रामेश्वर यादव के दबाब में किशनपाल यादव पैदल, केके चतुर्वेदी की ब्लाक प्रमुखी बरक़रार

0
229

K K CHATURVEDIकायमगंज: ब्लाॅक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सुबह से ही ब्लाॅक कार्यालय पर काफी गहमागहमी रही। पुलिस और पीएसी ने पहले से ही मोर्चा संभाल लिया। इस दौरान किसी भी बीडीसी के न पहुंचने पर एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। गत दिनों नवाबगंज ब्लाक के गाव देवरा मेहसोना में हुए सपा कार्यकर्ता सम्मेलन में सपा प्रत्याशी रामेश्वर सिंह यादव ने अपने रिश्तेदार कल्लू यादव को किशनपाल का पक्ष लेने पर फटकार लगायी थी| किशनपाल सिंह यादव ने ही के के चतुर्वेदी के वियद् अविश्वास प्रस्ताव करवाया था| इसी सम्मेलन में वोटो की खातिर कैबिनेट मंत्री दर्ज प्राप्त सतीश दीक्षित ने भी के के की पैरवी करते हुए रामेश्वर यादव को चतुर्वेदी की मदद करने को कहा था| सूत्रो के अनुसार किशनपाल सिंह यादव राज्य मंत्री नरेंद्र सिंह यादव के समर्थक होने का खामियाजा भुगत रहे है|
[bannergarden id=”8″]
ब्लाॅक प्रमुख केके चतुर्वेदी की कार्यशैली से नाराज क्षेत्र के बीडीसी उनके खिलाफ लामबंदी हो गए थे। इसी को लेकर बीते दिनों बीडीसी चंद्रपाल सिंह व किशनपाल सिंह यादव ने अविश्वास प्रस्ताव मय शपथ पत्र जिलाधिकारी को सौंपा था। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन कराने के लिए आज का दिन नियुक्त किया था। ब्लाॅक प्रमुख केके चतुर्वेदी ने बड़ी ही साफगोई से मामले को साध लिया। आज सुबह से ही ब्लाॅक कार्यालय पर पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया।
[bannergarden id=”11″]
अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले बीडीसी किशनपाल एवं चंद्रपाल सिंह सुबह 11 बजे तक ब्लाॅक कार्यालय नहीं पहुंचे। एसडीएम प्रहलाद सिंह ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के तहत बीडीसी की वोटिंग होनी थी मगर कोई भी बीडीसी उपस्थित नहीं हुआ। इसलिए बीडीसी की गैर मौजूदगी को देखते हुए अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। इस मौके पर सीओ एके रावत, कोतवाली प्रभारी वीके यादव, कंपिल थाना प्रभारी केवी सिंह, अमृतपुर थाना प्रभारी रामजीवन यादव के साथ ही भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल मौजूद रहा।
[bannergarden id=”17″]

[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]