प्राकृतिक खेती से घटेगी लागत, बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता: वैज्ञानिक

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फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) ब्लॉक क्षेत्र के गांव भूसेरा स्थित एक गेस्ट हाउस में डॉ. युवराज सिंह के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कानपुर से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपायों तथा उत्पादन में सुधार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। इस दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है, साथ ही भूमि की गुणवत्ता और उत्पादकता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। वैज्ञानिकों ने मिट्टी में मौजूद 17 आवश्यक पोषक तत्वों की जांच कराने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि गंगापार क्षेत्र के किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कानपुर से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने का आह्वान किया। विशेषज्ञों ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक देश के 75 जिलों में प्राकृतिक खेती अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत किसानों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों तथा प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। फर्रुखाबाद भी इस अभियान में शामिल चयनित जनपदों में से एक है। कार्यशाला में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर डॉ. जी.एस. प्रकाश प्रौद्योगिकी, डॉ. सुनील, डॉ. ज्ञानेंद्र परिहार, डॉ. युवराज सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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