फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता)नगर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने हैवतपुर गढ़िया स्थित काशीराम कॉलोनी में पहुंचकर आवासीय अभिलेखों की गहन पड़ताल की। पुलिस की इस कार्रवाई से कॉलोनी में हड़कंप मच गया।
थाना मऊदरवाजा, कादरी गेट और शहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 1 से लेकर 17 तक के मकानों के दस्तावेजों की जांच की। काशीराम कॉलोनी में एक व्लॉक में 16 परिवार हैं, जिनमें लगभग 1296 आवास बने हुए हैं। कॉलोनी में करीब 7000 मतदाता निवास करते हैं। उल्लेखनीय है कि बसपा सरकार के दौरान वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा काशीराम कॉलोनी का निर्माण कराया गया था और वर्ष 2010 में आवासों का आवंटन किया गया। जानकारों का कहना है कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में आवास या तो किराये पर दे दिए गए हैं या फिर अवैध रूप से बेच दिए गए हैं। आरोप है कि कई रसूखदार लोगों ने एक से अधिक आवास आवंटित करवा कर उन्हें किराये पर चला रखा है। यहां तक कि जिन लोगों के पास पहले से मकान, जमीन और अन्य संपत्तियां हैं, वे भी कॉलोनी के आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की जांच की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से निवास करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




यातायात प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में यदि एयरबैग नहीं खुलता है तो बीमा क्लेम मिलने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने तथा नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिफारिश करने की बजाय यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। व्यापारियों ने सेंट्रल जेल चौराहे पर दुकानों के सड़क के बिल्कुल
पिछली फसल में जबरदस्त उत्पादन हुआ और आलू कोल्ड स्टोरों में भर दिया गया। इस बार मानसून लंबा चला, नई फसल की बोआई देर से हुई। अक्टूबर–नवंबर में स्टोरों से निकासी शुरू हुई तो उम्मीद थी कि दिवाली और सहालग में मांग बढ़ेगी, लेकिन लगन का सीजन छोटा रहा। उधर नई फसल में भी बंपर पैदावार ने बाजार को और दबा दिया। जमीन पर गिरे दाम
फर्रुखाबाद के कोल्ड स्टोर संचालक विजय यादव नें बताया, लगभग 20 हजार पैकेट आलू उनके कोल्ड में भरा है, लिहाजा आलू के दाम कम होने से किसान आलू निकालने नहीं आ रहा,हर साल दिसंबर तक कोल्ड स्टोर खाली हो जाते थे, मगर इस बार स्टोर भरे पड़े हैं। जिले में 125 से अधिक शीतगृह हैं, जिनमे आलू फंसा है, 200–250 रुपये क्विंटल पर तो कोल्ड स्टोर का भाड़ा भी नहीं निकल रहा। सर्दियों में हरी सब्जियों की आवक बढ़ने से आलू की मांग और घट गई है। आलू जिले से बाहर ना जाने से भीं यह हालात पैदा किये है| बीज से महंगी ढुलाई
सिरोली निवासी कोल्ड मालिक जितेंद्र यादव नें बताया की दिसंबर–जनवरी में दाम सुधरने की उम्मीद कम है।1997 के बाद 2025 सबसे खराब साल है, कोल्ड स्टोर में आलू का भंडारण अभी है, आलू की एक बोरा ढुलाई व मजदूरी 50–60 रुपये प्रति बोरी पड़ रही है। आसपास की मंडियों एटा और आगरा में भी हालात ऐसे ही हैं। पहले नेपाल आलू की सप्लाई थी वह भीं बंद है| अच्छे दाम की आस में किसान फंस गए। कोल्ड स्टोर मालिक मोहन अग्रवाल नें बताया की जिले में अब ज्यादा आलू कोल्ड स्टोर में नहीं है, फर्रुखाबाद में दो करोड़ पैकेट आलू का भंडारण होता है, जिसमे अब कोल्ड स्टोरों में एक दो प्रतिशत आलू ही अटका है। आलू मंडी में 301 से 401 रुपए प्रति पैकेट आलू आढ़ती अरविन्द वर्मा नें बताया की सातनपुर मंडी फर्रुखाबाद में आलू 301 से 401 रुपए प्रति पैकेट बिक्री हुआ, आवक लगभग 50 मोटर रही , कोल्ड स्टोरेज में पुराना आलू फेंकने की नौबत जो 200 से 400 रुपए कुंटल में बिका , उसके भी खरीददार नहीं मिल रहे । जिला आलू विकास अधिकारी राघवेन्द्र सिंह नें जेएनआई कों बताया की अधिकतर कोल्ड खाली हो गये हैं| केबल आलू की खस्ता हालत की अफवाह है| जिले में आलू भाव कम होने के पीछे नेपाल में राजनीति की स्थिरता है | जिस कारण फर्रुखाबाद का आलू नेपाल नहीं जा पाया, इसके आलावा पंजाब, बिहार व पश्चिम बंगाल भीं जाता था, लेकिन वहाँ भीं आलू का उत्पादन होने से फर्रुखाबाद के किसान का आलू नहीं जपाया जो आलू की कम कीमत का एक कारण हैं | इस साल आलू का अधिक उत्पादन होने की उम्मीद है |
शाहजहांपुर की ओर मुड़ा, तभी पीछे से आ रहे ट्रक के चालक मोहम्मद खान पुत्र नियामद खान, निवासी मोहल्ला नया बांस, कस्बा व थाना बैर, जिला भरतपुर (राजस्थान) ने कोहरे के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहीं देखा और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के चलते गन्ना लदी ट्रॉली पलट गई, जिससे ट्रैक्टर पर बैठे नीरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो
ग्राम कोरीखेड़ा निवासी चन्द्रप्रकाश गुप्ता ने थाना जहानगंज में दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र आशुतोष बुधवार शाम करीब 5:30 बजे घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक कोई सूचना नहीं मिली तो परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खेतों, रास्तों, नजदीकी गांवों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, परंतु बालक का कहीं पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गुमशुदगी दर्ज कर ली और तलाश तेज कर दी। बालक की खोज के लिए पड़ोसी जिले कन्नौज से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड ने खेतों और रास्तों सहित कई स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस टीम कोरीखेड़ा चौराहे पर अवनीश पाल की दुकान सहित अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वहीं जहानगंज चौराहे पर कांस्टेबल निरंकार और अनुज द्वारा भी कैमरे चेक किए गए। थाना प्रभारी राजेश राय ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक रामबाबू को सौंपी गई है। तीसरे दिन भी बालक का पता न चलने पर पूछताछ के लिए चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आशुतोष की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को भी बालक के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल थाना जहानगंज पुलिस को सूचित करें।