UP TET : हाईकोर्ट के फैसले पर टीईटी अभ्यर्थियों की सांसें अटकीं

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uफर्रुखाबाद : प्रदेश में पिछले दो वर्ष से विवादों के घेरे में चली आ रही 72 हजार टीईटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बीते 4 फरवरी को हाईकोर्ट द्वारा 11 फरवरी तक के लिए स्थगनादेश दिया गया था। जिसके साथ ही मामले की सुनवाई 12 फरवरी को हाईकोर्ट में होनी है। हाईकोर्ट के फैसले पर टीईटी शिक्षक अभ्यर्थियों की सांसें अटकी हुई हैं। मंगलवार को सुबह से ही अभ्यर्थी इंटरनेट व मोबाइल फोन पर एक दूसरे से जानकारी करते दिखायी दिये। सूत्रों की मानें तो वर्तमान समाजवादी पार्टी की सरकार के मुख्य सचिव मंगलवार को सुनवाई के दौरान अपना शपथपत्र दाखिल करेंगे।

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विदित हो कि टीईटी के 72 हजार पदों पर 69 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किये। जिसके बाद 22 जनवरी को कट आफ लिस्ट जारी की गयी तो अभ्यर्थियों को भर्ती की उम्मीद कुछ पुख्ता नजर आयी। लेकिन 4 फरवरी को काउंसलिंग के प्रथम दिन ही हाईकोर्ट ने 11 फरवरी तक के लिए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग जाने के बाद उच्च कट आफ मैरिट वाले टीईटी अभ्यर्थियों के सपनों पर एक बार फिर पानी फिरता नजर आया। वहीं टीईटी में अच्छे अंक पाने वालों व कट आफ में कम अंक पाने वालों में एक बार फिर खुशी की लहर जगी। उन्हें लगने लगा शायद भर्ती अब टीईटी अंकों के आधार पर ही होगी।

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लेकिन अभी मंगलवार को हो रही हाईकोर्ट की सुनवाई की पुख्ता समाचार प्राप्त नहीं हो सके। वहीं यदि सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने दाखिल किये अपने जबाब में कहा है कि टीईटी अंकों के आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया इसलिए नहीं की जा सकती है क्योंकि टीईटी परीक्षा ही मायावती सरकार के दौरान फर्जीवाड़े व विवादों के घेरे में रही है।

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