तन की मांग की है।