केन्द्र सरकार के खिलाफ बैंक कर्मियों ने खोला मोर्चा, दो दिवसीय हड़ताल

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फर्रुखाबाद: अपनी मांगों को लेकर और सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में बैंक कर्मियों ने राष्ट्रव्यापी दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर दी। जिससे पूरे जनपद की राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामकाज ठप रहा। बैंकों कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।bank union

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यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गये। जहां चौक बाजार से स्वराज कुटीर तक बैंक कर्मियों ने जुलूस निकाल कर केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और नारेबाजी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टेट बैंक आफ इण्डिया स्टाफ एसोसिएशन कानपुर परिक्षेत्र के सहायक महामंत्री विजय अवस्थी ने कहा कि सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। जिनको न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा बैंकों में अनुकंपा आधारित भर्तियों पर रोक लगायी गयी है। जबकि सारे विभागों में भर्तियां की जा रहीं हैं। बैंक के कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को नौकरियां नहीं दी जा रहीं हैं। जिसको सरकार शीघ्र अमल में नहीं लायी तो कर्मचारी और उग्र प्रदर्शन करेंगे। दो दिवसीय हड़ताल पर गये कर्मचारियों के कारण जनपद की सभी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखायें बंद रहीं। जिससे तकरीबन 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।

यूपी बीईयू के जिलाध्यक्ष आर सी वर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई को केन्द्र सरकार रोकने में नाकाम साबित हो रही है। स्टेट बैंक अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विमल दुबे ने कहा कि सरकार बैंकों का निजीकरण करने का प्रयास कर रही है।किन्तु कर्मचारी, अधिकारी एकता के सामने केन्द्र सरकार को इस प्रयास में सफलता नहीं मिलेगी।

इस दौरान कहा गया कि बीते 28 फरवरी 2012 को एक दिवसीय हड़ताल कर सरकार को चेताया गया था। पूरे वर्ष अनेकानेक ध्यानाकर्षण कार्यक्रमों से स्थिति की गंभीरता पर सरकार तथा देश का ध्यान खींचा। परन्तु सरकार की तरफ से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया जो हमारी मांगों को पूरा करता हो। न ही सरकार ने बैंक कर्मचारियों की समस्याओं को साझा करने का कोई प्रयास किया। जिसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने सरकार को पुनः चेताने के लिए दो दिवसीय हड़ताल की।

जुलूस में रामऔतार मौर्य, अबधेश अवस्थी, कमल दुबे, सुरेन्द्र बाथम, आर सी वर्मा, किशोर कुमार, आर एस राठौर, रमेश रावत, रत्नेश शुक्ला, सुशील बाजपेयी, विमल अग्निहोत्री, महेश चौहान, उमाकांत औदीच्य, राकेश, राजीव, विजय वर्मा, अशोक बाबू, आर एम कुशवाह आदि बैंककर्मी शामिल रहे।

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