ताबड़तोड़ रैलियों से हुंकार भरेंगे राहुल ,अखिलेश, मायावती और राजनाथ, ये रहा पूरा शेड्यूल

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में महज 5 दिन बाकी रह गए हैं. चुनाव को लेकर रैलियों और जनसभाओं को दौर शुरु है. सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमों मायावती और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह अपनी-अपनी पार्टियों के पक्ष में 15 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे.

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राहुल गांधी की 3 जनसभाएं

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज यूपी में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे. जिसमें शामली, मथुरा और अलीगढ़ शामिल हैं. दोपहर 12 बजे राहुल गांधी की पहली जनसभा शामली में होगी, जिसके बाद मथुरा में 2.10 मिनट औ अलीगढ़ की जनसभा 3 बजकर 30 मिनट पर शुरु होगी.

सीएम अखिलेश यादव करेंगे 6 जनसभाएं

यूपी के सीएम अखिलेश यादव आज सीतापुर जिले में 6 चुनावी सभाएं करेंगे. वे सिधौली विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मनीष रावत, मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रामपाल राजवंशी, पिसांवा विधानसभा क्षेत्र से अनूप गुप्ता, सेवता विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी शिव कुमार गुप्ता, विधानसभा क्षेत्र महमूदाबाद से प्रत्याशी नरेंद्र सिंह वर्मा और बिसवां विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी अफजाल कौसर अंसारी के पक्ष में मतदान की जनता से अपील करेंगे. अखिलेश यादव विधानसभा क्षेत्र लखीमपुर और श्रीनगर की एक संयुक्त सभा कर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा और राम सरन मौर्य को चुनाव में जीत दिलाने के लिए जनता से अपील करेंगे.

बसपा सुप्रमों मायावती की 2 रैलियां

बसपा सुप्रीमो मायावती आज दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे. मायावती की पहली रैली दोपहर 12 बजे फर्रुखाबाद के कमालगंज और इसके बाद दोपहर 2 बजे आगरा के कोठीमीना बाजार मैदान पर होगी.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की 4 जनसभाएं

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज पश्चिमी यूपी में चार जनसभाओ को संबोधित करेंगे. वह सुबह 11.5 बजे कासगंज के पटियाली में, दोपहर 1.10 बजे फिरोजाबाद के टूंडला में , दोपहर 2.20 बजे मथुरा के छाता में और दोपहर 3.45 बजे बुलंदशहर के सिकंदराबाद में जनसभा को संबोधित करेंगे.

यूपी में सात चरणों में वोटिंग

उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल और समाजवादी पार्टी के अखिलेश धड़े के बीच गठबंध के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा.

केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

मुख्यमंत्री चेहरे को सामने न लाकर एक बार फिर बीजेपी ने पीएम मोदी के चेहरे पर दांव खेला है. इसका कितना फायदा उसे इन चुनावों में मिलेगा वह 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा.

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