फर्रुखाबाद: लघु सिंचाई विभाग के कनिष्ठ सहायक को विभागीय अनियमिताएं एवं घोटाले का प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर लघु सिंचाई खण्ड इटावा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार कैसर ने निलंबित कर दिया है। अधिशासी अभियंता ने इस मामले की अनुशासनिक जांच सहायक अभियंता औरैया को सौंपी है। निलंबन काल में कनिष्ठ सहायक कन्नौज कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
[bannergarden id=”8″]
जिले के सहायक अभियंता लघु सिंचाई कार्यालय में प्रीत कटियार कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात हैं। कनिष्ठ सहायक पर विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, दायित्वों का निर्वहन न करना एवं गंभीर अनियमितताएं और घोटाला करने का आरोप लगाया गया है। सहायक अभियंता ने कनिष्ठ सहायक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की स्वीकृत प्रदान करने के लिए इसकी शिकायत अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई इटावा को भेजी थी। इसी क्रम में अधिशासी अभियंता ने कनिष्ठ सहायक प्रीत कटियार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत विभागीय कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
अधिशासी अभियंता ने इस मामले की जांच द्वारिका प्रसाद सहायक अभियंता लघु सिंचाई औरैया को सौंपी है। साथ ही ये निर्देश दिया है कि वे दो माह के भीतर जांच पूरी करके उन्हें उपलब्ध कराएं। एक्सईएन ने अपने आदेश में ये भी लिखा है कि सरकारी नियमों के अनुसार निलंबित कनिष्ठ सहायक को निलंबन काल में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कनिष्ठ सहायक द्वारा इस आशय का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा कि वे निलंबनकाल में किसी सेवायोजन, व्यापार अथवा अन्य कोई कार्य में नहीं लगे हैं। निलंबित कनिष्ठ सहायक इस दौरान सहायक अभियंता, लघु सिंचाई, कन्नौज कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
[bannergarden id=”11″]
[bannergarden id=”17″]
विभागीय घोटाले में कनिष्ठ सहायक निलंबित
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]


