फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत के बाद फर्रुखाबाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार के नेतृत्व में शहर क्षेत्र में संचालित कोचिंग सेंटरों, होटलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया।
जांच अभियान के दौरान कई बड़े संस्थान ऐसे पाए गए, जिनके पास भवन का स्वीकृत नक्शा अथवा अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने और निर्धारित मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के साथ-साथ नगर पालिका टीम ने फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ क्षेत्र की ठंडी सड़क सहित विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलाया। सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने का प्रयास किया गया। ठंडी सड़क पर कई मॉल व बढ़पुर में एक नामी होटल भी बिना मानक के चलता मिला|
नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि जिन संस्थानों के पास स्वीकृत नक्शा या फायर एनओसी नहीं है, उन्हें तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मानकों का पालन होने तक ऐसे संस्थानों को बंद रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों व आवश्यक अनुमतियों के बिना संचालित होता पाया गया तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाही की जाएगी। प्रशासन द्वारा यह अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा ताकि जनसुरक्षा से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।


