इस्लाम को सर्वाधिक खतरा का़दियानियों से

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फर्रुखाबाद: पंजाब के शाही इमाम व मजलिसे अहरार के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना हबीबुर्रहमान ने रविवार को यहां वार्ता के दौरान कहा कि दुनियां में इस वक्त इस्लाम को सर्वाधिक खतरा कादियानियों से है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को फिरखापरस्ती से बचना चाहिए।

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ईसापुर में एक जलसे को खिताब करने के लिए आये मौलाना हबीबुर्रहमान सीतापुर हरदोई होते हुए रविार को शाम फतेहगढ़ पहुंचे। जिले के तमाम उलेमा, मौलानाओं व आम मुसलमानों ने घटियाघाट पर इस्तकबाल किया।
फतेहगढ़ स्थित हाजी शाहिद हुसैन के आवास पर एक वार्ता के दौरान मौलाना हबीबुर्रहमान ने बताया कि आज मुसलमानों को किसी भी तरह की फिरखापरस्ती से बचना है। हम खत में नबूबेत में यकीन रखते हैं और ऐसा न मानने वाले मुसलमान नहीं हो सकते। कादियानों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कादियानी सिर्फ इस्लाम के खिलाफ नहीं बल्कि देश द्रोही भी हैं इन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों का साथ दिया और मुसलमानों को आजादी की लड़ाई लड़ने से रोकने की कोशिश की।

मौलाना ने बताया कि उनकी तन्जीम पूरे मुल्क में फिरखापरस्ती के खिलाफ मुहिम चला रही है वह चाहते हैं कि मुसलमान किसी फिरखे पर न पड़ कर इस्लाम के उसूलों के हिसाब से जिन्दगी जिये और मुल्क व सूबे की तरक्की के लिए अपना अहम किरदार अदा करें।

मौलाना के साथ पंजाब वक्फ बोर्ड के सदर मौलाना सुलेमान रहमानी मजलिसे अहरार इस्लामें हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद नसीम व जनरल सेक्रेटरी वकील अहमद नोमानी भी साथ थे। प्रेस वार्ता में मुफ्ती मुहज्जम अली, मुफ्ती सलीम साहब, मुफ्ती अब्दुल हक, काजी मुश्ताक अली, मौलाना तौफीक, मौलाना राशिद, रिजवान अली, हाजी शाबिर हुसैन, हाजी शाहिद हुसैन, शाकिर अली मंसूरी आदि मौजूद रहे।

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