फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि उनके स्वागत के लिए पास जारी होने के बावजूद भाजपा के तीन जिला पदाधिकारी कार्यक्रम स्थल के पीछे बनाई गई गैलरी तक नहीं पहुंच सके। पुलिस ने तीनों को यह कहते हुए रोक दिया कि उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं और सुरक्षा कारणों से उन्हें गैलरी में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। इसको लेकर पदाधिकारियों और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके स्वागत के लिए भाजपा जिला कमेटी के करीब 33 पदाधिकारियों को मंच के पीछे बनाई गई गैलरी में मौजूद रहना था। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को पास भी जारी किए गए थे। इनमें भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभिषेक वाथम, वीरेंद्र कठेरिया और अशनील दिवाकर भी शामिल थे। तीनों पदाधिकारी जब निर्धारित गैलरी में जाने पहुंचे तो सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पदाधिकारियों ने अपने पास दिखाए, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। पुलिसकर्मियों की ओर से बताया गया कि तीनों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें गैलरी में जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पास होने के बावजूद रोके जाने पर पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई। इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। आखिरकार तीनों पदाधिकारियों को गैलरी के बाहर ही रहना पड़ा। सीएम के जाने के बाद जिला कार्यालय में हुई बैठक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से रवाना होने के तत्काल बाद भाजपा के प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी और क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू ने भाजपा जिला कार्यालय, आवास विकास में पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए पास जारी होने के बावजूद तीन पदाधिकारियों को रोके जाने का मामला भी सामने आया।बताया गया कि इस प्रकरण को संगठन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी ने कहा कि मामले को जल्द ही लखनऊ में होने वाली संगठन की बैठक में रखा जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ कोई गंभीर मुकदमा दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।
बीजेपी के तीन पदाधिकारियों कों पास के बाद रोंके जाने पर नोकझोंक
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