विश्व फोटोग्राफी दिवस पर ‘पर्यावरण बचाओ-जीवन बचाओ’ थीम पर फोटो प्रदर्शनी

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर मीडिया सेंटर एवं एशियन कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में जोगराज स्ट्रीट स्थित एक रेस्टोरेंट में फोटो प्रदर्शनी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘पर्यावरण बचाओ-जीवन बचाओ’ रही। प्रदर्शनी में फोटोग्राफरों ने अपने कैमरों के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्वाषा आश्रम के महंत ईश्वर दास ब्रह्मचारी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समाजसेवी संजय गर्ग ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया, जबकि आयोजक अनुराग पाण्डेय एवं सुरेंद्र पाण्डेय ने पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का अभिनंदन किया।प्रदर्शनी में दिखी पर्यावरण और संस्कृति की झलकफोटो प्रदर्शनी में नगर के वरिष्ठ एवं युवा फोटोग्राफरों ने अपने कैमरों से खींचे गए चित्र प्रदर्शित किए। प्रकृति, पर्यावरण, धार्मिक स्थलों, सामाजिक विषयों और नगर की संस्कृति से जुड़े चित्र लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। कमलेश दीक्षित ने युवा फैशन से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी लगाई।दीपक शुक्ला की ‘पर्यावरण—खुले आसमान का समय: हमारा बचपन’, गौरव तिवारी की ‘पर्यावरण बचाओ, मां के नाम वृक्ष लगाओ’, अनुराग पाण्डेय की ‘विश्व फोटोग्राफी का दृश्य’, प्रमोद द्विवेदी की ‘सावन में भोलेनाथ के विविध स्वरूप’, रवीन्द्र भदौरिया की ‘भगवान कृष्ण की उपासना’, लक्ष्मीकांत भारद्वाज की ‘नगर की विशिष्ट गलियों के आयाम’ और भानु शंकर वर्मा की ‘मेला श्री रामनगरिया के विशिष्ट दृश्य’ सहित अनेक चित्रों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।वक्ताओं ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशमहंत ईश्वर दास ब्रह्मचारी ने कहा कि प्रकृति से प्रेम करना ही ईश्वर से प्रेम करने के समान है। पर्यावरण का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। हमारी संस्कृति में नदियों को मां और वृक्षों को पुत्र के समान माना गया है। उन्होंने कहा कि एक पुत्र को जन्म देना और एक वृक्ष लगाना समान महत्व रखता है।विजय यादव ने कहा कि फोटोग्राफी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है। फोटोग्राफर समाज को आईना दिखाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।पर्यावरणविद् गुंजन जैन ने स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताते हुए प्रत्येक व्यक्ति से अपने घर के आसपास पौधे लगाने की अपील की।वरिष्ठ फोटोग्राफर रवीन्द्र भदौरिया ने फोटोग्राफी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यूरोप में वर्ष 1839 से फोटोग्राफी के विकास की शुरुआत मानी जाती है।कमलेश दीक्षित को मिला श्रीरामनारायण पांडे स्मृति सम्मानकार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 का श्रीरामनारायण पांडे स्मृति सम्मान फोटोग्राफर कमलेश दीक्षित को प्रदान किया गया। इसके अलावा अन्य छायाकारों, पत्रकारों और साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में आकांक्षा सक्सेना ने आगंतुकों का स्वागत किया। इस अवसर पर सुबोध साध, अजीत अग्निहोत्री, मोहनलाल गौड़, गुंजन जैन, अखिलेश अग्निहोत्री, संजय गर्ग, संजीव अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में फोटोग्राफर, साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र पाण्डेय ने किया। संयोजक अनुराग पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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