शिक्षक ने दो मासूम बेटियों को जहर देकर खुद लगायी फांसी, मिला सुसाइड नोट

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बीती रात को पत्नी के वियोग में शिक्षक ने अपनी दो मासूम बेटियों को जहर देकर खुद को फांसी लगाकर मौत की नींद सुला लिया सुबह जब परिजनों की नींद खुली उनके सामने तीन लाशें पड़ी थी। परिजनों में चीत्कार मच गयी। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है| जिसमे पत्नी की मौत के गम में घटना को अंजाम देनें की बाद मृतक शिक्षक ने की|
35 वर्षीय धर्मेन्द्र उर्फ सुनील अपने मामा रामनाथ निवासी मोहल्ला बहादुरगंज थाना मऊदरवाजा के पीछे रह था| धर्मेन्द्र की शादी मोहनलाल गंज लखनऊ निवासी प्रीती के साथ हुई थी| बीते लगभग दो माह पूर्व प्रीती अपने मायके गयी थी| 25 जून को धर्मेन्द्र अपनी ससुराल गया| उसी दौरान प्रीती रसोई में चाय बनाने गयी और उसकी करंट लगनें से मौत हो गयी थी| पत्नी के गम में धर्मेन्द्र काफी आहत रहता था| बीती रात धर्मेन्द्र नें अपनी 11 वर्षीय पुत्री द्रष्टि व 7 वर्षीय सुमन के साथ घर के बाहर बैठक में सोया था| उसने रात में अपनी दोनों पुत्रियों की जगह देकर हत्या कर दी| उसके बाद खुद को कमरें के कुंडे में फांसी पर गमछा से फंदा लगाकर फांसी पर लटक कर आत्महत्या कर ली| दरअसल धर्मेन्द्र के निजी विद्यालय में शिक्षक का कार्य करनें के साथ ही घर पर ट्यूशन भी पढाता था| शुक्रवार को सुबह उसके घर पर जब ट्यूशन पढनें वाले बच्चे पंहुचे तो उन्होनें कमरें का दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा नही खोला| जिस पर घर के भीतर सो रहे परिजन भी जाग गये| उन्होंने अनहोनी की आशंका से गेट तोड़ दिया| जिसके बाद उनके भीतर जो दिखा उसने सभी को चौका दिया| कमरें के भीतर दोनों मासूम बेटियां तख्त पर मृत पड़ी थी| जबकि धर्मेन्द्र छत के कुंडे पर गमछे के सहारे लटक रहा था| सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप, सीओ प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष आमोद कुमार व फिल्ड यूनिट की टीम मौके पर पंहुची और छानबीन की| पुलिस नें शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया| मृतक की शौतेली माँ राजेश्वरी देवी व पिता सुनील कुमार आदि मौके पर आ गये| उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया|
बचपन से ही मामा के साथ रह रहा था धर्मेन्द्र
दरअसल सुनील कुमार नें बताया धर्मेन्द्र का जन्म 30 सितम्बर 1989 को हुआ था| 1 अक्टूबर को उसकी माँ अतर श्री का निधन हो गया था| माँ के निधन के बाद धर्मेन्द्र को उनके मामा रामनाथ अपने घर बहादुरपुर ले आये थे| उन्होंने ने ही धर्मेन्द्र का विवाह भी कराया था| धर्मेन्द्र के पिता सुनील प्राइमरी स्कूल भोगांव मैनपुरी में शिक्षक है| भोगांव के ही रामलीला मैदान के निकट धर्मेन्द्र का पैत्रक घर है|
धर्मेन्द्र नें यह लिखा सुसाइड नोट
धर्मेन्द्र नें अपनी मृतक पत्नी प्रीती के लिये सुसाइड नोट में लिखा कि प्रीती के ना रहनें पर मै पूरी तरह से टूट चुका हूँ| मैं तुम्हारे पास आ रहा हूँ और बच्चो को भी ला रहा हूँ| मैंअपनी पत्नी प्रीती के बिना नही रह पा रहा हूँ| आई लव यू प्रीती! मुझे सभी लोग माफ कर देना|
जिस दिन पत्नी की हुई मौत उसी दिन बच्चो की हत्या कर लगायी फांसी
दरअसल बीते लगभग दो महीने पूर्व 25 जून को धर्मेन्द्र की पत्नी प्रीती की मायके में करंट लगनें से मौत हो गयी थी| लिहाजा 25 व 26 अगस्त की रात को धर्मेन्द्र नें सनसनी खेज घटना को अंजाम दिया|
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा नें बताया कि शिक्षक नें खुद को फांसी लगाकर अपनी दो मासूम पुत्रियों को जहर दे दिया| जिससे तीनो की मौत हो गयी| शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है|

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