सेन्ट्रल बैंक में शार्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का सामान जला

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central bankफर्रुखाबाद: नेहरू रोड स्थित सेन्ट्रल बैंक की शाखा में अचानक गुरुवार प्रातः आग लगने से हड़कंप मच गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक बैंक में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया।

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नेहरू रोड स्थित सेन्ट्रल बैंक की शाखा में तकरीबन आठ बजे शार्ट सर्किट से आग लग गयी। जिसकी जानकारी बैंक के बाहर चाय विक्रेता राजू गुप्ता को हुई। राजू ने धुआं निकलते देख मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद बैंक कर्मचारियों को सूचना दी गयी। तकरीबन साढ़े 9 बजे बैंक कर्मचारी पहुंचे और बैंक का ताला खोला तो पूरी बैंक में धुआं ही धुआं भरा था। [bannergarden id=”8″] 9 बजकर 55 मिनट पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जैसे तैसे आग बुझाई। बैंक प्रबंधक कामता प्रकाश के छुट्टी पर होने की बजह से कार्यवाहक बैंक computerप्रबंधक बी के कटियार ने बताया कि सर्वर से शार्ट सर्किट होने पर आग लगी। जिससे बैंक में रखे पांच कम्प्यूटर के अलावा तीन लाख रुपये से अधिक कीमत का सर्वर जलकर राख हो गया। इसके अलावा बैंक में रखे अभिलेख भी पूरी तरह जल गये। कुल मिलाकर आकलन के हिसाब से 10 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है। बैंक कर्मियों के अनुसार कैश में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

कार्यवाहक प्रबंधक ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गयी है। सूचना पर बैंक के आर एम एम एस विष्ट के अलावा बैंक प्रबंधक कामता प्रकाश भी बैंक में पहुंचे। मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को हुई तो कोतवाली प्रभारी रूम सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड के सिपाही अबधेश कुमार, फायरमैन सुरेन्द्र सिंह, विनोद यादव, रामचन्द्र, शिवकुमार आदि ने पहुंचकर आग बुझाई।

बैंक में फायर अलार्म की कोई व्यवस्था नहीं
बैंक कर्मचारियों की लापरवाही का इससे जीता जागता उदाहरण और क्या होगा कि करोड़ों अरबों रुपये का व्यापार करने वाली बैंक सुरक्षा के नाम पर कितनी लापरवाह है यह आग लगने से सामने आया है। पूरे बैंक में तकरीबन आधा दर्जन आग बुझाने के सिलेण्डर मौजूद हैं लेकिन उनकी जांच कई महीनों से नहीं हुई। फायर सुरक्षा के नाम पर बैंक में कोई अलार्म नहीं है। अगर फायर अलार्म होता तो इतना बड़ा हादसा बच सकता था। बैंक कर्मचारियों के अनुसार उनके पास फायर अलार्म तो नहीं लेकिन आग लगने के बाद दूसरों को जानकारी देने के लिए एक अन्य व्यवस्था है। जिससे सायरन बजता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस तरह की घटना बैंक में घटित हुई, इसमें फायर अलार्म होना बहुत ही ज्यादा आवश्यक था। बैंक इतनी पतली गली में स्थित है कि वहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती।

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