कमालगंज (फर्रुखाबाद): सारी उम्र बच्चों के लिए छाती के बल काम करने वाले पिता को मुखाग्नि से पूर्व ही पुत्रों व रिश्तेदारों में अर्थी के बांसों से जमकर मारपीट हुई। मारपीट भी कोई करोड़ों की जायदाद को लेकर नहीं वल्कि मात्र ढाई बीघा जमीन के लिए। मामा भांजे व साले सहित तीन लोग घटना में घायल हुए हैं।
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जनपद कन्नौज के गांव रूरूगंज थाना सौरिख निवासी रामस्वरूप उम्र 85 वर्ष की बीमारी
से मौत हो गयी थी। जिनकी अर्थी को श्रंगीरामपुर गंगा घाट पर दफनाने के लिए लाया गया था। अंतिम संस्कार के समय रामस्वरूप का पुत्र रामेश्वर व अन्य परिजन भी आये हुए थे। अंतिम संस्कार के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हो गयी तो पुत्र रामेश्वर से कहा गया कि पिता को मुखाग्नि दें।
इसी बीच रामेश्वर के साले छुन्नू ने कहा कि रामस्वरूप ने ढाई बीघा जमीन अपनी पुत्रियों मालती व कृष्णा को दे दी। जिसको लेकर रामेश्वर के साले छुन्नू व अन्य परिजनों में विवाद शुरू हो गया। फिर क्या था, विवाद इतना बढ़ गया कि अर्थी को मुखाग्नि देना भूलकर सभी लड़ाई में इतने मसगूल हो गये कि अर्थी के ही बांस निकाल निकाल कर एक दूसरे पर झपट पड़े।
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रामेश्वर के साले छुन्नू के साथ आये चार पांच लोगों ने रामप्रकाश, महाराम, रूपलाल को मारपीट कर घायल कर दिया। रामेश्वर द्वारा जब मारपीट का विरोध किया गया तो साले ने उन्हें भी नहीं बख्सा और एक दो बांस उनमें में जड़ दिये। घटना की सूचना कमालगंज थाना पुलिस को दी गयी। कमालगंज थाने में राकेश की तरफ से छुन्नू व उसके अज्ञात साथियों के विरुद्व रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।
ढाई बीघा जमीन के लिए पिता की अर्थी के बांसों से शमसान घाट पर मारपीट
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