फर्रुखाबाद की पहचान बनी पानी की टंकी खुद प्यासी, 20 हजार की आबादी बूंद-बूंद को मोहताज!

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) जनपद की पहचान मानी जाने वाली लालसराय स्थित विशाल पानी की टंकी आज जल संकट का प्रतीक बन गई है। हालात ऐसे हैं कि जिस पानी की टंकी के नाम से लोग मोहल्लों की पहचान बताते हैं, उसी टंकी से जुड़े लगभग आधा दर्जन मोहल्लों के लोग पेयजल के लिए रोजाना परेशान हो रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले इस पानी की टंकी क्षेत्र में करीब आधा दर्जन नलकूप संचालित थे। उस समय पानी की कोई विशेष समस्या नहीं थी, लगभग 2 साल पूर्व मोटे बजट के साथ टंकी की मरम्मत भी हुई थी। लेकिन वर्तमान में टंकी को भरने के लिए केवल दो नलकूप ही बचे हैं। इन दोनों नलकूपों का संचालन भी बिजली आपूर्ति पर निर्भर रहता है। बिजली बाधित होते ही पानी की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने पर बिजली की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।नगर पालिका क्षेत्र के कई मोहल्लों में सुबह और शाम दोनों समय नियमित जलापूर्ति की जाती है, जबकि लालसराय पानी की टंकी से जुड़े तलैया फजल इमाम, बूरा वाली गली, गंगानगर, आशिक, खटकपुरा, रेटगंज, गिराटगंज लिंजीगंज सहित लगभग आधा दर्जन मोहल्लों में लोगों को केवल एक बार ही पानी मिल पा रहा है। सुबह छह बजे से ही लोग नलों की ओर टकटकी लगाए रहते हैं, लेकिन टंकी में पानी भरने की व्यवस्था कमजोर होने के कारण महज एक से डेढ़ घंटे तक ही जलापूर्ति हो पाती है।स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। ऐसे में ऊंचाई वाले इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पाता, जबकि निचले क्षेत्रों में पानी की बर्बादी होती रहती है। इससे लोगों में नगर पालिका की व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।नगर पालिका अध्यक्ष के पति मनोज अग्रवाल ने बताया कि सोरावाली कोठी के पास नए नलकूप की बोरिंग सी एन डी एस के द्वारा कराई जा चुकी है। जल्द ही इसे पानी की टंकी से जोड़कर जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

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जलकल विभाग के सर्किल इंचार्ज बी.बी. सिंह ने बताया कि कई पुराने नलकूप पूरी तरह खराब हो चुके हैं। इसी कारण टंकी समय पर नहीं भर पाती, जिससे नियमित जलापूर्ति में दिक्कत आ रही है जलकल विभाग के जेई देवव्रत सिंह ने कहा कि पूरे मामले की समीक्षा कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।

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