BSP के एक और नेता पर मर्डर केस

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लखनऊ। सरकार भले ही प्रदेश में अपराध कम होने के दावे कर रही हो परन्तु हकीकत कुछ और ही है। महोबा में खुले आम भाई बहन की जिला चिकित्सालय में हत्या कर दी जाती है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। नगर कोतवाली इलाके में हुई घटना के बाद आक्रोषित लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्षन किया। सड़क पर उतरे लोगों के गुस्से व हंगामें को देखने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने पुलिस उपनिरीक्षक को निलम्बित कर मामले की जांच व आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए।

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प्रदेश में महोबा नगर कोतवाली क्षेत्र में इलाज करा रहे नैकाना पुरा निवासी हरीराम अरिवार के पुत्र नीरज व पुत्री सरोज की कुछ लोगों ने जिला अस्पताल में घुसकर गोली मार दी। हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका जबकि पीड़ित परिवार के लोग इस हत्याकाण्ड में एक क्षेत्रीय बसपा नेता का नाम ले रहे थे लेकिन पुलिस बसपा का नाम आने के बाद चुप्पी साधे बैठी थी। पुलिस की इस संवेदनहीनता पर नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

गुस्सायी भीड़ ने जमकर बवाल काटा पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र प्रताप सिंह के अनुसार हत्याकाण्ड की जांच की जा रही है। उधर घटना के बाद लोगों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया तथा शवों को लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने आरोप लगाया कि हत्या में शामिल बहुजन समाज पार्टी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।

बसपा नेता की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों ने कई घंटे रोड जामकर प्रदर्शन किया। मामले की जानकार पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंची तो प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही मानते हुए भाटी चौकी प्रभारी के.पी. सिंह को निलंबित कर दिया गया और मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक आर.के.पाण्डेय को सौंप दी गयी है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्‍वासन दिया कि हत्यारों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इसके बाद मामला शांत हुआ। क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

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