संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां समय से पूरी करें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीएम

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित बाढ़ प्रबंधन समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत, पंचायती राज तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने विभागवार तैयारियों की जानकारी दी। डीएम ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उनकी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, लाइफ जैकेट, नाव, तटबंध सुरक्षा सामग्री और अन्य उपकरणों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संसाधनों के नियमित सत्यापन और रखरखाव पर भी जोर दिया ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके। डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त संख्या में सर्च लाइट, नाव और तकनीकी उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। उन्होंने जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों की स्थापना और उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। साथ ही जरूरत पड़ने पर अस्थायी बाढ़ शरणालयों को तत्काल सक्रिय करने तथा वहां भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 30 जून तक बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन पूरा कर लिया जाए। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं तथा प्रशासनिक सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं और सुझावों को भी संकलित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस सेवाओं और चिकित्सकीय टीमों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जलजनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने पर भी जोर दिया गया। लोक निर्माण विभाग को संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन की तैयारी पहले से करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित न हों। बैठक में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करें तथा बाढ़ जैसी संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

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