FARRUKHABAD : जनपद के संतों द्वारा जिला मुख्यालय पर जमकर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की। जिसके बाद संतों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान संतों ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा को रोकना लोकतंत्र की हत्या व हिन्दू समाज का अपमान है।
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संतों ने कहा कि राम जन्म भूमि पर संसद में जल्दी कानून बनवा कर अयोध्या जी की 84 कोसी परिक्रमा का अनुष्ठान निश्चित किया गया था। जिसके अनुरूप 25 अगस्त से 13 सितम्बर तक अयोध्या पुण्य क्षेत्र के चारो ओर 84 कोसी परिक्रमा देश भर के पूज्य संतों द्वारा की जानी थी। लेकिन परिक्रमा को रोक दिया जो हिन्दू समाज के मौलिक अधिकारों का हनन है।
धार्मिक क्षेत्र की परिक्रमा हिन्दू समाज का मौलिक अधिकार है। देश के हर देशभक्त नागरिक को देश के भौगोलिक क्षेत्र में कभी भी, कहीं भी यात्रा या पदयात्रा करने का अधिकार है, इस पर कोई भी सरकार प्रतिबंध नहीं लगा सकती। परिक्रमा को रोका जाना यह लोकतंत्र की हत्या है और हिन्दू समाज का अपमान व दमन है। संतों ने मांग की कि हिन्दू समाज को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों से वंचित न किया जाये।
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इस दौरान लक्ष्मीकांत मिश्रा, सूर्यप्रकाश द्विवेदी, अविनाश दुबे, कपिल दुबे, राममुरारी शुक्ला, यदुनंदनलाल गोस्वामी, प्रवीन कुमार त्रिवेदी, जितेन्द्र माथुर, रवेन्द्र कुमार भदौरिया आदि मौजूद रहे।
परिक्रमा को रोकना लोकतंत्र की हत्या व हिन्दू समाज का अपमान
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