राजीव चावला हत्याकांड: दवा व्यापारी को उम्रकैद

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sanjiv chavla 1फर्रुखाबाद:बीते 20 जनवरी 2012 को फर्नीचर व्यवसायी राजीव चावला हत्याकांड में सोमवार को अपर जिला सत्र एवं विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट शिवसिंह यादव ने मोहल्ला लालगेट निवासी दवा व्यवसायी केदारनाथ गुप्ता को उम्रकैद व 41 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि उनके भाई सोमनाथ गुप्ता, अमरनाथ गुप्ता को तीन वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। –

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क्या थी घटना
मन्नीगंज निवासी राजीव चावला ने 19 जनवरी 2012 को शहर कोतवाली में दर्ज कराई गुमशुदगी में कहा था कि उनका भाई संजीव चावला 18 जनवरी से घर वापस नहीं आया है। उन्होंने 20 जनवरी की सुबह संजीव के दोस्त लालगेट निवासी केदारनाथ गुप्ता व उनके भाई अमरनाथ गुप्ता व डा.सोमनाथ गुप्ता के मकान की छत पर कुछ जलते हुए देखा।
कर्ज में डूबे व्यापारी केदार नाथ गुप्ता पुत्र डा. राम प्रकाश गुप्ता ने अपने ही मित्र का अपहरण कर हत्या कर दी । केदारनाथ गुप्ता की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को भी अब पुलिस केदार की ही करतूत मानकर जांच में जुट गयीथी । फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी केदारनाथ व उसके दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें दो भाइयों को जेल भेज दिया व केदारनाथ बाद में अदालत में हाजिर हो गया था।गायब हुए फर्नीचर व्यापारी संजीव चावला के गायब होने के पीछे परिजनों ने अपहरण की आशंका जतायी थी। पुलिस सूचना के बाद संजीव चावला को ढूंढने में जुट गयी थी।

20 जनवरी 2012 को लालगेट स्थित केदारनाथ मेडिकल स्टोर की छत के ऊपर धुआं निकलने की आशंका होते ही परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। केदार की छत पर कैमिकल से जली हुई लाश पुलिस ने बरामद की। शव इतना जला हुआ था कि उसको किसी भी तरह से पहचानना मुश्किल हो रहा था। जिस पर दोनो पक्षों के लोग एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप जड़ रहे थे। लेकिन पुलिस की कार्यवाही के बाद संजीव चावला के परिजनों ने केदारनाथ व उसके दो भाई सोमनाथ व अमरनाथ के विरुद्व मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी। पुलिस ने धारा 342, 386, 302 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लियाथा ।

सूत्रों ने तो यह भी बताया था की केदार व संजीव में अच्छी मित्रता थी। जिसको लेकर संजीव अक्सर मेडिकल पर आता जाता रहता था। केदारनाथ के परिवार में केदार के अलावा एक 14 वर्षीय पुत्र आयुष व एक पुत्री है। केदार की पत्नी की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी है।

केदार के ऊपर काफी कर्जा था। जिसको लेकर केदार काफी परेशान व कर्जा उतारने की फिराक में रहता था। बीते दिनो संजीव चावला ने खानपुर में कुछ जमीन बेची थी। जिसकी कीमत तकरीबन 30 लाख बतायी जा रही है। जिसकी जानकारी भली प्रकार केदारनाथ को भी थी। सूत्रों के अनुसार संजीव का अपहरण कर रुपया हड़पकर कर्जा उतारने की साजिश केदारनाथ ने गड़ डाली। जिसको अंजाम देने के लिए केदारनाथ ने संजीव का अपहरण किया और अपहरण करने के बाद केदार की पत्नी के पास फोन किया कि उसके पति का अपहरण हो गया है। बाकी जानकारी एसएमएस द्वारा दे दी जायेगी। थोड़ी देर बाद मोबाइल पर एसएमएस भी आया जिसमें 25 लाख रुपये देने की बात कही गयी थी।

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