जस्टिस सच्चर ने अखिलेश को याद दिलाया बेकसूर मुस्‍लिमों की रिहाई का वादा

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लखनऊ : जस्टिस राजेंद्र सच्चर ने रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्‍हें जेलों में बंद बेकसूर मुस्‍लिम युवकों की रिहाई का वादा याद दिलाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि समाजवादी सरकार में मुस्लिमों को रोजी-रोटी के साथ सम्मान भी हासिल होगा। अखिलेश ने बताया कि राज्य सरकार सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र आयोग की उन सिफारिशों को लागू करने का प्रयास कर रही है, जो उसके अधिकार क्षेत्र में हैं। केंद्र सरकार को मुस्लिमों को आरक्षण देने के मुद्दे पर पत्र भी लिखा गया है।

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justice rajinder sachharमुख्यमंत्री ने जस्टिस सच्चर का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी रिपोर्ट से मुस्लिमों की दलितों से बदतर हालत पर रोशनी पड़ी है। इससे मुसलमानों के कल्याण तथा उत्थान की योजनाएं बनाने में मदद मिली है। मुस्लिमों के शैक्षिक, आर्थिक तथा सामाजिक उत्थान के लिए उनकी सरकार संकल्पित है। जो निर्दोष नवजवान जेल में बंद हैं, उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी। उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी। अब मुस्लिम नौजवानों को बेवजह दहशतगर्द बताकर उत्पीड़न का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा। जस्टिस सच्चर ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के हित सुरक्षित रहेंगे और उन्हें इंसाफ मिलेगा। उन्होंने सपा सरकार के एक साल में मुस्लिमों के पक्ष में किए गए निर्णयों की भी सराहना की। जस्टिस सच्चर ने बताया कि गुजरात में उत्तर प्रदेश के मुस्लिम नवजवान बड़ी संख्या में आज भी बंद हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सच्चर के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री भाई वैद्य, श्रमिक नेता गिरीश पांडेय, राष्ट्रीय सेवा दल के पन्नालाल सुराणा और मानवाधिकार कार्यकर्ता मो. असद हयात ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की। इस मौके पर कारागार मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने कहा कि पिछली बसपा सरकार में फर्जी मुकदमें लगाकर मुस्लिम नौजवानों को प्रदेश की जेल में डाला गया है। मथुरा के अलावा फैजाबाद, रुदौली और डासना की घटनाओं के पीछे साप्रदायिक तनाव पैदा करने में भाजपा-बसपा की मिलीभगत रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ता असद हयात ने पिछले साल एक जून को कोसीकलां, मथुरा में हुई घटना के संबंध में दिए गए ज्ञापन में कहा कि इसके पीछे सुनियोजित षड्यंत्र था। तिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से साप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की माग की।

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