फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) तहसील अमृतपुर में विधि व्यवसाय करने वाले अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने थाना अमृतपुर की थानाध्यक्ष रक्षा सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। पीड़ित अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि थानाध्यक्ष ने न केवल उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि जबरन कपड़े उतरवाकर उन्हें थाने में खड़ा कर अपमानित भी किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार पुत्र सुरेश पाल निवासी अमैयापुर, पेशे से अधिवक्ता हैं और तहसील अमृतपुर न्यायालय परिसर में प्रैक्टिस करते हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि 20 मार्च 2026 को थानाध्यक्ष रक्षा सिंह ने अपने सीयूजी मोबाइल नंबर से उन्हें थाने बुलाया। सूचना मिलने पर वह सुबह करीब 11 बजे थाना अमृतपुर पहुंचे और
थानाध्यक्ष से बुलाने का कारण पूछा। अधिवक्ता का कहना है कि इस पर थानाध्यक्ष ने बिना उनका पक्ष सुने ही कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और एक महिला की शिकायत का हवाला देते हुए उन्हें जबरन कोट-पैंट उतारने के लिए मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं, उन्हें करीब 15-20 मिनट तक थाने के कार्यालय गेट पर खड़ा रखा गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
बताया गया कि इसी दौरान वासुदेव पुत्र रामनाथ निवासी आशा की मड़ैया थाना राजेपुर वहां पहुंचे और स्थिति स्पष्ट की। इसके बाद हल्का इंचार्ज कल्लू यादव द्वारा दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।
पीड़ित अधिवक्ता का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है, जो एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद सहित उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई। न्याय न मिलने से आहत अधिवक्ता ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ वाद दायर किया है। मामले में आगे की सुनवाई न्यायालय में प्रस्तावित है। न्यायालय नें पुलिस अधीक्षक से आख्या तलब की है |
अधिवक्ता के कपड़े उतरवाकर थाने में खड़ा करने के आरोप में थानाध्यक्ष के खिलाफ वाद
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