अन्ना समर्थकों का अनशन स्थगित, मिशन 2014 की तैयारी

0
107

फर्रुखाबाद: फतेहगढ़ स्थित पूर्ति कार्यालय के बाहर विगत दस दिनों से अन्ना आंदोलन को आक्सीजन देने के लिए उनके समर्थकों द्वारा किया जा रहा अनशन व आमरण अनशन स्थगित कर दिया गया है। वहीं जनपद के अन्ना समर्थकों ने एक स्वर में कहा है कि भ्रष्टाचार मिटाने को अगला मिशन 2014 फतह का लक्ष्य होगा।

[adrotate banner="3"]

सत्याग्रही सर्वोदयी नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, सरकारी धन, सरकारी नीतियों, सरकारी कानूनों एवं देश के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण खो दिया है जिससे राष्ट्रीय अखण्डता को खतरा पैदा हो गया है। आगे का आंदोलन टीम अन्ना के निर्देेशानुसार संचालित किया जायेगा जिसमें 2014 मिशन फतह का लक्ष्य होगा।

सर्वोदय मण्डल के प्रांतीय उपाध्यक्ष गोपालबाबू पुरवार ने कहा कि भविष्य में टीम अन्ना के आदेशानुसार आंदोलन हेतु सभी तैयार रहें। यदुनंदनलाल गोस्वामी ने कहा कि गूंगी बहरी सरकार में अन्ना ने जो बलिदान दिये जाने का निर्णय लिया है अति प्रशंसनीय है। पूर्व सैनिक अजय कुमार वर्मा ने कहा कि सैनिक सेवा परिषद अन्ना के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तन मन धन से सदैव तैयार रहेगी।

मुन्नलाल राजपूत ने कहा कि टीम अन्ना के निर्णय में सब लोग पूरा भरोसा रखते हैं आगे जो तय होगा उसके लिए हम त्याग व बलिदान हेतु कृत संकल्प हैं। वैद्य वीरेन्द्र कुमार आर्य ने प्रतिदिन यज्ञ कराये जाने हेतु प्रतिदिन पुरोहित की भूमिका अदा की। डा0 वी डी कटियार ने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय आंदोलन त्याग, बलिदान और सत्यनिष्ठा के बगैर नहीं चल सकता है अन्ना ने गांधी के सिद्धान्तों पर चलकर हम सब को रास्ता दिखाया है उसका हम सब अनुशरण करेंगे। रघुवरदयाल कनौजिया ने कहा कि केन्द्र की सरकार ने देश को भ्रष्टाचार, महंगाई, आतंकवाद, अपराध, गरीबी आदि भयंकर समस्याओं को जन्म देने का कार्य किया है। अतुल शर्मा ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं वल्कि स्थगित किया है। अन्ना के अग्रिम आदेशों के अनुसार पुनः आंदोलन किया जायेगा। जवाहर सिंह एडवोकेट ने कहा कि इस आंदोलन में केन्द्र सरकार द्वारा जो भी गलत वयानबाजी की गयी है वह सिर्फ आम जनता को गुमराह किये जाने के अलावा कुछ भी नहीं है।

कैप्टन डी एस राठौर ने कहा कि मिशन 2014 में जो रणनीति तय कर केन्द्र सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों को उनकी जमानत जब्त कराये जाने एवं सरकार को उखाड़ फेंके जाने का संकल्प किया जा चुका है, वक्त आने पर क्रियान्वयन किये जाने का इंतजार है।

श्रीकृष्ण कुशवाह, मुरारीलाल शुक्ला, चन्द्रपाल वर्मा, विद्यानंद आर्य, राधेश्याम वर्मा, हरिनाथ सिंह, अजहर खान, सेठ बहादुर मिश्रा, पुनीत कुमार, अमित सिसोदिया, गोविंद सक्सेना, द्वारिका प्रसाद आर्य, रामकिशोर, हरिश्चन्द्र तिवारी, ओमप्रकाश, अंकित कुमार, रघुवीर सिंह, अनिल कुशवाह, ग्रीशचन्द्र शर्मा, डा0 महेश कुमार सिंह चौहान, सुबोध अवस्थी, रघुवर दयाल कनौजिया, अजय कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।

[adrotate banner="2"]