मनरेगा में फर्जी मस्टररोल की खुली पोल, प्रमाणपत्रों व अवशेष धनराशि में भिन्नता

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फर्रुखाबाद: महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे विकास कार्यों में प्रधानों द्वारा फर्जी मस्टर रोल भरने व उसको लेखाधिकारियों की जेब गरम कर पास कराने का खेल लम्बे समय से जारी है। जिसकी पोल उस समय खुल गयी जब लेखाधिकारियों द्वारा दिये गये प्रमाणपत्रों व अवशेष धनराशि में ही भिन्नता सामने आ गयी। इस सम्बंध में मुख्य विकास अधिकारी ने लेखाधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

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मनरेगा के अन्तर्गत ग्रामों में विकास कार्य के नाम पर फर्जी खाते, फर्जी मजदूर से लेकर फर्जी विकास कार्य के बाद अब फर्जी मस्टर रोल का मामला आखिर सामने आ ही गया। जनपद की ग्राम सभाओं में 1 अप्रैल 2011 से 1 अप्रैल 2012 तक की अवशेष धनराशि जो एफआईएस फीडिंग व विकासखण्ड बार प्रमाणपत्रों में दर्शायी गयी उसके अनुसार अवशेष धनराशि में काफी भिन्नतायें सामने आयीं। अवशेष धनराशि में भिन्नता पाये जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ईश्वरीय प्रसाद पाण्डेय ने लेखाधिकारी जैन बाबू कुशवाह, सहायक लेखाधिकारी सत्येन्द्र कठेरिया, जितेन्द्र कुमार, संजय कमल, राजेश कुमार को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। घपले की बात सामने आते ही लेखाधिकारियों व विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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