फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मोहम्मदाबाद में संविदा पर तैनात रहे सहायक लेखाकार विवेक कुमार के मामले में अधिकारी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अभद्र व्यवहार की लगातार शिकायतों और अधिकारियों की आख्या के आधार पर कार्यदायी संस्था ने अगस्त माह में ही उसकी संविदा समाप्त कर दी थी। इसके बाद से विवेक कुमार कार्यालय नहीं आया, लेकिन उसके कब्जे वाली अलमारी में कार्यालय के कई अहम दस्तावेज, चेक बुक और आवश्यक अभिलेख आज भी बंद पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि
संविदा समाप्त हुए लगभग पांच माह बीत चुके हैं, इसके बावजूद अब तक अलमारी का ताला नहीं खुलवाया जा सका है।
अलमारी बंद होने के कारण कार्यालय के कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भुगतान, लेखा-जोखा और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगातार बाधा आ रही है, जिससे न केवल कर्मचारियों को परेशानी हो रही है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर से अधिक पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया। बावजूद इसके, उच्च स्तर से कोई ठोस निर्णय या निर्देश जारी नहीं किए गए।खंड शिक्षा अधिकारी ने नवागंतुक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह के जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी इस मामले की विस्तृत जानकारी दी थी। इसके अलावा बीच में एक बार फिर मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया। दो दिन पूर्व ही खंड शिक्षा अधिकारी ने जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी के व्हाट्सएप पर भी संबंधित पत्र और जानकारी साझा की, लेकिन उसके बाद भी अलमारी खुलवाने अथवा दस्तावेज सुरक्षित कराने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
इस पूरे मामले ने विभागीय लापरवाही और निर्णयहीनता को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब संविदा समाप्त हो चुकी है और संबंधित व्यक्ति कार्यालय से नाता तोड़ चुका है, तो फिर सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित करने में देरी क्यों की जा रही है। अधिकारी कार्रवाई से क्यों कतरा रहे हैं, यह समझ से परे है। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो इससे न केवल विभागीय कार्य और अधिक प्रभावित होंगे, बल्कि भविष्य में किसी बड़े नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आखिर अलमारी का ताला तुड़वाने से क्यों कतरा रहे हैं अधिकारी ?
श्री दुर्वाषा ऋषि आश्रम में भव्य भंडारे का आयोजन, लाखों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)परम संत ऋषि दुर्वासा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पांचाल घाट स्थित आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया| जिसमे लाखों की संख्या में श्रद्धालू पंहुचे और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया| इसके साथी हजारों संतों नें भी आश्रम में पंहुच प्रसाद पाया, जिन्हें दक्षिणा देकर सम्मान सहित विदा किया गया|
प्रतिवर्ष की भांति श्री दुर्वाषा आश्रम में महंत पीठाधीश्वर ईश्वर दास महाराज (ब्रह्मचारी) के
नेतृत्व में भंडारे का आयोजन हबन-पूजन के साथ शुरू हुआ| सबसे पहले साधू-संतों को भंडारे का प्रसाद परोसा गया| मेला रामनगरिया की
हलचल के बीच आयोजित भंडारे में संतों की संख्या में भी इजाफा नजर आया| इसके बाद आम श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया| भंडारा अनवरत देर शाम तक चलेगा| महंत ईश्वर दास महाराज नें बताया की इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत नें भी भंडारे में पंहुच प्रसाद ग्रहण कर
आशीर्वाद लिया| इस दौरान सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्यक्ष पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहीं|भास्कर दत्त द्विवेदी सर्जन डॉ. रोहित तिवारी हिन्दू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, सौरभ मिश्रा, डॉ. अविनाश पाण्डेय शिवम दुबे, अनूप मिश्रा, डॉ. राघवेन्द्र अग्निहोत्री, नारायण दत्त द्विवेदी, आदित्य दीक्षित, मुनीश
चन्द्र मिश्रा,फेम व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा, सेन्ट्रल जेल व्यापार मंडल अध्यक्ष योगेश गुप्ता, जिला महामंत्री संजीब त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित मिश्रा, राजेश पाठक, देवेन्द्र सक्सेना (मांझी), अंकित दुबे, डॉ. शैलेश राजपूत,कादरी गेट व्यापार मंडल अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता, संजीब गुप्ता,मनोज दीक्षित, सर्जन डॉ. रोहित तिवारी,बाबी दुबे, सुरेन्द्र पाण्डेय, दीपक मिश्रा, अंकित तिवारी, अभिषेक वाजपेयी,रानू दीक्षित, बीजेपी महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबिता पाठक, राजीव अग्निहोत्री,महेश पाल सिंह (उपकारी) वैभव सोमबंशी, अजय दुबे अज्जू, नितिन भारद्वाज आदि प्रमुख रूप से व्यवस्था में रहे|
बर्चस्व की जंग में फंसा संगठन, बड़ी संख्या में राष्ट्रीय बजरंग दल पदाधिकारियों का इस्तीफा
फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब बड़ी संख्या में पदाधिकारियों नें संगठन से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का कारण संगठन के कुछ उच्च पदाधिकारियों की गलत कार्यशैली, भ्रामक सूचनाएं ऊपर तक पहुंचाना तथा हिंदूवादी व गौरक्षा जैसे कार्यों में जानबूझकर अवरोध उत्पन्न करना बताया। लेकिन संगठन में आपसी खींचतान व बर्चस्व को
भीं अहम मना जा रहा हैं| मिली जानकारी के मुताबिक लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त था और स्थिति कहीं विद्रोह का रूप न ले ले, इसी को देखते हुए उन्होंने सामूहिक इस्तीफे का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि हाल ही में शहर में निकाली गई सनातन हिंदू राष्ट्रपति यात्रा के बाद संगठन के भीतर विवाद गहराने लगा था। यात्रा के दौरान गुटबाजी और आपसी वर्चस्व की लड़ाई भी खुलकर सामने आई
थी, जिससे संगठन की स्थिति ज्वलंत हो गई।
इस्तीफा देने वालों में प्रमुख रूप से आनंद प्रकाश गुप्ता उर्फ मुन्ना, जिला महामंत्री सनी गुप्ता, गौतम कुमार, अनूप सक्सेना, उमाशंकर गुप्ता, शिवम गुप्ता, सुमित गुप्ता, विनीत वाजपेयी, आजाद चंद्रशेखर तिवारी, ईशु दीक्षित, सागर गुप्ता, पंकज राठौर, प्रिंस गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, शुभम शर्मा, दीपक कुमार, अनुज गुप्ता, नितिन गुप्ता, अमित कुशवाह, मोनू दुबे, दीपक राठौड़, आशीष राजपूत, लवी सैनी, इशू दिवाकर, अमन यादव, रवि गुप्ता, अतुल गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हैं।
प्रेरणा पोर्टल में हाजिरी से छेड़छाड़ का मामला उजागर, सिस्टम की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा प्रेरणा पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से जनपद के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विद्यालय में आने और जाने की सेल्फी आधारित हाजिरी दर्ज की जाती है। साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की दैनिक उपस्थिति भी इसी पोर्टल पर अंकित की जाती है।
प्रेरणा पोर्टल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में मनमानी पर रोक लगाना और जवाबदेही तय करना है। किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को यदि अवकाश लेना होता है तो उसे ऑनलाइन आवेदन करना होता है, जिसे संबंधित उच्चाधिकारी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकृत करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बताया गया था।
हालांकि अब प्रेरणा पोर्टल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कुछ कर्मचारियों द्वारा पोर्टल में कथित रूप से छेड़छाड़ कर मनमर्जी से हाजिरी लगाने के तरीके अपनाए जाने की बात सामने आई है। ऐसा ही एक मामला कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कमालगंज से उजागर हुआ है, जिसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
विद्यालय में कार्यरत चपरासी रूपाली गुप्ता की 29 दिसंबर, सोमवार की पोर्टल हाजिरी चर्चा का विषय बनी हुई है। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने
सोमवार भोर में ही विद्यालय पहुंचने की हाजिरी दर्ज कर दी, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसी दिन और उसी तारीख में उन्होंने विद्यालय से वापस जाने की हाजिरी सोमवार भोर में दर्ज कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रेरणा पोर्टल ने इस असामान्य और संदिग्ध हाजिरी को बिना किसी आपत्ति के स्वीकार भी कर लिया।
इस प्रकरण ने प्रेरणा पोर्टल की निगरानी व्यवस्था और तकनीकी मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि कर्मचारी बिना वास्तविक रूप से विद्यालय पहुंचे ही हाजिरी दर्ज कर सकते हैं, तो पोर्टल का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो जाता है।जनपद में कमालगंज, राजेपुर , शमशाबाद, कायमगंज और नवाबगंज में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्व नाथ प्रताप सिंह ने जेएनआई न्यूज को बताया की यह मामला को गंभीर बताते हुए कहा है, कि पोर्टल से छेड़छाड़ एक गंभीर विषय है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा निदेशक और बीएसए के आदेशों में भिन्नता, शिक्षकों में असमंजस
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के चलते शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश द्वारा 28 दिसंबर 2025 को कक्षा 1 से 12 तक के समस्त परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय एवं अन्य सभी बोर्डों के विद्यालयों में 29 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से छात्रहित और मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए इन तिथियों में पूर्ण अवकाश का निर्देश दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद द्वारा उसी दिन जारी कार्यालय आदेश ने शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। बीएसए कार्यालय के आदेश के अनुसार जनपद के समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों, परिषदीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों (आईसीएसई/सीबीएसई बोर्ड) में केवल 29 और 30 दिसंबर 2025 को छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर निर्वाचन कार्य (एसआईआर), विभागीय
कार्य एवं उच्चाधिकारियों से प्राप्त अन्य आदेशों का अनुपालन करेंगे।
दोनों आदेशों की तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा निदेशक के आदेश में 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक अवकाश का उल्लेख है, जबकि जिला स्तर पर जारी आदेश में छात्रों के लिए अवकाश की अवधि कम कर दी गई है और शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसी विरोधाभास के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि उन्हें उच्च स्तरीय आदेश का पालन करना है या जिला स्तर के निर्देशों का।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब शिक्षा निदेशक का स्पष्ट आदेश मौजूद है तो जिला स्तर पर अलग निर्देश जारी करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की है कि स्थिति स्पष्ट करते हुए एक समान निर्देश जारी किए जाएं, ताकि अनावश्यक असमंजस समाप्त हो और आदेशों का एकरूपता के साथ पालन हो सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जेएनआई बताया कि उन्होंने जनपद स्तर से आदेश पहले जारी कर दिया था, शिक्षा निदेशक का आदेश बाद में आया है इसलिए विद्यालय में उन शिक्षकों का अवकाश के दिन स्कूल जाना अनिवार्य है जिनका या तो कोई शासकीय या विभागीय कार्य अपूर्ण है |
मेला रामनगरिया में 30 विभागों के 40 स्टॉलों से मिलेगी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)कलेक्ट्रेट सभागार में 3 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले श्री रामनगरिया मेले के अंतर्गत लगने वाली विकास प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास प्रदर्शनी में जो भी
विभाग अपना स्टॉल लगाएगा, वह बिना पूर्व अनुमति के स्टॉल खाली नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विकास प्रदर्शनी का उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाना है, इसलिए सभी विभाग पूरी गंभीरता से सहभागिता सुनिश्चित करें।
बताया गया कि इस वर्ष विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ मेले के साथ ही 03 जनवरी 2026 को किया जाएगा। प्रदर्शनी में कुल 30 विभागों के
40 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आम लोगों को दी जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार आदि अधिकारी उप रहे।
मंडी में मंदी का असर, किसान ने आलू की खड़ी फसल जोती
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)सातनपुर मंडी में आलू की खरीद-फरोख्त 301 से 481 रुपये प्रति कुंतल के बीच हुई। अधिकांश खरीदारी इन्हीं दरों पर होने से किसानों में निराशा देखी गई। आलू में घोर मंदी के चलते कई किसानों ने खुदाई रोक दी, जिसके कारण शनिवार की तुलना में मंडी की आमद में सोमवार कमी आई और आज मंडी में करीब 100 मोटर ही आलू पहुंच सका।
कम कीमतों से आहत किसानों की पीड़ा उस समय सामने आई जब मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम नदसा निवासी किसान अमरजीत ने अपने खेत में खड़ी लगभग दो बीघा आलू की फसल को ट्रैक्टर से जोत दिया। किसान का कहना है कि वर्तमान कीमतों में आलू बेचने पर लागत भी नहीं निकल पा रही, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
किसान अमरजीत ने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि मंडी में आलू के दाम बेहद कम मिल रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि आलू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और वे आर्थिक दबाव में आकर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर न हों।


सांसद रमेश अवस्थी के काफिले की गाड़ियां दुर्घटना ग्रस्त
फर्रुखाबाद:(कमालगंज संवाददाता) कानपुर से फर्रूखाबाद आ रहे सांसद रमेश अवस्थी के काफिले की कुछ गाड़ियाँ टकरा गयीं, जिससे लगभग दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयी| पुलिस नें मौके पर आकर जाँच पड़ताल की|
दरअसल सोमवार को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी का काफिला कानपुर से फर्रुखाबाद की तरफ आ रहा था| उसी दौरान कमालगंज के जनता इंटर कालेज के निकट अचानक ब्रेक लगने से लगभग तीन गाडियां आपस में ही टकरा गयीं, जिससे एक गाड़ी काफी दुर्घटना ग्रस्त हो गयी| सूचना पर थाना प्रभारी राजीव कुमार दल-बल के साथ मौके पर आ गये और उन्होंने जाँच पड़ताल की| किसी कार चालक ने कोई शिकायत पुलिस में नही की| थानाध्यक्ष नें बताया की वह मौके पर गये थे लेकिन उनका आपसी मामला होनें के चलते किसी नें भी पुलिस से शिकायत नही की| किसी व्यक्ति के कोई चोट नही लगी| 
झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से बालक की मौत, पिता ने लगाया गंभीर आरोप
फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) थाना क्षेत्र के गांव पश्चिमी अमैयापुर में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन से एक 5 वर्षीय बालक की मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक के पिता ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
मृतक के पिता मिथिलेश ने बताया कि उनका 5 वर्षीय पुत्र हार्दिक सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। मंगलवार शाम करीब 7 बजे वह गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर बबलू के पास दवा लेने गया, जहां डॉक्टर ने बिना
जांच के बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया। घर लौटने के कुछ देर बाद ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।
रात करीब 9 बजे दोबारा डॉक्टर के पास ले जाने पर उसने बच्चे को फर्रुखाबाद ले जाने की सलाह दी। परिजन आनन-फानन में बच्चे को लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक हार्दिक कक्षा केजी में एक प्राइवेट स्कूल, सिंगाई ईशुपुर जिला शाहजहांपुर में पढ़ता था। मां बबली का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कहती रही कि मामूली सर्दी-जुकाम में उसकी जान चली गई।
परिजनों ने बताया कि आरोपी झोलाछाप डॉक्टर बबलू रतनपुर पमारन में अवैध रूप से अस्पताल चला रहा था। कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा छापेमारी की गई, लेकिन वह हर बार अस्पताल बंद कर फरार हो जाता था। घटना के बाद भी डॉक्टर मौके से भाग निकला, अस्पताल पर ताला लटका मिला। दादी राजवती और बाबा मुन्ना ने बताया कि हार्दिक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई सिद्धार्थ और छोटे भाई सैनिक का भी रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई की, जो रवि सोलंकी द्वारा संपन्न कराई गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष मोनू शाक्य ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में घने कोहरे और शीत लहर का प्रकोप जारी,कई जिलो में भीषण ठण्ड का अलर्ट जारी
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण ठंड लोगों की कंपकंपी छुड़ा रही है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और वहां से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के साथ घना कोहरा लोगों की मुश्किलो को और बढ़ा रहा है। माैसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले तीन दिनों तक इस गलन और कोहरे से राहत की संभावना नहीं है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलो में कड़ाके की ठंड का अलर्ट भी जारी किया है| मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के लखनऊ,श्रावस्ती,बहराइच,लखीमपुर खीरी,सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद,कन्नौज,कानपुर नगर,उन्नाव,बाराबंकी,रायबरेली,आगरा, फिरोजाबाद,मैनपुरी,इटावा,औरैया,बिजनौर,मुरादाबाद,रामपुर,बरेली, पीलीभीत,शाहजहांपुर,बदायूं,प्रयागराज,फतेहपुर,प्रतापगढ़,वाराणसी,संत रविदास नगर,जौनपुर, गोरखपुर,संत कबीर नगर,बस्ती,कुशीनगर,महाराजगंज,सिद्धार्थनगर, गोंडा,बलरामपुर के साथ आसपास इलाकों में सोमवार को शीत दिवस की संभावना है।
मुख्य रूप से शीतलहर का नकारात्मक प्रभाव वृद्धजनों एवं 5 वर्ष के छोटे बच्चों पर अधिक होता है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, दीर्धकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए भी शीतलहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। शीत ऋतु में शीत-घात (शीत लहर) में जन सामान्य को सलाह – स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया द्वारा जा रही जानकारी का अनुसरण करें। पर्याप्त मात्रा मेें गर्म कपड़े पहनें। नियमित रूप से गर्म पेय पीते रहें|



