बदमाश चला रहे जनपद में अपहरण का कुटीर उद्योग: एसपी नीलाब्जा चौधरी

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फर्रुखाबाद: थाना व कस्बा शमशाबाद निवासी व्यापारी मोनू उर्फ अनिल गुप्ता का बीते दिनों बदमाशों द्वारा बुलेरों में डालकर अपहरण कर लिया गया था। जिसको एसओजी पुलिस व शमशाबाद थाना पुलिस ने सोमवार की रात कटरी से बरामद कर लिया। एक महिला सहित तीन अन्य बदमाशों को भी पुलिस ने असलहों सहित गिरफ्तार किया है। जिनको एसपी नीलाब्जा चौधरी ने पत्रकारों के सामने मंगलवार को पेश करते हुए अपने प्रेसनोट में कहा है कि जनपद में सुनियोजित गैंग है जो कुटीर उद्योग की भांति लूट, छिनैती व अपहरण जैसी संगीन घटनाओं को अंजाम देते हैं। यही नहीं बीते दिनों दूधिया के अपहरण में ढाई लाख रुपये लेकर छोड़े जाने का भी उल्लेख किया है।

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जानकारी के अनुसार कस्बा शमशाबाद निवासी मोनू उर्फ अनिल गुप्ता बीते दिनों अपने घर से आम लेने के लिए निकला था। तभी बदमाशों ने पीछा कर मोनू गुप्ता को बुलेरो में डाल लिया। मोनू जब काफी देर बाद भी घर वापस नहीं आया तो उसके परिजनों ने खोजबीन की। खोजवीन करने पर जब उसका कहीं पता नहीं चला उसकी बाइक बतीसा बाग के पास पड़ी पायी गयी तो उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने शमशाबाद थाना पहुंचे जहां काफी नानुकर के बाद पुलिस ने मात्र गुमशुदगी दर्ज की लेकिन बाद में इसे अपहरण में दर्ज किया गया था।

सोमवार को एसओजी टीम एवं थानाध्यक्ष शमसाबाद की टीमों ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम हंसापुर गौराई की कटरी में छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस ने बताया कि बदमाशों द्वारा पुलिस पर कई फायर भी किये गये। रात्रि लगभग साढ़े 7 बजे एक महिला अनारा बंजारा पत्नी गीतम बंजारा निवासी हरदयाल नगला थाना छिबरामऊ, कन्नौज सहित तीन अन्य अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। जिनसे पूछताछ के बाद मोनू उर्फ अनिल को सकुशल बरामद कर लिया गया। पकड़े गये तीन अन्य बदमाशों ने अपने नाम अशोक कुमार यादव पुत्र रूपराम निवासी नंथा नगला, संजय यादव पुत्र छंगे यादव निवासी नंथा नगला छिबरामऊ कन्नौज, धीरू उर्फ धीरेन्द्र यादव पुत्र स्व0 दयाराम निवासी कबीरनगर मोहम्मदाबाद बताये हैं। बदमाशों के पास से तीन तमंचे, 20 कारतूस, तीन खोखे, तीन मोबाइल फोन व एक टीवीएस स्पोर्ट मोटरसाइकिल बरामद की गयी।

बताया गया कि अपहरणकर्ताओं द्वारा अपहृत के परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। न देने की स्थिति में अपहृत की हत्या की धमकी दी गयी। पत्रकारों को पत्र के माध्यम से एसपी नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं द्वारा अपने एक दर्जन साथियों का नाम बताया गया। जिनका एक सुनियोजित गैंग है जो कुटीर उद्योग की भांति लूट, छिनैती व अपहरण जैसी संगीन घटनाओं को कारित करते हैं। जिनका गैंग लीडर नागेन्द्र यादव उर्फ बाबा पुत्र बहादुर यादव निवासी रोहिला थाना मोहम्मदाबाद बताया।

प्रेसनोट में यह भी बताया गया है कि इसी गैंग के द्वारा 24 मई को धीरपुर पखना मार्ग पर कांधेपुर के दूधिया सूर्यकांत दुबे का अपहरण करके ढाई लाख रुपये फिरौती लेकर 30 मई को छोड़ा था। फिलहाल तो एसपी साहब ने एसओजी टीम व थानाध्यक्ष की पीठ थपथपाते हुए पांच हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया है। पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन ने भी १० हजार रुपये टीम को पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है।

जनपद में पकड़े होंने के बाद फिरौती होकर छूट रहीं हैं, खुद एसपी साहब जनपद में अपहरण का कुटीर उद्योग चलता मान रहे हैं लेकिन जनपद पुलिस फिर भी वाह वाही की पात्र बनी हुई है…………..

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