आस्था क्लीनिक के अस्तित्व पर संकट के बादल

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फर्रुखाबाद: पूर्व आयकर निरीक्षक जीवनलाल कमल के मामले में जिलाधिकारी प्रकाश बिन्दु ने अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और अवैध निर्माण पाये जाने पर उसके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के आदेश भी दिये। जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की।
उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद डीएम प्रकाश बिंदु ने अपना फैसला सुना दिया| दोपहर नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह पटेल व सीएमओ राकेश कुमार ने आवास विकास स्थित आस्था क्लीनिक व अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर तलब किया। जांच के बाद फ़िलहाल अफसर बैरंग लौट गये। पूर्व आयकर निरीक्षक जीवनलाल कमल कई वर्षों से आस्था क्लीनिक के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। उनका कहना है कि क्लीनिक को अवैध तरीके से तालाब की भूमि पर खड़ा किया गया है। फिलहाल अधिकारियों ने बुधवार को केवल कागजात ही चेक किये और वापस लौट गये।

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इसके बाद अधिकारियों ने लोहिया अस्पताल के नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डा0 मनोज रत्मेले के आवास विकास स्थित कथित क्लीनिक पर छापेमारी की और उसे सीज कर दिया।

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