फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कोहरे व शीत लहर के कारण आम जनजीवन प्रभावित हैं l| लिहाजा जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश दो दिन के अवकाश के आदेश दिये गये हैं| जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्व प्रताप सिंह ने जनपद फर्रुखाबाद में अत्यधिक ठंड / शीतलहर, घना कोहरा होने की स्थिति में छात्र/छात्राओं के आवागमन में होने वाली कठिनाईयों एवं छात्रहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्र, परिषदीय विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं समस्त प्रकार के मान्यता प्राप्त विद्यालय आई०सी०एस०सी० बोर्ड, सी०बी०एस०सी० बोर्ड, जो नर्सरी से कक्षा-12 तक संचालित है में 29 व 30 दिसंबर का अवकाश घोषित किया है।






मेजर एस.डी. सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति रंगनाथ मिश्रा, ब्रह्माकुमारी से शोभा दीदी तथा एएनकेपी डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्य शशि किरण द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर सेनापति की छात्राओं ने वंदे मातरम का गायन प्रस्तुत किया।
आपूर्ति, शौचालय, पंडाल आदि का कार्य तेजी से चल रहा हैं| दुकानों को आवंटित करने का कार्य भी किया जा रहा है कुल मिलाकर दुकानों के आवंटन में अभी तक 72 लख रुपए की आमदनी हो चुकी है| मेला राम रामनगरिया में कल्पवासियों के ऊपर सर्दी का कोई असर नजर नहीं आ रहा हैं, साधु संत के साथ ही अन्य कल्पवासी पूजा पाठ और
थाना क्षेत्र के ग्राम नगला मना निवासी 44 वर्षीय प्रमोद कुमार यादव उर्फ रामजी नें बीती शुक्रवार की रात घर के निकट एक बबूल के पेड़ में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली| शनिवार को सुबह विनोद के परिजनों नें उसे पेंड पर लटका हुआ देखा| जिसके बाद चीख-पुकार मच गयी| मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोद काफी लम्बे समय से बीमार चल रहा था, लेकिन घटना के बाद वायरल हुए सुसाइड नोट नें सबाल खड़े कर दिये, वायरल सुसाइड नोट में लिखा की “हम प्रमोद कुमार टीवी का मरीज हूँ, मुझे हर दिन पुलिस परेशान करती है, हमारे तीर खाने को भी नही है, पुलिस के दबाब के वजह से हम आत्महत्या कर रहे हैं| हम प्रमोद मना नगला” सुसाइड नोट ने घटना को लेकर पुलिस पर सबाल खड़े कर दिये| पुलिस का पक्ष जानने के लिए थानाध्यक्ष का सीयूजी नम्बर कई फोन करने के बाद नही उठा| मामले में फोन करने पर सीओ कायमगंज का स्वीच ऑफ मिला| एएसपी अरुण कुमार नें बताया की मृतक के खिलाफ साल 2019 से एक मामला आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज था, जो न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमे मृतक प्रमोद हाजिर नही हो रहा था| जिसके चलते उसके खिलाफ 82 व 83 का नोटिस भी जारी किया था| बीते 19 दिसम्बर को थाना मेरापुर पुलिस कार्यवाही के लिए घर पर गयी थी| लेकिन वह फरार थे| जाँच में पता चला की मृतक लिखना पढ़ना नही जानता था| पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए किसी नें सुसाइड नोट वायरल किया है| परिजनों नें किसी प्रकार की कोई शिकायत इस नही की है| वायरल किये गये सुसाइड नोट की भी जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी|