संस्कार भारती दे रही भारतीय लोक वाद्य ढोलक वादन का प्रशिक्षण

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) भारतीय लोक वाद्य ‘ढोलक’ के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कार भारती और संगीत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में ‘ढोलक-नाद प्रवाह’ प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज, लोहई रोड में किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून तक संचालित होगा। शिविर में कला साधक किरन त्रिवेदी प्रतिभागियों को ढोलक वादन का प्रशिक्षण दे रही हैं। आयोजकों ने बताया कि ढोलक भारतीय लोक जीवन का अभिन्न अंग रही है। जन्मोत्सव, विवाह समारोह, धार्मिक आयोजनों और मंगल गीतों में ढोलक की विशेष भूमिका होती है तथा इसकी पूजा-अर्चना कर वादन किया जाता है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ यह परंपरा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। ऐसे में प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से युवाओं को अपनी लोक संस्कृति और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने कहा कि यह योजना युवा पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे युवा वर्ग ढोलक वादन सीखकर भारतीय लोक परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान देगा। शिविर के संचालन में संयोजक अनुराग अग्रवाल, प्रांतीय महामंत्री सुरेंद्र पांडे, सचिव गौरव मिश्रा ‘बंटी’, अरविंद दीक्षित, दीपक रंजन सक्सेना, नरेंद्र नाथ मिश्र, रविंद्र भदौरिया, कुलभूषण श्रीवास्तव और आदेश अवस्थी सहित अन्य पदाधिकारियों का सहयोग मिल रहा है।