न्यायालय कर्मी की मौत के 10 दिन बाद एफआईआर, पुलिस पर उठे सवाल, हंगामा

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)थाना राजेपुर क्षेत्र में न्यायालय कर्मी अमित कुमार मिश्रा पर बाइक सवार तीन अज्ञात युवकों द्वारा कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि घटना के करीब 10 दिन बाद, अमित की मौत के पश्चात हुए हंगामे के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम भी कराया| थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी अमित कुमार मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह 27 सितंबर की रात करीब आठ बजे फतेहगढ़ स्थित जनपद न्यायाधीश आवास से बाइक से अपने गांव सलेमपुर लौट रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले गढ़िया मोड़ के पास पीछे से एक बाइक पर सवार तीन लोग आए।तहरीर के मुताबिक, बाइक सवारों में से एक युवक ने अमित को गिराने के इरादे से तेज गति से लात मारी। लात लगने से अमित बाइक समेत सड़क पर गिर गए। आरोप है कि इसके बाद तीनों युवकों ने उन्हें पकड़कर मारने की बात कही। जान बचाने के लिए अमित मौके से उठकर पीछे की ओर दौड़ पड़े।अमित के अनुसार, आरोपियों में से एक युवक उन्हें पकड़ने के लिए पीछे दौड़ा, लेकिन कुछ दूरी पर एक मकान में रोशनी दिखाई देने पर वह वापस लौट गया। तहरीर में अमित ने आरोप लगाया था कि हमलावरों का इरादा उन्हें जान से मारने का था। मामले में अमित ने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं न्यायलय कर्मी की मौत से अधिवक्ता आक्रोशित हो गये और उन्होंने हंगामा किया | अब अमित की मौत के करीब 10 दिन बाद मुकदमा दर्ज होने से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अरविंद अवस्थी को सौंपी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम भी पुलिस ने कराया | उस दौरान भी दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे |

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