स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों ने दिया धरना, कार्य बहिष्कार कर किया प्रदर्शन

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले भर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने गुरुवार को धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने “नो पे, नो वर्क” के नारे के साथ कार्य बहिष्कार भी शुरू कर दिया।
संविदा कर्मचारी पिछले कई दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे थे। गुरुवार को आयोजित धरने में कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित मानदेय भुगतान की मांग उठाई। संघ के जिलाध्यक्ष व बीजेपी के जिला मंत्री अभिषेक वाजपेयी ने बताया कि मार्च और अप्रैल माह का मानदेय अब तक कर्मचारियों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सितंबर माह से ही वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे संविदा कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों को परिवार चलाने और दैनिक जरूरतें पूरी करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर 18 से 20 मई तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराया। इसके बाद गुरुवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता डॉ. जमीरउद्दीन ने की। डॉ. रुपेश सक्सेना, डॉ. रजा अहमद, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. मंजू वर्मा, नरेंद्र मिश्रा, साबिर हुसैन समेत बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।